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हमारी संस्कृति-सभ्यता सबसे ऊंची : हेमा
Mon, 24 Feb 2025 12:23 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 24 Feb 2025 12:23 AM IST
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रजबपुर चोटीपुरा गुरुकुल महाविद्यालय में हवन में आहूति देतीं सांसद हेमा मालिनी। संवाद
रजबपुर (अमरोहा)। बॉलीवड अभिनेत्री और मथुरा से सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि भारत की संस्कृति सभ्यता सबसे ऊंची है और ऐसी सभ्यता के बारे में सीखना सौभाग्य की बात है। रविवार को गुरुकुल चोटीपुरा महाविद्यालय पहुंचीं सांसद ने यह बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि चोटीपुरा गुरुकुल आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। वह रविवार को मुरादाबाद से दिल्ली जाते समय गुरुकुल पहुंची थीं। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे भारत की संस्कृति सभ्यता सबसे ऊंची है। ऐसी संस्कृति सभ्यता को यहां की कन्याएं सीख रही हैं, यह बड़े ही सौभाग्य की बात है।
सांसद ने गुरुकुल का भ्रमण भी किया। साथ ही हवन में आहुति दी। उन्होंने कहा कि यहां छात्राएं वेद, गीता आदि शास्त्रों के साथ शस्त्र विद्या का भी अध्ययन कर रही है। गुरुकुल की कन्याएं निश्चय से ही संपूर्ण विश्व में अपने देश का और अपने महाविद्यालय का नाम ऊंचा करेंगी। उन्होंने कहा कि गुरुकुल की छात्राएं अलग-अलग क्षेत्रों में महाविद्यालय का नाम रोशन कर रही हैं। इसके लिए वह बधाई की पात्र हैं। उन्होंने गुरुकुल संस्कृति की प्रशंसा की और आचार्या डॉ. सुमेधा को उनके इस कार्य के लिए धन्यवाद किया।
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उन्होंने कहा कि चोटीपुरा गुरुकुल आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। वह रविवार को मुरादाबाद से दिल्ली जाते समय गुरुकुल पहुंची थीं। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे भारत की संस्कृति सभ्यता सबसे ऊंची है। ऐसी संस्कृति सभ्यता को यहां की कन्याएं सीख रही हैं, यह बड़े ही सौभाग्य की बात है।
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सांसद ने गुरुकुल का भ्रमण भी किया। साथ ही हवन में आहुति दी। उन्होंने कहा कि यहां छात्राएं वेद, गीता आदि शास्त्रों के साथ शस्त्र विद्या का भी अध्ययन कर रही है। गुरुकुल की कन्याएं निश्चय से ही संपूर्ण विश्व में अपने देश का और अपने महाविद्यालय का नाम ऊंचा करेंगी। उन्होंने कहा कि गुरुकुल की छात्राएं अलग-अलग क्षेत्रों में महाविद्यालय का नाम रोशन कर रही हैं। इसके लिए वह बधाई की पात्र हैं। उन्होंने गुरुकुल संस्कृति की प्रशंसा की और आचार्या डॉ. सुमेधा को उनके इस कार्य के लिए धन्यवाद किया।
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