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Amroha News: जमीन मिले तो धरातल पर उतरें परियोजनाएं

Wed, 18 Jun 2025 02:04 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Wed, 18 Jun 2025 02:04 AM IST
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If land is available then projects will come to the ground
अमरोहा। जिले की पहचान औद्योगिक नगर के रूप में भी होती है। यहां बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं। इनसे लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। इंवेस्टर्स समिट के जरिए शासन की मंशा थी कि प्रदेश के जिलों में औद्योगिक इकाइयों का विस्तार किया जाए।
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इसके तहत जिले में 6185 करोड़ रुपये के 187 एमओयू साइन भी किए गए थे। हालांकि, इनमें से अभी तक 22 परियोजनाओं पर ही काम शुरू हो सका है। जबकि, 39 परियोजनाओं पर अभी काम चल रहा है। इसके अलावा अधिकांश एमओयू जमीन की अनुपलब्धता व दूसरे विभागों की एनओसी न मिलने के कारण शुरू नहीं हो सके हैं।
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पिछले साल फरवरी में लखनऊ में आयोजित हुई इंवेस्टर्स समिट में उद्यमियों ने प्रदेश में निवेश की इच्छा जताते हुए अलग-अलग जनपदों में उद्योग धंधे स्थापित करने के लिए एमओयू साइन किए थे। अमरोहा में भी 6185 करोड़ रुपये के 187 एमओयू साइन हुए थे। जिसके बाद उद्यमियों ने जिले में उद्योग स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी थी। फिलहाल एमओयू साइन हुई 61 परियोजनाएं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए चयन हुए थे। इनमें से 829 करोड़ रुपये निवेश की 22 परियोजनाएं धरातल पर भी उतर चुकी हैं, लेकिन कुछ परियोजनाओं के लिए उद्यमियों को जमीन न मिलने व कुछ के लिए वन विभाग की एनओसी की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण काम शुरू नहीं किया जा सका है।
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त्रिवेणी इंडस्ट्रीज को नहीं मिल रही जमीन
जिले में उद्योग स्थापित करने के लिए त्रिवेणी इंडस्ट्रीज ने भी एमओयू साइन किया था, लेकिन साल भर का समय बीतने के बाद भी जमीन न मिलने के कारण उद्योग लगाने का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। दरअसल, इंडस्ट्रीज लगाने के लिए उद्यमी सस्ती जमीन की तलाश करते है, लेकिन जमीनों के रेट अधिक होने के कारण उद्यमी ऐसी जमीनों को खरीदने में दिलचस्पी नहीं लेते हैं।
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कई उद्यमियों को वन विभाग की एनओसी का इंतजार
साइन हुए एमओयू में कई उद्यमियों ने आरा मशीन लगाए जाने की मंशा जाहिर की थी, लेकिन इसमें वन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण वह अपना उद्योग स्थापित नहीं कर पा रहे हैं।
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यह इकाइयां हुई शुरू
- अनाबिया कोल्ड स्टोरेज, रीयल टाइम बायोमेट्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड, सिंह साहब होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, वेव इंडस्ट्रीज की तीन परियोजनाएं, जय हिंद व्हीकल स्क्रैप, वीपीएस रिसोर्ट, बेस्ट क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड, उमापति महादेव कॉलेज ऑफ फार्मेसी, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, श्री एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट, एमजीए डिजाइंस, एसकेएस हाईवे होटल प्राइवेट लिमिटेड, राजपाल इंजीनियरिंग वर्क्स, पैरामाउंट होम कलेक्शन, लोपान मेटल ट्रीटमेंट प्राइवेट लिमिटेड, स्टोनमैन क्राफ्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, बेस्ट क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड, ओपक्सा क्राफ्ट्स प्रालि, राजपाल इंजीनियरिंग वर्क्स, आरएसीएल गियरटेक लिमिटेड।

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जिले में 829 करोड़ रुपये 22 परियोजनाएं शुरू हो चुकी है। जिसमें 6385 लोगों को रोजगार भी मुहैया कराया गया है। इसके अलावा जो अन्य परियोजनाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। उनको शुरू कराने में उद्योग विभाग की ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है।- शैलेंद्र सिंह, उपायुक्त उद्योग
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