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Amroha News: शहर से लेकर गांवों तक अंधाधुंध बिजली कटौती
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अमरोहा। तापमान में बढ़ोतरी के बीच बिजली भी अब लोगों को रुलाने लगी है। शहर से ग्रामीण इलाकों तक बिजली की अंधाधुंध कटौती होने लगी है। कई इलाकों में पूरी रात बिजली गुल हो जा रही है। रोस्टर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। भीषण गर्मी में रात में कटौती होने से शहर के लोग सड़कों और छतों पर टहलकर को मजबूर हो रहे हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों के पास इसका कोई जवाब नहीं है। बात करने पर उनका रटारटाया जवाब मिलता है कि कटौती कंट्रोल रूम से की जा रही है।
तमाम प्रयास के बावजूद जिले में विद्युत आपूर्ति में सुधार नहीं हो रहा है। सरकार की ओर से शहर में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति करने का दावा किया जा रहा है। जबकि तहसील को 22 व गांवों को 20 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर तय है। लेकिन जिले में इस समय यह रोस्टर सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है। अगर शहर की बात की जाए तो यहां पर इस समय महज 18 से 20 घंटे ही आपूर्ति मिल पाती है। इस दौरान कहीं न कहीं फॉल्ट व कटौती होती रहती है। इससे लोगों को इस गर्मी में बहुत दिक्कतें उठानी पड़ रही है। शहर से लेकर गांवों तक आपूर्ति की स्थिति इस कदर बदहाल है कि बिजली कब आएगी और कब कटेगी, इसका कोई रोस्टर नहीं रह गया है।
जिला मुख्यालय में दिन हो या रात बिजली के आने-जाने का सिलसिला चलता रहता है और कुल सात से आठ घंटे तक की कटौती होती है। ग्रामीण इलाके में तो बिजली की आपूर्ति काफी बदहाल है। अधिकांश इलाके में तो नाममात्र की आपूर्ति मिलती है। दिन में आपूर्ति पूरी तरह गायब रहती है और देररात में आपूर्ति शुरू होती है और सुबह होते ही गायब हो जा रही है।
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जर्जर तार भी बन रहे बाधा
जिले में जर्जर तारों का मकड़जाल फैला हुआ है। दशकों पुरानी विद्युत लाइनें बिछी हुई है। जब इन पर थोड़ा भी अधिक लोड पड़ता है तो तार टूट जाते है। इससे आपूर्ति बंद हो जाती है। सबसे खराब हालत रजबपुर और ताहरपुर बिजली घर इलाके की है। यहां उपकेंद्र से बिछी विद्युत लाइन बहुत ही जर्जर है। अगर यहां तार टूट जाए तो घंटों आपूर्ति बहाल होने में लग जाते है।
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मई, जुलाई व अगस्त माह में विद्युत आपूर्ति की अधिक डिमांड रहती है। गर्मी के कारण तार टूटने और ट्रांसफॉर्मर फुंकने की अधिक घटनाएं हो रही हैं। इसी वजह से रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति करने में थोड़ा दिक्कतें आ रही है।
- सुनील कुमार, एसई बिजली
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तमाम प्रयास के बावजूद जिले में विद्युत आपूर्ति में सुधार नहीं हो रहा है। सरकार की ओर से शहर में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति करने का दावा किया जा रहा है। जबकि तहसील को 22 व गांवों को 20 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर तय है। लेकिन जिले में इस समय यह रोस्टर सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है। अगर शहर की बात की जाए तो यहां पर इस समय महज 18 से 20 घंटे ही आपूर्ति मिल पाती है। इस दौरान कहीं न कहीं फॉल्ट व कटौती होती रहती है। इससे लोगों को इस गर्मी में बहुत दिक्कतें उठानी पड़ रही है। शहर से लेकर गांवों तक आपूर्ति की स्थिति इस कदर बदहाल है कि बिजली कब आएगी और कब कटेगी, इसका कोई रोस्टर नहीं रह गया है।
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जिला मुख्यालय में दिन हो या रात बिजली के आने-जाने का सिलसिला चलता रहता है और कुल सात से आठ घंटे तक की कटौती होती है। ग्रामीण इलाके में तो बिजली की आपूर्ति काफी बदहाल है। अधिकांश इलाके में तो नाममात्र की आपूर्ति मिलती है। दिन में आपूर्ति पूरी तरह गायब रहती है और देररात में आपूर्ति शुरू होती है और सुबह होते ही गायब हो जा रही है।
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जर्जर तार भी बन रहे बाधा
जिले में जर्जर तारों का मकड़जाल फैला हुआ है। दशकों पुरानी विद्युत लाइनें बिछी हुई है। जब इन पर थोड़ा भी अधिक लोड पड़ता है तो तार टूट जाते है। इससे आपूर्ति बंद हो जाती है। सबसे खराब हालत रजबपुर और ताहरपुर बिजली घर इलाके की है। यहां उपकेंद्र से बिछी विद्युत लाइन बहुत ही जर्जर है। अगर यहां तार टूट जाए तो घंटों आपूर्ति बहाल होने में लग जाते है।
मई, जुलाई व अगस्त माह में विद्युत आपूर्ति की अधिक डिमांड रहती है। गर्मी के कारण तार टूटने और ट्रांसफॉर्मर फुंकने की अधिक घटनाएं हो रही हैं। इसी वजह से रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति करने में थोड़ा दिक्कतें आ रही है।
- सुनील कुमार, एसई बिजली