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Amroha News: राशन कार्ड बनाने के नाम पर पूर्ति निरीक्षक व बाबू ने 35 हजार वसूले
Wed, 29 Jan 2025 01:45 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 29 Jan 2025 01:45 AM IST
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अमरोहा।
जिले के पूर्ति विभाग में फर्जीवाड़े का मामले सामने आया है। मामला हसनपुर क्षेत्र के गांव तरारा से जुड़ा है। गांव के राशन डीलर का आरोप है कि पूर्ति निरीक्षक और बाबू ने उनसे 35 हजार रुपये वसूल लिए। यह राशि गांव के 50 से ज्यादा लोगों के राशन कार्ड बनवाने की एवज में ली गई, लेकिन इसके बावजूद गरीब लोगों के राशन कार्ड नहीं बनाए गए।
आरोप है कि गोदाम से राशन उठते समय 1400 रुपये प्रति महीने लिए जाते हैं। पीड़ित कोटेदार ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर पूर्ति निरीक्षक और बाबू के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्राम पंचायत तरारा के राशन डीलर रूप किशोर ने बताया कि उनके गांव में बहुत लोग गरीब हैं, जो उनके पास जाकर राशन कार्ड बनवाने की मांग करते हैं। राशन डीलर रूप किशोर ने गांव के गरीब व्यक्तियों के ऑनलाइन आवेदन कराए।
इसके बाद ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी से सत्यापित कराकर नौ नवंबर 2023 को 50 ग्रामीणों के आवेदन प्रतिलिपि पूर्ति निरीक्षक सौदान सिंह व बाबू अंकुश कुमार यादव को दे दिए। लेकिन, पूर्ति निरीक्षक और बाबू ने राशन कार्ड नहीं बनाए। कोटेदार रूप किशोर ने राशन कार्डों न बनने के बारे में पूछा तो अधिकारियों ने वेबसाइट बंद होने की बात कही गई। जबकि, वर्तमान में राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं।
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आरोप है कि इस दौरान पूर्ति निरीक्षक सौदान सिंह और बाबू अंकुश कुमार यादव ने प्रत्येक राशन कार्ड पर 500 रुपये की मांग की। इस पर कोटेदार रूप किशोर ने 35 हजार रुपये पूर्ति निरीक्षक व बाबू अंकुश कुमार यादव को दे दिए। इसके बाद भी उनके द्वारा ग्रामीणों के राशन कार्ड नहीं बनाए गए। 26 सितंबर 2024 को राशन डीलर गांव के जितेंद्र कुमार व लोकेंद्र के अंत्योदय कार्ड बनवाने के लिए आपूर्ति कार्यालय हसनपुर पहुंचे, तो वहां पूर्ति निरीक्षक मिले। उन्होंने बाबू अंकुश से बात करने के लिए कहा। आरोप है कि पूर्ति निरीक्षक और बाबू कार्ड बनाने के लिए दोबारा 500 रुपये प्रति राशन कार्ड के हिसाब से मांग रहे हैं। पीड़ित कोटेदार रूप किशोर ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा पीड़ित कोटेदार ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करके पूर्ति निरीक्षक और बाबू यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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अभद्रता करने का भी आरोप
राशन डीलर रूप किशोर का आरोप है कि आपूर्ति कार्यालय में पूर्ति निरीक्षक और बाबू उससे अभद्र व्यवहार करते हैं। जब वह राशन कार्ड बनने की जानकारी करने कार्यालय पहुंचे तो बाबू भड़क गया। उसने कहा कि मैं तुम्हारा नौकर हूं क्या जो तुम मेरे सिर पर आकर चढ़ रहे हो। इस दौरान पूर्ति निरीक्षक ने भी गलत व्यवहार किया।
कार्ड न बनने पर दोबारा मांगे 500 रुपये प्रति कार्ड
राशन डीलर का आरोप है कि लोगों के राशन कार्ड बनाने की एवज में पूर्ति निरीक्षक और बाबू ने 500 रुपये प्रति राशन कार्ड मांगे। जबकि, वह पहले ही 35 हजार रुपये दे चुके हैं। इस संबंध में पूर्ति निरीक्षक सौदान सिंह से शिकायत की तो वह भड़क गए। गाली गलौज की और कहा कि तेरी जांच करके दुकान खत्म कर दूंगा। अब तू कहीं भी चला जा तेरा कोई राशन कार्ड नहीं बनेंगे।
गोदाम से राशन उठाने की एवज में लिए जाते हैं 1400 रुपये प्रति माह
राशन डीलर का आरोप है कि उनका राशन उझारी के गोदाम से उठाया जाता है, जबकि सरकार के द्वारा डोर स्टेप डिलीवरी लागू की गई है। जिसमें राशन डीलर की दुकान पर राशन पहुंचाने के आदेश दिए हुए हैं। लेकिन राशन उठाते करते समय प्रत्येक महीने 1400 रुपये खर्चे के नाम पर लिए जाते हैं। आरोप है कि जब वह आपूर्ति कार्यालय हसनपुर में जाते हैं तो उनसे पूर्ति निरीक्षक और बाबू फल, जूस, कॉफी आदि मंगवाते हैं।
- हसनपुर क्षेत्र को छोड़े हुए मुझे काफी दिन हो गए हैं। राशन डीलर ने जो भी आरोप लगाए हैं, सभी निराधार हैं। मेरे द्वारा कोई रुपये नहीं लिए गए है। -सौदान सिंह, पूर्ति निरीक्षक, हसनपुर
