{"_id":"643c560413802b2d620c84b7","slug":"it-is-not-good-if-the-voters-are-lured-with-money-jpnagar-news-c-15-1-117625-2023-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: मतदाताओं को रुपयों का लालच दिया तो खैर नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: मतदाताओं को रुपयों का लालच दिया तो खैर नहीं
Mon, 17 Apr 2023 01:40 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 17 Apr 2023 01:40 AM IST
विज्ञापन
अमरोहा। निकाय चुनाव को निष्पक्षता से कराने का जिम्मा शांति व्यवस्था प्रशासन के ऊपर होगा। इसके लिए तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित होगी। इसमें सीओ, तहसीलदार व थाना प्रभारी सदस्य होंगे। कानून व्यवस्था से लेकर धन की धरपकड़ का कार्य कमेटी करेगी। इस संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने पुलिस अफसरों व समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित जारी किए हैं।
चुनाव में आचार संहिता की धज्जियां उड़ाने वाले प्रत्याशियों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। हर प्रत्याशी को आदर्श आचार संहिता का पालन करना पड़ेगा। मतदाताओं को रुपए का लालच दिया तो भी खैर नहीं होगी। चुनाव को निष्पक्ष व शांतिपूर्वक कराने की जिम्मेदारी शांति व्यवस्था कमेटी की होगी। इस संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी भगवान शरण ने बताया कि जनपद में शांति व्यवस्था कमेटियां बनाई जाएंगी। एसडीएम उसके अध्यक्ष होंगे और पुलिस क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार व थाने के प्रभारी सदस्य रहेंगे। ये कमेटी आचार संहिता का पालन कराने के लिए पुरजोर कोशिश करेगी। चुनाव को शांतिपूर्ण कराने का दायित्व भी कमेटी पर रहेगा। चुनाव में यदि कोई मतदाताओं को प्रलोभन दे रहा है या जबरन धमका रहा है, उसके खिलाफ भी कमेटी ही कार्य करेगी। इसके लिए समस्त तहसीलों के एसडीएम व पुलिस के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। इसमें जल्द से जल्द कमेटी के गठन होगा।
-- --
सोशल मीडिया पर प्रचार करने वालों को होगी जेल
अमरोहा। चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रत्याशी के प्रचार-प्रसार पर पूरी तरह रोक लगा दी है। सोशल मीडिया से जुड़े किसी भी ग्रुप में प्रचार की पोस्ट डालने पर उस ग्रुप के एडमिन को जेल हो सकती है। चुनाव आयोग के निर्देश के बाद व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन ने सभी सदस्यों को एक संदेश जारी कर ग्रुप में चुनाव सामग्री नहीं डालने की अपील की है। इंस्पेक्टर हरीश वर्धन सिंह ने बताया कि निकाय चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार पर पूरी तरह रोक लगा दी है। उन्होंने जानकारी दी कि चुनाव आयोग ने प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सोशल मीडिया पर प्रत्याशियों के प्रचार-प्रसार पर पूरी तरह नजर रखें। यदि किसी भी ग्रुप में कोई भी चुनाव संबंधित सामग्री पाई जाती है तो उसकी समीक्षा कर कार्रवाई की जाएं। ऐसे ग्रुप एडमिन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। नामांकन कराने के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
चुनाव में आचार संहिता की धज्जियां उड़ाने वाले प्रत्याशियों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। हर प्रत्याशी को आदर्श आचार संहिता का पालन करना पड़ेगा। मतदाताओं को रुपए का लालच दिया तो भी खैर नहीं होगी। चुनाव को निष्पक्ष व शांतिपूर्वक कराने की जिम्मेदारी शांति व्यवस्था कमेटी की होगी। इस संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी भगवान शरण ने बताया कि जनपद में शांति व्यवस्था कमेटियां बनाई जाएंगी। एसडीएम उसके अध्यक्ष होंगे और पुलिस क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार व थाने के प्रभारी सदस्य रहेंगे। ये कमेटी आचार संहिता का पालन कराने के लिए पुरजोर कोशिश करेगी। चुनाव को शांतिपूर्ण कराने का दायित्व भी कमेटी पर रहेगा। चुनाव में यदि कोई मतदाताओं को प्रलोभन दे रहा है या जबरन धमका रहा है, उसके खिलाफ भी कमेटी ही कार्य करेगी। इसके लिए समस्त तहसीलों के एसडीएम व पुलिस के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। इसमें जल्द से जल्द कमेटी के गठन होगा।
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर प्रचार करने वालों को होगी जेल
अमरोहा। चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रत्याशी के प्रचार-प्रसार पर पूरी तरह रोक लगा दी है। सोशल मीडिया से जुड़े किसी भी ग्रुप में प्रचार की पोस्ट डालने पर उस ग्रुप के एडमिन को जेल हो सकती है। चुनाव आयोग के निर्देश के बाद व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन ने सभी सदस्यों को एक संदेश जारी कर ग्रुप में चुनाव सामग्री नहीं डालने की अपील की है। इंस्पेक्टर हरीश वर्धन सिंह ने बताया कि निकाय चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार पर पूरी तरह रोक लगा दी है। उन्होंने जानकारी दी कि चुनाव आयोग ने प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सोशल मीडिया पर प्रत्याशियों के प्रचार-प्रसार पर पूरी तरह नजर रखें। यदि किसी भी ग्रुप में कोई भी चुनाव संबंधित सामग्री पाई जाती है तो उसकी समीक्षा कर कार्रवाई की जाएं। ऐसे ग्रुप एडमिन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। नामांकन कराने के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन