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अब नौगावां तगा में मिले तेंदुए के फुटमार्क, खलबली
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 01 Jan 2017 11:49 PM IST
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तेंदुए को पकड़ने को फैलाया जाल
- फोटो : अमर उजाला
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नौगावां सादात के गांव नौगावां तगा स्थिति आम के बाग में तेंदुए जैसे जंगली जानवर के फुटमार्क (पगचिह्न) मिलने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि पदचिह्न गीदड़ और कुत्तों के पंजे से काफी बड़े हैं। इसलिए तेंदुए की आशंका जताई जा रही है। क्षेत्र में पिछले काफी समय से तेंदुए का आतंक भी बताया जा रहा है। मामले की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। विभाग ने जांच कराने की बात कही है।
कस्बे के गांव नौगावां तगा में किसान याकूब अख्तर रविवार दोपहर अपने आम के बाग में घूमने गए थे। इस दौरान उन्होंने बाग की गीली मिट्टी में किसी बड़े जानवर के पैरों के निशान देखे। पगचिह्न गीदड़ और कुत्तों के पंजे से काफी बड़े थे। आसपास तेंदुआ होने की आशंका उनके अंदर घर कर गई और उन्होंने मामले की जानकारी अन्य किसानों को दी। सूचना पाकर मुंशी हसन मेहंदी और अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। पगचिह्नों को देख कर इसके तेंदुए की होने की आशंका जताई गई। क्योंकि इस क्षेत्र में जंगली कुत्ते और गीदड़ दिखाई देते रहते हैं। ये पगचिह्न उनके पैरों के निशान से काफी बड़ा हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र के गांव आसपास के गांव बसेड़ा तगा, बीलना, मोहनपुर शुमाली आदि में हमेशा तेंदुआ देखे जाने और कुत्तों आदि निवाला बनाने की सूचना सामने आती रहती हैं। बसेड़ा तगा स्थित नवोदय स्कूल के पास तो अक्सर तेंदुआ देखा जाता है। यहां तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया गया था, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली थी। मामले की जानकारी वन विभाग को दे दी गई है। तेंदुए की सूचना से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
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नौगावां तगा में तेंदुए की जानकारी नहीं मिली है, लेकिन यहां तेंदुआ होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि यहां गन्ने की खेती ज्यादा है। यहां उसे गीदड़ और कुत्ते के रूप में भोजन मिल जाता है। टीम भेजकर मौके पर जांच कराई जाएगी।-मो. उमर खां, प्रभागीय वन अधिकारी
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कस्बे के गांव नौगावां तगा में किसान याकूब अख्तर रविवार दोपहर अपने आम के बाग में घूमने गए थे। इस दौरान उन्होंने बाग की गीली मिट्टी में किसी बड़े जानवर के पैरों के निशान देखे। पगचिह्न गीदड़ और कुत्तों के पंजे से काफी बड़े थे। आसपास तेंदुआ होने की आशंका उनके अंदर घर कर गई और उन्होंने मामले की जानकारी अन्य किसानों को दी। सूचना पाकर मुंशी हसन मेहंदी और अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। पगचिह्नों को देख कर इसके तेंदुए की होने की आशंका जताई गई। क्योंकि इस क्षेत्र में जंगली कुत्ते और गीदड़ दिखाई देते रहते हैं। ये पगचिह्न उनके पैरों के निशान से काफी बड़ा हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र के गांव आसपास के गांव बसेड़ा तगा, बीलना, मोहनपुर शुमाली आदि में हमेशा तेंदुआ देखे जाने और कुत्तों आदि निवाला बनाने की सूचना सामने आती रहती हैं। बसेड़ा तगा स्थित नवोदय स्कूल के पास तो अक्सर तेंदुआ देखा जाता है। यहां तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया गया था, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली थी। मामले की जानकारी वन विभाग को दे दी गई है। तेंदुए की सूचना से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
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नौगावां तगा में तेंदुए की जानकारी नहीं मिली है, लेकिन यहां तेंदुआ होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि यहां गन्ने की खेती ज्यादा है। यहां उसे गीदड़ और कुत्ते के रूप में भोजन मिल जाता है। टीम भेजकर मौके पर जांच कराई जाएगी।-मो. उमर खां, प्रभागीय वन अधिकारी