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Amroha News: जिला समन्वयक के हस्ताक्षर स्कैन कर फर्जीवाड़ा करने वाले एमआईएस की सेवा समाप्त
Fri, 02 Jun 2023 01:24 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 02 Jun 2023 01:24 AM IST
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जिला समन्वयक के हस्ताक्षर स्कैन कर फर्जीवाड़ा करने वाले एमआईएस की सेवा समाप्त
जिला समन्वयक के हस्ताक्षर स्कैन कर फर्जीवाड़ा करने वाले एमआईएस की सेवा समाप्त
- कौशल विकास मिशन के डीसी के फर्जी हस्ताक्षर करने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
अमरोहा। लखनऊ में बैठे कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक शिवकुमार शर्मा के फर्जी हस्ताक्षर करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। हस्ताक्षर स्कैन करके फर्जीवाड़ा करने वाले एमआईएस (प्रबंधक) की सेवा समाप्त कर दी गई है। विभागीय कार्रवाई के बाद कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।
सरकार कौशल विकास मिशन के अंतर्गत युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को ड्रेस वितरण व अन्य सामान भी उपलब्ध कराया जाता है। इन प्रशिक्षण केंद्रों का अनुमोदन, बैच अनुमोदन, वर्दी वितरण का सत्यापन, बैच संचालन की पुष्टि तथा मूल्यांकन की सूचना मिशन के जिला समन्वयक को उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन, दफ्तर के कर्मचारी इसमें खेल कर रहे हैं। कुछ दिन पहले मिशन कार्यालय के कर्मचारियों ने डीसी के फर्जी साइन से प्रशिक्षण प्रदाता कंपनी व सेंटर के सत्यापन के लिए स्वयं को नामित कर लिया। जब इसकी प्रति डीसी को मिली तो उनके होश उड़ गए। वह लखनऊ में थे और आदेश पर उनके हस्ताक्षर थे। जिसके बाद जिला समन्वयक ने कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए सभी का स्पष्टीकरण तलब किया। इस दौरान सामने आया कि एमआईएस आशीष कुमार ने इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था। डीसी के हस्ताक्षर स्कैन करके उसी ने आदेश बनाया था। चूंकि आशीष कुमार संस्था के द्वारा नियुक्त थे। इसके लिए डीसी के रिपोर्ट के आधार पर एमआईएस आशीष कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
16 प्रशिक्षण प्रदाता में 700 युवक व युवतियां ले रहे प्रशिक्षण
जिले में 16 प्रशिक्षण प्रदाता हैं। इनमें मदीहा एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी, सिटी पब्लिक स्कूल समिति, भारत माता वेलफेयर फाउंडेशन, नेशनल इंस्टीट्यूट आफ ज्वैलरी टेक्नोलाजी प्रोजेक्ट प्रवीन, भारत माता वेलफेयर फाउंडेशन प्रोजेक्ट प्रवीन, रिलाइवल वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट प्रा.लि. इंफोरमेशन टेक्नोलाजी मैनेजमेंट सोसाइटी, फ्यूजोन इ सिस्टम प्रा. लि., स्किल डवलपमेंट सोसाइटी, यसीस्ट मार्केटिंग प्रा.लि., नक्स वेंचर प्रा. लि., एकादांता एजुकेशनल ट्रेस्ट, मैगोमेट्रिक्स प्रा.लि., नेशनल एजुकेशन सोसाइटी प्रोजेक्ट प्रवीन, मदीहा एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी प्रोजेक्ट प्रवीन शामिल हैं। इनमें तकरीबन 700 युवक व युवतियां प्रशिक्षण ले रहे हैं।
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जनपद में दो एमआईएस तैनात हैं। दोनों के काम अलग-अलग हैं। मैं लखनऊ में था तभी एमआईएस आशीष कुमार ने हस्ताक्षर स्कैन करके फर्जी आदेश में प्रशिक्षण प्रदाता कंपनी व सेंटर के सत्यापन के लिए स्वयं को नामित कर लिया था। एमआईएस संस्था के द्वारा एक साल के अनुबंध पर था। उसके द्वारा की गई गड़बड़ी की रिपोर्ट संबंधित कंपनी को भेजी गई। जिसके आधार पर उसकी सेवा समाप्त कर दी गई है।-एसके शर्मा डीसी कौशल विकास मिशन अमरोहा/ प्रिंसिपल आरटीआई केशोपुर-
