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नेत्रहीन किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद, 52 हजार का जुर्माना
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अमरोहा। नेत्रहीन किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम ने दोषी को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 52 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट का फैसला आते ही जमानत पर बाहर आए आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया।
धनौरा थाना क्षेत्र के एक गांव में 22 सितंबर 2017 की दोपहर एक बजे किशोरी गांव में ही अपने किसी परिचित के घर जा रही थी। इसी दौरान गांव निवासी राहुल किशोरी को खेत में बनी ट्यूबवेल की कोठरी में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के दौरान किशोरी ने राहुल को उसकी आवाज से पहचान लिया था। किसी तरह घर पहुंची किशोरी ने परिजनों को आपबीती सुनाई। पीड़िता के पिता ने आरोपी राहुल के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। फिलहाल आरोपी जमानत पर जेल से बाहर था।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट प्रथम) अवधेश कुमार सिंह की अदालत में चल रही थी। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने पैरवी की। उन्होंने आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिए जाने की मांग की। न्यायालय ने साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आरोपी राहुल को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 52 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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धनौरा थाना क्षेत्र के एक गांव में 22 सितंबर 2017 की दोपहर एक बजे किशोरी गांव में ही अपने किसी परिचित के घर जा रही थी। इसी दौरान गांव निवासी राहुल किशोरी को खेत में बनी ट्यूबवेल की कोठरी में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के दौरान किशोरी ने राहुल को उसकी आवाज से पहचान लिया था। किसी तरह घर पहुंची किशोरी ने परिजनों को आपबीती सुनाई। पीड़िता के पिता ने आरोपी राहुल के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। फिलहाल आरोपी जमानत पर जेल से बाहर था।
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मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट प्रथम) अवधेश कुमार सिंह की अदालत में चल रही थी। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने पैरवी की। उन्होंने आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिए जाने की मांग की। न्यायालय ने साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आरोपी राहुल को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 52 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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