- पहली बात तो यह है कि कोटेदार राशन बनवाने के लिए अधिकृत नहीं है। पात्र खुद इसके आवेदन कर सकते हैं। तरारा गांव में काफी कार्ड बनवाए भी गए हैं। शिकायत में लगाए गए लेन-देन के सभी आरोप निराधार हैं। - रीना कुमारी, डीएसओ।
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जिले के पूर्ति विभाग में फर्जीवाड़े का मामले सामने आया है। मामला हसनपुर क्षेत्र के गांव तरारा से जुड़ा है। गांव के राशन डीलर का आरोप है कि पूर्ति निरीक्षक और बाबू ने उनसे 35 हजार रुपये वसूल लिए। यह राशि गांव के 50 से ज्यादा लोगों के राशन कार्ड बनवाने की एवज में ली गई, लेकिन इसके बावजूद गरीब लोगों के राशन कार्ड नहीं बनाए गए।
आरोप है कि गोदाम से राशन उठते समय 1400 रुपये प्रति महीने लिए जाते हैं। पीड़ित कोटेदार ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर पूर्ति निरीक्षक और बाबू के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्राम पंचायत तरारा के राशन डीलर रूप किशोर ने बताया कि उनके गांव में बहुत लोग गरीब हैं, जो उनके पास जाकर राशन कार्ड बनवाने की मांग करते हैं। राशन डीलर रूप किशोर ने गांव के गरीब व्यक्तियों के ऑनलाइन आवेदन कराए।
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इसके बाद ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी से सत्यापित कराकर नौ नवंबर 2023 को 50 ग्रामीणों के आवेदन प्रतिलिपि पूर्ति निरीक्षक सौदान सिंह व बाबू अंकुश कुमार यादव को दे दिए। लेकिन, पूर्ति निरीक्षक और बाबू ने राशन कार्ड नहीं बनाए। कोटेदार रूप किशोर ने राशन कार्डों न बनने के बारे में पूछा तो अधिकारियों ने वेबसाइट बंद होने की बात कही गई। जबकि, वर्तमान में राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं।
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आरोप है कि इस दौरान पूर्ति निरीक्षक सौदान सिंह और बाबू अंकुश कुमार यादव ने प्रत्येक राशन कार्ड पर 500 रुपये की मांग की। इस पर कोटेदार रूप किशोर ने 35 हजार रुपये पूर्ति निरीक्षक व बाबू अंकुश कुमार यादव को दे दिए। इसके बाद भी उनके द्वारा ग्रामीणों के राशन कार्ड नहीं बनाए गए। 26 सितंबर 2024 को राशन डीलर गांव के जितेंद्र कुमार व लोकेंद्र के अंत्योदय कार्ड बनवाने के लिए आपूर्ति कार्यालय हसनपुर पहुंचे, तो वहां पूर्ति निरीक्षक मिले। उन्होंने बाबू अंकुश से बात करने के लिए कहा। आरोप है कि पूर्ति निरीक्षक और बाबू कार्ड बनाने के लिए दोबारा 500 रुपये प्रति राशन कार्ड के हिसाब से मांग रहे हैं। पीड़ित कोटेदार रूप किशोर ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा पीड़ित कोटेदार ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करके पूर्ति निरीक्षक और बाबू यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अभद्रता करने का भी आरोप
राशन डीलर रूप किशोर का आरोप है कि आपूर्ति कार्यालय में पूर्ति निरीक्षक और बाबू उससे अभद्र व्यवहार करते हैं। जब वह राशन कार्ड बनने की जानकारी करने कार्यालय पहुंचे तो बाबू भड़क गया। उसने कहा कि मैं तुम्हारा नौकर हूं क्या जो तुम मेरे सिर पर आकर चढ़ रहे हो। इस दौरान पूर्ति निरीक्षक ने भी गलत व्यवहार किया।
कार्ड न बनने पर दोबारा मांगे 500 रुपये प्रति कार्ड
राशन डीलर का आरोप है कि लोगों के राशन कार्ड बनाने की एवज में पूर्ति निरीक्षक और बाबू ने 500 रुपये प्रति राशन कार्ड मांगे। जबकि, वह पहले ही 35 हजार रुपये दे चुके हैं। इस संबंध में पूर्ति निरीक्षक सौदान सिंह से शिकायत की तो वह भड़क गए। गाली गलौज की और कहा कि तेरी जांच करके दुकान खत्म कर दूंगा। अब तू कहीं भी चला जा तेरा कोई राशन कार्ड नहीं बनेंगे।
गोदाम से राशन उठाने की एवज में लिए जाते हैं 1400 रुपये प्रति माह
राशन डीलर का आरोप है कि उनका राशन उझारी के गोदाम से उठाया जाता है, जबकि सरकार के द्वारा डोर स्टेप डिलीवरी लागू की गई है। जिसमें राशन डीलर की दुकान पर राशन पहुंचाने के आदेश दिए हुए हैं। लेकिन राशन उठाते करते समय प्रत्येक महीने 1400 रुपये खर्चे के नाम पर लिए जाते हैं। आरोप है कि जब वह आपूर्ति कार्यालय हसनपुर में जाते हैं तो उनसे पूर्ति निरीक्षक और बाबू फल, जूस, कॉफी आदि मंगवाते हैं।
- हसनपुर क्षेत्र को छोड़े हुए मुझे काफी दिन हो गए हैं। राशन डीलर ने जो भी आरोप लगाए हैं, सभी निराधार हैं। मेरे द्वारा कोई रुपये नहीं लिए गए है। -सौदान सिंह, पूर्ति निरीक्षक, हसनपुर
- पहली बात तो यह है कि कोटेदार राशन बनवाने के लिए अधिकृत नहीं है। पात्र खुद इसके आवेदन कर सकते हैं। तरारा गांव में काफी कार्ड बनवाए भी गए हैं। शिकायत में लगाए गए लेन-देन के सभी आरोप निराधार हैं। - रीना कुमारी, डीएसओ।