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बेटी की गैर इरादतन हत्या में मां को चार साल कैद
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अमरोहा। बेटी की गैर इरादतन हत्या के मामले में जिला जज की अदालत ने मां को चार साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। गिरफ्तारी के बाद से ही दोषी मां जेल में बंद है, उसे जमानत नहीं मिली थी।
यह घटना डिडौली कोतवाली क्षेत्र में 13 दिसंबर 2018 की है। हाईवे स्थित सीएल गुप्ता फर्म की आवासीय कॉलोनी में सुपरवाइजर सुनील कुमार लतूड़ी का परिवार रहता था। उनके परिवार में पत्नी सुनीता के अलावा दो बेटी तनिष्का और सलोनी थे। घटना वाले दिन सुनील कुमार ड्यूटी पर फैक्टरी में थे जबकि घर में उनकी पत्नी और दोनों बेटियां थी। इस दौरान मां सुनीता ने अपनी 9 वर्षीय बेटी सलोनी के सिर में चिमटा मारकर लहूलुहान कर दिया था। गंभीर रूप से घायल सलोनी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पति सुनील कुमार ने अपनी पत्नी सुनीता के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। बेटी की गैर इरादतन हत्या में पुलिस ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तभी से वह जेल में बंद है।
यह मुकदमा जिला जज सैयद वाइज मियां की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह ने पैरवी की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने मां सुनीता को दोषी करार दिया और चार साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार का जुर्माना लगाया है।
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यह घटना डिडौली कोतवाली क्षेत्र में 13 दिसंबर 2018 की है। हाईवे स्थित सीएल गुप्ता फर्म की आवासीय कॉलोनी में सुपरवाइजर सुनील कुमार लतूड़ी का परिवार रहता था। उनके परिवार में पत्नी सुनीता के अलावा दो बेटी तनिष्का और सलोनी थे। घटना वाले दिन सुनील कुमार ड्यूटी पर फैक्टरी में थे जबकि घर में उनकी पत्नी और दोनों बेटियां थी। इस दौरान मां सुनीता ने अपनी 9 वर्षीय बेटी सलोनी के सिर में चिमटा मारकर लहूलुहान कर दिया था। गंभीर रूप से घायल सलोनी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पति सुनील कुमार ने अपनी पत्नी सुनीता के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। बेटी की गैर इरादतन हत्या में पुलिस ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तभी से वह जेल में बंद है।
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यह मुकदमा जिला जज सैयद वाइज मियां की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह ने पैरवी की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने मां सुनीता को दोषी करार दिया और चार साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार का जुर्माना लगाया है।
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