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जिला समन्वयक के हस्ताक्षर स्कैन कर फर्जीवाड़ा करने वाले एमआईएस की सेवा समाप्त
- कौशल विकास मिशन के डीसी के फर्जी हस्ताक्षर करने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
अमरोहा। लखनऊ में बैठे कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक शिवकुमार शर्मा के फर्जी हस्ताक्षर करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। हस्ताक्षर स्कैन करके फर्जीवाड़ा करने वाले एमआईएस (प्रबंधक) की सेवा समाप्त कर दी गई है। विभागीय कार्रवाई के बाद कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।
सरकार कौशल विकास मिशन के अंतर्गत युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को ड्रेस वितरण व अन्य सामान भी उपलब्ध कराया जाता है। इन प्रशिक्षण केंद्रों का अनुमोदन, बैच अनुमोदन, वर्दी वितरण का सत्यापन, बैच संचालन की पुष्टि तथा मूल्यांकन की सूचना मिशन के जिला समन्वयक को उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन, दफ्तर के कर्मचारी इसमें खेल कर रहे हैं। कुछ दिन पहले मिशन कार्यालय के कर्मचारियों ने डीसी के फर्जी साइन से प्रशिक्षण प्रदाता कंपनी व सेंटर के सत्यापन के लिए स्वयं को नामित कर लिया। जब इसकी प्रति डीसी को मिली तो उनके होश उड़ गए। वह लखनऊ में थे और आदेश पर उनके हस्ताक्षर थे। जिसके बाद जिला समन्वयक ने कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए सभी का स्पष्टीकरण तलब किया। इस दौरान सामने आया कि एमआईएस आशीष कुमार ने इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था। डीसी के हस्ताक्षर स्कैन करके उसी ने आदेश बनाया था। चूंकि आशीष कुमार संस्था के द्वारा नियुक्त थे। इसके लिए डीसी के रिपोर्ट के आधार पर एमआईएस आशीष कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
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16 प्रशिक्षण प्रदाता में 700 युवक व युवतियां ले रहे प्रशिक्षण
जिले में 16 प्रशिक्षण प्रदाता हैं। इनमें मदीहा एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी, सिटी पब्लिक स्कूल समिति, भारत माता वेलफेयर फाउंडेशन, नेशनल इंस्टीट्यूट आफ ज्वैलरी टेक्नोलाजी प्रोजेक्ट प्रवीन, भारत माता वेलफेयर फाउंडेशन प्रोजेक्ट प्रवीन, रिलाइवल वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट प्रा.लि. इंफोरमेशन टेक्नोलाजी मैनेजमेंट सोसाइटी, फ्यूजोन इ सिस्टम प्रा. लि., स्किल डवलपमेंट सोसाइटी, यसीस्ट मार्केटिंग प्रा.लि., नक्स वेंचर प्रा. लि., एकादांता एजुकेशनल ट्रेस्ट, मैगोमेट्रिक्स प्रा.लि., नेशनल एजुकेशन सोसाइटी प्रोजेक्ट प्रवीन, मदीहा एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी प्रोजेक्ट प्रवीन शामिल हैं। इनमें तकरीबन 700 युवक व युवतियां प्रशिक्षण ले रहे हैं।
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जनपद में दो एमआईएस तैनात हैं। दोनों के काम अलग-अलग हैं। मैं लखनऊ में था तभी एमआईएस आशीष कुमार ने हस्ताक्षर स्कैन करके फर्जी आदेश में प्रशिक्षण प्रदाता कंपनी व सेंटर के सत्यापन के लिए स्वयं को नामित कर लिया था। एमआईएस संस्था के द्वारा एक साल के अनुबंध पर था। उसके द्वारा की गई गड़बड़ी की रिपोर्ट संबंधित कंपनी को भेजी गई। जिसके आधार पर उसकी सेवा समाप्त कर दी गई है।-एसके शर्मा डीसी कौशल विकास मिशन अमरोहा/ प्रिंसिपल आरटीआई केशोपुर-