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ठेकेदार ने चार साथियों के साथ मिलकर की थी राजमिस्त्री की हत्या
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नौगांवा सादात। राजमिस्त्री हत्याकांड का नौगांवा पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने नामजद ठेकेदार सहित पांच दोस्तों को गिरफ्तार कर जेल दिया। सभी ने योजनाबद्ध तरीके से राजमिस्त्री की गला दबाकर हत्या की थी। हत्या का कारण रुपयों का विवाद और महिला पर बुरी नियत रखना सामने आया है। आरोपियों ने शव को धनौरा के अख्तयारपुर स्थित नहर में फेंक दिया था।
हत्याकांड का खुलासा करते हुए नौगांवा इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने बताया कि पृथ्वीपुर सराय निवासी राजमिस्त्री सुनील कुमार दो जुलाई को लापता हो गया था। पांच जुलाई को उसका शव मंडी धनौरा थानाक्षेत्र के गांव मिलक अख्तियारपुर के पास रामगंगा पोषक नहर से बरामद हुआ था। पत्नी छोटी ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करा रखी थी। धनौरा पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। जबकि गुमशुदगी को हत्या में तरमीम कर नौगांवा पुलिस ने हत्याकांड की जांच की। परिजनों ने गांव निवासी जगदेव सिंह और अज्ञात पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी जगदेव को गिरफ्तार कर पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने उसके साथी राशिद, इस्तेकार, इरफान और रिफाकत को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान पांचों ने सुनील की हत्या करना कबूल कर लिया। इंस्पेक्टर आरपी शर्मा के मुताबिक राजमिस्त्री सुनील शराब पीने का आदि था। जबकि गांव निवासी जगदेव ठेकेदार है। जगदेव पर सुनील के कुछ रुपये रह गए थे। लेकिन, वह दे नहीं रहा था। इसलिए सुनील जगदेव को झूठे एससीएसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी देता था। सुनील शाम के समय गांव निवासी राशिद के घर आता-जाता था और उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता था। लिहाजा सभी आरोपियों ने मिलकर सुनील की सबक सिखाने के लिए हत्या की पटकथा लिख डाली। दो जुलाई को सुनील को पहले शराब पिलाई और राशिद के निर्माणाधीन मकान में गमछे से गला घोट कर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी रिफाकत की पिकअप में शव रखकर धनौरा क्षेत्र में ले गए और शव नहर में फेंक दिया था। पुलिस ने पिकअप बरामद करने के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
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हत्याकांड का खुलासा करते हुए नौगांवा इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने बताया कि पृथ्वीपुर सराय निवासी राजमिस्त्री सुनील कुमार दो जुलाई को लापता हो गया था। पांच जुलाई को उसका शव मंडी धनौरा थानाक्षेत्र के गांव मिलक अख्तियारपुर के पास रामगंगा पोषक नहर से बरामद हुआ था। पत्नी छोटी ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करा रखी थी। धनौरा पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। जबकि गुमशुदगी को हत्या में तरमीम कर नौगांवा पुलिस ने हत्याकांड की जांच की। परिजनों ने गांव निवासी जगदेव सिंह और अज्ञात पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी जगदेव को गिरफ्तार कर पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने उसके साथी राशिद, इस्तेकार, इरफान और रिफाकत को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान पांचों ने सुनील की हत्या करना कबूल कर लिया। इंस्पेक्टर आरपी शर्मा के मुताबिक राजमिस्त्री सुनील शराब पीने का आदि था। जबकि गांव निवासी जगदेव ठेकेदार है। जगदेव पर सुनील के कुछ रुपये रह गए थे। लेकिन, वह दे नहीं रहा था। इसलिए सुनील जगदेव को झूठे एससीएसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी देता था। सुनील शाम के समय गांव निवासी राशिद के घर आता-जाता था और उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता था। लिहाजा सभी आरोपियों ने मिलकर सुनील की सबक सिखाने के लिए हत्या की पटकथा लिख डाली। दो जुलाई को सुनील को पहले शराब पिलाई और राशिद के निर्माणाधीन मकान में गमछे से गला घोट कर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी रिफाकत की पिकअप में शव रखकर धनौरा क्षेत्र में ले गए और शव नहर में फेंक दिया था। पुलिस ने पिकअप बरामद करने के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
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