{"_id":"5fef85718ebc3e3c88226ca3","slug":"more-than-16-lakh-rupees-were-messed-up-in-gharont-means-cooperative-society-case-filed-against-secretary-jpnagar-news-mbd3746455176","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरोंट साधन सहकारी समिति में 16 लाख रुपये से अधिक का गड़बड़झाला, सचिव पर केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरोंट साधन सहकारी समिति में 16 लाख रुपये से अधिक का गड़बड़झाला, सचिव पर केस दर्ज
विज्ञापन
अमरोहा। स्टेट बैंक की मुख्य शाखा और प्रथमा बैंक में करोड़ों के घोटाले के बाद अब घरोंट साधन सहकारी समिति में 16 लाख से अधिक का गड़बड़झाला सामने आया है। तत्कालीन सचिव पर नियम विरुद्ध तरीके से ब्याज के रूप में लाखों रुपये की क्षति पहुंचाने का आरोप है। ऋण में से 25 बकायेदारों का नाम बकाया सूची से हटाकर गबन को छिपाने का काम किया है। विभागीय जांच में करीब 16 लाख रुपये से अधिक का गबन सामने आया है। यह घोटाला तीन साल के भीतर किया गया है। अब जिला सहकारी बैंक हसनपुर के शाखा प्रबंधक की तरफ से सचिव के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की एफआईआर दर्ज कराई गई है।
रजबपुर थानाक्षेत्र के हाकमपुर गांव निवासी राजाराम शर्मा घरोंट साधन सहकारी समिति में बतौर सचिव तैनात रहे हैं। बताते हैं उनकी तैनाती वर्ष 2012 में हुई थी। वर्तमान में वह जयतौली सहकारी समिति में तैनात है। लेकिन उनके कार्यकाल में वर्ष 2018 तक बड़ा गड़बड़झाला किया गया है। मुख्यालय द्वारा इसकी जांच कराई गई। करीब 20 महीने चली जांच में कमेटी ने सचिव को दोषी पाया है। टीम ने 13 पन्नों की जांच रिपोर्ट विभागीय मुख्यालय को प्रेषित की, जिसके आधार पर 17 दिसंबर को मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए थे।
आरोप के मुताबिक तत्कालीन सचिव राजाराम शर्मा ने समिति सदस्यों से नियमानुसार 5,64,810 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त कर कैश रसीद जारी कर धन का गबन किया है। इसके अलावा 19 किसानों से 86580 हजार रुपये की धनराशि गबन की है। घोटाले की जानकारी आरोपी सचिव द्वारा जमा किए गए धनराशि बाउचरों से हुई। इस बीच सचिव द्वारा नगद उर्वरक बिक्री की चार रसीदें निर्गत कर निरस्त की गई थीं। आरोपी सचिव पर संबंधित समिति का उर्वरक सांभर गोदाम का चार्ज भी था, जिसमें उसने नगद उर्वरक बिक्री की कैश रसीदों जिसकी कुल धनराशि 6,85,501 को निरस्त किया गया, जो वित्तीय अनियमितता कर धनराशि का अस्थायी गबन किए जाने की पुष्टि करता है। समिति के सदस्यों के खाते में 69609 रुपये ब्याज वसूल कर तथ्य को छिपाते हुए समिति को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। ऋण में से 25 बकायेदारों का नाम गबन के उद्देश्य से छिपाकर बकाया सूची से हटा दिए गए थे। कुल 16,33,475 लाख से अधिक का गबन किया गया। जबकि 1362958 रुपये विभिन्न तिथियों में जमा किए गए हैं। जबकि 270570 रुपये की धनराशि बकाया है। अब पुलिस की जांच में गबन का आंकड़ा बढ़ सकता है। इस दौरान मामले में विभागीय अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते दिखे।
विज्ञापन
मुरादाबाद जिला सहकारी बैंक शाखा के प्रबंधक धर्मेंद्र सिंह की तहरीर पर तत्कालीन सचिव राजाराम के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अरविंद कुमार, इंस्पेक्टर रजबपुर थाना
विज्ञापन
रजबपुर थानाक्षेत्र के हाकमपुर गांव निवासी राजाराम शर्मा घरोंट साधन सहकारी समिति में बतौर सचिव तैनात रहे हैं। बताते हैं उनकी तैनाती वर्ष 2012 में हुई थी। वर्तमान में वह जयतौली सहकारी समिति में तैनात है। लेकिन उनके कार्यकाल में वर्ष 2018 तक बड़ा गड़बड़झाला किया गया है। मुख्यालय द्वारा इसकी जांच कराई गई। करीब 20 महीने चली जांच में कमेटी ने सचिव को दोषी पाया है। टीम ने 13 पन्नों की जांच रिपोर्ट विभागीय मुख्यालय को प्रेषित की, जिसके आधार पर 17 दिसंबर को मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
आरोप के मुताबिक तत्कालीन सचिव राजाराम शर्मा ने समिति सदस्यों से नियमानुसार 5,64,810 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त कर कैश रसीद जारी कर धन का गबन किया है। इसके अलावा 19 किसानों से 86580 हजार रुपये की धनराशि गबन की है। घोटाले की जानकारी आरोपी सचिव द्वारा जमा किए गए धनराशि बाउचरों से हुई। इस बीच सचिव द्वारा नगद उर्वरक बिक्री की चार रसीदें निर्गत कर निरस्त की गई थीं। आरोपी सचिव पर संबंधित समिति का उर्वरक सांभर गोदाम का चार्ज भी था, जिसमें उसने नगद उर्वरक बिक्री की कैश रसीदों जिसकी कुल धनराशि 6,85,501 को निरस्त किया गया, जो वित्तीय अनियमितता कर धनराशि का अस्थायी गबन किए जाने की पुष्टि करता है। समिति के सदस्यों के खाते में 69609 रुपये ब्याज वसूल कर तथ्य को छिपाते हुए समिति को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। ऋण में से 25 बकायेदारों का नाम गबन के उद्देश्य से छिपाकर बकाया सूची से हटा दिए गए थे। कुल 16,33,475 लाख से अधिक का गबन किया गया। जबकि 1362958 रुपये विभिन्न तिथियों में जमा किए गए हैं। जबकि 270570 रुपये की धनराशि बकाया है। अब पुलिस की जांच में गबन का आंकड़ा बढ़ सकता है। इस दौरान मामले में विभागीय अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते दिखे।
विज्ञापन
मुरादाबाद जिला सहकारी बैंक शाखा के प्रबंधक धर्मेंद्र सिंह की तहरीर पर तत्कालीन सचिव राजाराम के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अरविंद कुमार, इंस्पेक्टर रजबपुर थाना