{"_id":"5b88526d42c792465274bb25","slug":"highway-jamed-for-the-payment-of-sugarcane-in-amroha","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमरोहा में गन्ना भुगतान के लिए हाईवे जाम किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरोहा में गन्ना भुगतान के लिए हाईवे जाम किया
ब्यूरो/अमर उजाला, रजबपुर(अमरोहा)।
Updated Fri, 31 Aug 2018 01:54 AM IST
विज्ञापन
रजबपुर में हाईवे जाम करते भाकयू असली के कार्यकर्ता।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय किसान यूनियन असली के कार्यकर्ताओं ने बैठक के बाद नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। इन्होंने बकाया गन्ना भुगतान कराने की मांग उठाई। वहीं बिजली सहित अन्य समस्याओं को भी रखा। आश्वासन मिलने पर किसानों ने जाम खोला।
गुरुवार को रजबपुर में बैठक हुई। इसमें किसानों ने गन्ना मिल से सक्षम अधिकारी और बिजली अधिकारियों को बुलाने की मांग रखी।
अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर किसानों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया। एसडीएम नौगावां, बिजली और गन्ना विभाग के पहुंचने पर जाम खोला गया। इसके बाद किसानों ने अधिकारियों से बातचीत की। चीनी मिल अधिकारियों ने 15 दिन के अंदर सभी गन्ना पेमेंट देने का अश्वासन दिया। बिजली विभाग से एसडीओ ने सभी खराब पड़े मीटर बदलवाने का आश्वासन दिया। एसडीएम नौगांवा ने बिना जेसीबी के चलाए मिट्टी उठान को नहीं रोकने की बात कही। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन में गन्ने का भुगतान नहीं मिला तो फिर किसान आंदोलन को मजबूर होंगे। किसानों ने नौ सितंबर तक अल्टीमेटम दिया।
विज्ञापन
गुरुवार को रजबपुर में बैठक हुई। इसमें किसानों ने गन्ना मिल से सक्षम अधिकारी और बिजली अधिकारियों को बुलाने की मांग रखी।
अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर किसानों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया। एसडीएम नौगावां, बिजली और गन्ना विभाग के पहुंचने पर जाम खोला गया। इसके बाद किसानों ने अधिकारियों से बातचीत की। चीनी मिल अधिकारियों ने 15 दिन के अंदर सभी गन्ना पेमेंट देने का अश्वासन दिया। बिजली विभाग से एसडीओ ने सभी खराब पड़े मीटर बदलवाने का आश्वासन दिया। एसडीएम नौगांवा ने बिना जेसीबी के चलाए मिट्टी उठान को नहीं रोकने की बात कही। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन में गन्ने का भुगतान नहीं मिला तो फिर किसान आंदोलन को मजबूर होंगे। किसानों ने नौ सितंबर तक अल्टीमेटम दिया।
विज्ञापन