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प्रधानाध्यापक की आत्महत्या का मामला : बेटे ने बीएसए और सहायक अध्यापक दंपती पर दर्ज कराई रिपोर्ट
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गजरौला (अमरोहा)।
प्रधानाध्यापक संजीव की आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने उनके बेटे की तहरीर पर सहायक अध्यापक दंपती और बीएसए के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि मामले में प्रधानाध्यापक संजीव कुमार के बेटे अनुज की तहरीर पर स्कूल में तैनात सहायक अध्यापक राघवेंद्र सिंह, सहायक अध्यापक सरिता और बीएसए मोनिका के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। बेटे ने बताया कि संजीव रोजाना समयानुसार विद्यालय जाते थे। एक अक्तूबर की सुबह भी स्कूल गए थे। करीब 8:30 बजे जानकारी मिली कि संजीव ने आत्महत्या कर ली है। प्रधानाध्यापक के बेटे अनुज का आरोप है कि स्कूल में ही तैनात राघवेंद्र सिंह और सरिता ने उन्हें काफी प्रताड़ित किया। इस प्रकरण में बीएसए मोनिका की भी अहम भूमिका रही है। इन लोगों की प्रताड़ना से परेशान होकर उनके पिता ने आत्महत्या की है। सीओ ने बताया कि मामले में तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सफाई की वीडियो वायरल होने के बाद से तनाव में थे संजीव
गजरौला। सुल्तानठेर के परिषदीय विद्यालय में बारिश के पानी के साथ कीचड़ जमा हो गया था। इससे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। 23 सितंबर की सुबह विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने स्कूल में सफाई अभियान चलाया।
फावड़े और खुरपे से कीचड़ को साफ किया। स्कूल में सफाई का प्रदर्शन करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया। सामने आया था कि यह वीडियो राघवेंद्र सिंह ने वायरल किया था। मामला चर्चाओं में आने के बाद प्रधानाध्यापक भी जांच के घेरे में आ गए थे। इस मामले में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज और खंड शिक्षा अधिकारी आरती गुप्ता ने विद्यालय को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा था। परिजनों के मुताबिक वह इस बात से भी तनाव में चल रहे थे।
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विवादित रहे हैं सहायक अध्यापक राघवेंद्र सिंह
गजरौला। सुल्तानठेर के संविलियन विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार को आत्महत्या के मामले में फंसे सहायक अध्यापक राघवेंद्र का विवादाें से नाता रहा है। दो साल पूर्व 13 अगस्त को विद्यालय के बच्चों द्वारा ट्रैक्टर ट्रॉली पर सवार होकर रैली निकाली जा रही थी। इस बीच ट्रैक्टर-ट्रॉली किसी ग्रामीण की दीवार से लग गई थी। जिसके बाद ग्रामीणों और शिक्षकों के बीच मारपीट हो गई थी। ग्रामीणों ने राघवेंद्र सिंह पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। शिक्षकों ने ग्रामीणों पर मारपीट करने की बात कही थी। दोनों पक्ष थाने पहुंच गए थे, लेकिन मामला रफा दफा हो गया था।
स्कूल में पंजीकृत हैं 437 बच्चे
गजरौला। संविलियन विद्यालय सुल्तानठेर में जिस प्रधानाध्यापक संजीव कुमार ने विभागीय अधिकारी और दो शिक्षकों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर आत्महत्या कर ली। उस विद्यालय में बच्चों की संख्या अच्छी खासी है। सहायक अध्यापक प्रदीप सिरोही का कहना है कि विद्यालय के अंदर 437 बच्चे पढ़ते हैं। इंचार्ज अध्यापक संजीव कुमार का व्यवहार बहुत ही अच्छा था। वह बच्चों बहुत लगाव रखते थे।
ढाई साल पहले विद्यालय में हुई चोरी
गजरौला। संविलियन विद्यालय सुल्तानठेर में करीब ढाई साल पहले चोरी हुई थी। सहायक अध्यापक प्रदीप सिरोही ने बताया कि करीब ढ़ाई साल पहले विद्यालय से सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर, इन्वर्टर आदि चोरी हो गया था। चोरी वाले कमरे का भी जिक्र भी उन्होंने सुसाइड नोट में किया है। चोरी के बाद से स्कूल में सीसीटीवी कैमरे नहीं लग सके थे।
घटना से सहम गए बच्चे, कराई गई छुट्टी
