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Amroha News: मशीनें न स्टाफ, कैसे मिले मरीजों को इलाज
Tue, 15 Oct 2024 02:40 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 15 Oct 2024 02:40 AM IST
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नौगांवा सादात। सीएचसी स्तर पर मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलने के दावे नौगांवा सादात में हवाई साबित हो रहे हैं। आलम यह है कि दांत के डॉक्टर तो हैं, लेकिन मरीजों के इलाज के लिए डेंटल चेयर नहीं है। वहीं, एक्स रे मशीन है तो उसे चलाने के लिए टेक्नीशियन तैनात नहीं है। जबकि, खून महत्वपूर्ण जांच भी यहां नहीं हो पा रही हैं। जिससे मरीजाें को यहां पर मात्र प्राथमिक उपचार ही मिल पा रहा है।
कस्बे के बाहरी छोप पर सीएचसी स्थित है। यहां कस्बे के अलावा आसपास के 20 से अधिक गांव के लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। लेकिन, समुचित उपचार व सुविधाएं न मिलने पर उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। कहने को यहां प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के अलावा फिजिशियन, महिला चिकित्सक, दंत चिकित्सक व लैब टेक्नीशियन की तैनाती है। लेकिन, मरीजों को फिर भी सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। यहां दंत चिकित्सक की तैनाती होने के बाद भी डेंटल चेयर उपलब्ध नहीं हो सकी है। ऐसे में जांच के नाम पर मरीजों को सिर्फ दवाई देकर ही भेज दिया जाता है। आरसीटी व अन्य सुविधाएं उन्हें नहीं मिल रही हैं। लंबे समय से यहां एक्स रे मशीन तो है, लेकिन उसे चलाने के लिए टेक्नीशियन की तैनाती नहीं है। ऐसे में हादसे या अन्य मामलों में घायल मरीजों को एक्स रे के लिए जिला अस्पताल व निजी अस्पताल की ओर रुख करना पड़ता है।
अस्पताल की लैब में रिजेंट के अभाव में मरीज की सीबीसी, एलएफटी, केएफटी व लिपिड प्रोफाइल जैसी अहम जांच नहीं हो पा रही हैं। थायराइड जांच पहले से ही नहीं हो पा रही है। ऐसे में मरीजों को सिर्फ डॉक्टरों से परामर्श लेकर ही काम चलाना पड़ रहा है। जांच के लिए मरीज को निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है।
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सीएचसी पर मात्र एक ही वार्ड बॉय है। जिससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। जबकि, सफाई कर्मियों की भी कमी है। एक सफाई कर्मी ही यहां तैनात है। जिससे कई बार यहां सफाई भी नहीं हो पाती है।
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कस्बे के बाहरी छोप पर सीएचसी स्थित है। यहां कस्बे के अलावा आसपास के 20 से अधिक गांव के लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। लेकिन, समुचित उपचार व सुविधाएं न मिलने पर उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। कहने को यहां प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के अलावा फिजिशियन, महिला चिकित्सक, दंत चिकित्सक व लैब टेक्नीशियन की तैनाती है। लेकिन, मरीजों को फिर भी सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। यहां दंत चिकित्सक की तैनाती होने के बाद भी डेंटल चेयर उपलब्ध नहीं हो सकी है। ऐसे में जांच के नाम पर मरीजों को सिर्फ दवाई देकर ही भेज दिया जाता है। आरसीटी व अन्य सुविधाएं उन्हें नहीं मिल रही हैं। लंबे समय से यहां एक्स रे मशीन तो है, लेकिन उसे चलाने के लिए टेक्नीशियन की तैनाती नहीं है। ऐसे में हादसे या अन्य मामलों में घायल मरीजों को एक्स रे के लिए जिला अस्पताल व निजी अस्पताल की ओर रुख करना पड़ता है।
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अस्पताल की लैब में रिजेंट के अभाव में मरीज की सीबीसी, एलएफटी, केएफटी व लिपिड प्रोफाइल जैसी अहम जांच नहीं हो पा रही हैं। थायराइड जांच पहले से ही नहीं हो पा रही है। ऐसे में मरीजों को सिर्फ डॉक्टरों से परामर्श लेकर ही काम चलाना पड़ रहा है। जांच के लिए मरीज को निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है।
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सीएचसी पर मात्र एक ही वार्ड बॉय है। जिससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। जबकि, सफाई कर्मियों की भी कमी है। एक सफाई कर्मी ही यहां तैनात है। जिससे कई बार यहां सफाई भी नहीं हो पाती है।