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Amroha News: बसपा का सिपाही हूं, लेकिन न्याय के लिए यात्रा में रहूंगा शामिल
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अमरोहा। बसपा से निष्कासित सांसद दानिश अली एक बार फिर से चर्चाओं में आ गए हैं। उन्होंने कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने एलान किया है। जिसे लेकर उन्होंने एक्स पर पोस्ट भी की है। पोस्ट में उन्होंने भाजपा को निशाना बनाया है। हालांकि, कांग्रेस में शामिल होने की बात पर उन्होंने कहा कि मैं बसपा का सिपाही हूं, लेकिन अन्याय के खिलाफ कांग्रेस की इस यात्रा से जुड़ रहा हूं।
अमरोहा से सांसद दानिश अली अक्सर चर्चाओं में बने रहते हैं। कभी भाजपाइयाें से नोकझोंक का मामला हो या फिर संसद में भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी द्वारा की टिप्पणी का मामला। पिछले दिनों बसपा ने दाशिन अली को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। जिसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि वह कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। लगातार राहुल गांधी से भी उनकी मुलाकात इस बात की ओर इशारा कर रही थी। रविवार को दानिश अली ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने का एलान कर दिया। उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा कि आज मैंने राहुल गांधी जी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने का फैसला किया है। ये फैसला मेरे लिए एक बहुत अहम फैसला है। इसे मैंने बहुत सोच समझ कर लिया है। ये फैसला लेते समय मेरे सामने दो रास्ते थे। एक, कि मैं स्टेटस को चलने दूं, जो स्थितियां देश में हैं, उन्हें वैसे ही स्वीकार लूं। जो अन्याय देश के दलित, शोषित, वंचित, अल्पसंख्यक व अन्य गरीब वर्ग के साथ हो रहा है, उसके खिलाफ कोई आवाज न उठाऊं। दूसरा रास्ता ये था कि मैं समाज में बढ़ते अन्याय के खिलाफ संसद में आवाज उठाने के साथ-साथ सड़क पर भी संघर्ष छेड़ूं व आंदोलन करूं।
मेरे जमीर ने कहा कि मुझे दूसरा रास्ता लेना चाहिए। संसद के अंदर मुझ पर जो आक्रमण हुआ वो सब ने देखा। सत्ताधारी दल ने मुझ पर आक्रमण करने वाले के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जब मुझ पर संसद में आक्रमण हुआ, तब मुझे और मेरे परिवार को हौसला देने वाले राहुल गांधी जी देश के पहले नेता थे। वो उस घड़ी में मेरे साथ खड़े रहे।
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इस पोस्ट के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि दानिश अली जल्द ही कांग्रेस का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, फोन पर बात करते हुए दानिश अली ने कहा कि मैं बसपा का सिपाही हूं। लेकिन, कांग्रेस की यात्रा में इसलिए शामिल हो रहा हूं, क्योंकि यह अन्याय के खिलाफ आंदोलन है। न्याय के लिए लड़ना गलत बात नहीं है।
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अमरोहा से सांसद दानिश अली अक्सर चर्चाओं में बने रहते हैं। कभी भाजपाइयाें से नोकझोंक का मामला हो या फिर संसद में भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी द्वारा की टिप्पणी का मामला। पिछले दिनों बसपा ने दाशिन अली को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। जिसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि वह कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। लगातार राहुल गांधी से भी उनकी मुलाकात इस बात की ओर इशारा कर रही थी। रविवार को दानिश अली ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने का एलान कर दिया। उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा कि आज मैंने राहुल गांधी जी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने का फैसला किया है। ये फैसला मेरे लिए एक बहुत अहम फैसला है। इसे मैंने बहुत सोच समझ कर लिया है। ये फैसला लेते समय मेरे सामने दो रास्ते थे। एक, कि मैं स्टेटस को चलने दूं, जो स्थितियां देश में हैं, उन्हें वैसे ही स्वीकार लूं। जो अन्याय देश के दलित, शोषित, वंचित, अल्पसंख्यक व अन्य गरीब वर्ग के साथ हो रहा है, उसके खिलाफ कोई आवाज न उठाऊं। दूसरा रास्ता ये था कि मैं समाज में बढ़ते अन्याय के खिलाफ संसद में आवाज उठाने के साथ-साथ सड़क पर भी संघर्ष छेड़ूं व आंदोलन करूं।
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मेरे जमीर ने कहा कि मुझे दूसरा रास्ता लेना चाहिए। संसद के अंदर मुझ पर जो आक्रमण हुआ वो सब ने देखा। सत्ताधारी दल ने मुझ पर आक्रमण करने वाले के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जब मुझ पर संसद में आक्रमण हुआ, तब मुझे और मेरे परिवार को हौसला देने वाले राहुल गांधी जी देश के पहले नेता थे। वो उस घड़ी में मेरे साथ खड़े रहे।
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इस पोस्ट के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि दानिश अली जल्द ही कांग्रेस का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, फोन पर बात करते हुए दानिश अली ने कहा कि मैं बसपा का सिपाही हूं। लेकिन, कांग्रेस की यात्रा में इसलिए शामिल हो रहा हूं, क्योंकि यह अन्याय के खिलाफ आंदोलन है। न्याय के लिए लड़ना गलत बात नहीं है।