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बुजुर्गों से छिनेगा असलहे का लाइसेंस
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Wed, 30 Nov 2016 12:05 AM IST
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चेहरे पर झुर्रियां और कंपकंपाते हाथ। ऐसे में चाहत असलहा रखने की, लेकिन अब ऐसे बुजुर्गों से असलहे व लाइसेंस दोनों ही छिनेंगे। एक ओर जहां 65 साल की उम्र वाले बुजुर्ग अपना असलहा रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग का फिटनेस सर्टिफिकेट देंगे, वहीं 70 साल के पार की उम्र वाले लोगों का असलहा वारिसान के नाम ट्रांसफर किया जाएगा। जनपद के करीब 110 बुजुर्ग इस कार्रवाई की जद में आएंगे। प्रशासन ने उनको सूचीबद्ध करने की कार्रवाई छेड़ दी है।
पहले जवानी में असलहा रखना शौक था, लेकिन अब रोजी रोटी का साधन बन गया है। तमाम लोग ऐसे हैं जो अभी भी शौक के लिए असलहे रखते हैं। युवाओं की छोड़िए बुढ़ापे में भी लोगों का मोह असलहे से भंग नहीं हो रहा है। कई लोगों की उम्र सत्तर साल से अधिक हो गई है, मगर उन्होंने अपना असलहा वारिसान को नहीं दिया है।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासन ने इस उम्र के तकरीबन 110 बुजुर्गों से लाइसेंस वारिसान के नाम कराने का फैसला लिया है। जल्द ही उनको प्रशासनिक अधिकारी पत्र भेजेंगे। इतना ही नहीं 65 साल की आयु वाले बुजुर्ग असलहा रखने लायक हैं या नहीं, इसका बाकायदा कार्यालय में सुबूत पेश करेंगे।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक 65 साल वाले बुजुर्गों से स्वास्थ्य विभाग का फिटनेस प्रमाण पत्र लिया जाएगा। अगर सर्टिफिकेट में असलहा रखने लायक कोई नहीं पाया जाता है तो उसका लाइसेंस भी वारिसान को दिया जाएगा। जल्द ही बुजुर्ग लाइसेंसधारकों की लिस्ट बनाई जाएगी, जिसके लिए प्रक्रिया चालू हो गई है।
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पहले जवानी में असलहा रखना शौक था, लेकिन अब रोजी रोटी का साधन बन गया है। तमाम लोग ऐसे हैं जो अभी भी शौक के लिए असलहे रखते हैं। युवाओं की छोड़िए बुढ़ापे में भी लोगों का मोह असलहे से भंग नहीं हो रहा है। कई लोगों की उम्र सत्तर साल से अधिक हो गई है, मगर उन्होंने अपना असलहा वारिसान को नहीं दिया है।
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हाईकोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासन ने इस उम्र के तकरीबन 110 बुजुर्गों से लाइसेंस वारिसान के नाम कराने का फैसला लिया है। जल्द ही उनको प्रशासनिक अधिकारी पत्र भेजेंगे। इतना ही नहीं 65 साल की आयु वाले बुजुर्ग असलहा रखने लायक हैं या नहीं, इसका बाकायदा कार्यालय में सुबूत पेश करेंगे।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक 65 साल वाले बुजुर्गों से स्वास्थ्य विभाग का फिटनेस प्रमाण पत्र लिया जाएगा। अगर सर्टिफिकेट में असलहा रखने लायक कोई नहीं पाया जाता है तो उसका लाइसेंस भी वारिसान को दिया जाएगा। जल्द ही बुजुर्ग लाइसेंसधारकों की लिस्ट बनाई जाएगी, जिसके लिए प्रक्रिया चालू हो गई है।