गजरौला। सुबह समय से बच्चे स्कूल पहुंचे, लेकिन जब उन्हें प्रधानाध्यापक की मौत का पता चला तो वह सहम गए। सहायक अध्यापक प्रदीप ने बताया कि वह बच्चों से काफी लगाव रखते थे। घटना के बाद से स्कूल का माहौल बदल गया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें घर जाने के लिए कहा, लेकिन वह अपने प्रिय शिक्षक के लिए वहीं रुके रहे। उनका कहना था कि गुरु जी उनसे बहुत प्यार करते थे। उनकी पढ़ाई के साथ-साथ देखभाल करते थे। उनकी मौत से बच्चे काफी दुखी नजर आए। उधर, प्रधानाध्यापक का शव लेने जाने के बाद विद्यालय की छुट्टी कर दी गई।
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प्रधानाध्यापक संजीव की आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने उनके बेटे की तहरीर पर सहायक अध्यापक दंपती और बीएसए के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि मामले में प्रधानाध्यापक संजीव कुमार के बेटे अनुज की तहरीर पर स्कूल में तैनात सहायक अध्यापक राघवेंद्र सिंह, सहायक अध्यापक सरिता और बीएसए मोनिका के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। बेटे ने बताया कि संजीव रोजाना समयानुसार विद्यालय जाते थे। एक अक्तूबर की सुबह भी स्कूल गए थे। करीब 8:30 बजे जानकारी मिली कि संजीव ने आत्महत्या कर ली है। प्रधानाध्यापक के बेटे अनुज का आरोप है कि स्कूल में ही तैनात राघवेंद्र सिंह और सरिता ने उन्हें काफी प्रताड़ित किया। इस प्रकरण में बीएसए मोनिका की भी अहम भूमिका रही है। इन लोगों की प्रताड़ना से परेशान होकर उनके पिता ने आत्महत्या की है। सीओ ने बताया कि मामले में तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सफाई की वीडियो वायरल होने के बाद से तनाव में थे संजीव
गजरौला। सुल्तानठेर के परिषदीय विद्यालय में बारिश के पानी के साथ कीचड़ जमा हो गया था। इससे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। 23 सितंबर की सुबह विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने स्कूल में सफाई अभियान चलाया।
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फावड़े और खुरपे से कीचड़ को साफ किया। स्कूल में सफाई का प्रदर्शन करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया। सामने आया था कि यह वीडियो राघवेंद्र सिंह ने वायरल किया था। मामला चर्चाओं में आने के बाद प्रधानाध्यापक भी जांच के घेरे में आ गए थे। इस मामले में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज और खंड शिक्षा अधिकारी आरती गुप्ता ने विद्यालय को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा था। परिजनों के मुताबिक वह इस बात से भी तनाव में चल रहे थे।
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विवादित रहे हैं सहायक अध्यापक राघवेंद्र सिंह
गजरौला। सुल्तानठेर के संविलियन विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार को आत्महत्या के मामले में फंसे सहायक अध्यापक राघवेंद्र का विवादाें से नाता रहा है। दो साल पूर्व 13 अगस्त को विद्यालय के बच्चों द्वारा ट्रैक्टर ट्रॉली पर सवार होकर रैली निकाली जा रही थी। इस बीच ट्रैक्टर-ट्रॉली किसी ग्रामीण की दीवार से लग गई थी। जिसके बाद ग्रामीणों और शिक्षकों के बीच मारपीट हो गई थी। ग्रामीणों ने राघवेंद्र सिंह पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। शिक्षकों ने ग्रामीणों पर मारपीट करने की बात कही थी। दोनों पक्ष थाने पहुंच गए थे, लेकिन मामला रफा दफा हो गया था।
स्कूल में पंजीकृत हैं 437 बच्चे
गजरौला। संविलियन विद्यालय सुल्तानठेर में जिस प्रधानाध्यापक संजीव कुमार ने विभागीय अधिकारी और दो शिक्षकों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर आत्महत्या कर ली। उस विद्यालय में बच्चों की संख्या अच्छी खासी है। सहायक अध्यापक प्रदीप सिरोही का कहना है कि विद्यालय के अंदर 437 बच्चे पढ़ते हैं। इंचार्ज अध्यापक संजीव कुमार का व्यवहार बहुत ही अच्छा था। वह बच्चों बहुत लगाव रखते थे।
ढाई साल पहले विद्यालय में हुई चोरी
गजरौला। संविलियन विद्यालय सुल्तानठेर में करीब ढाई साल पहले चोरी हुई थी। सहायक अध्यापक प्रदीप सिरोही ने बताया कि करीब ढ़ाई साल पहले विद्यालय से सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर, इन्वर्टर आदि चोरी हो गया था। चोरी वाले कमरे का भी जिक्र भी उन्होंने सुसाइड नोट में किया है। चोरी के बाद से स्कूल में सीसीटीवी कैमरे नहीं लग सके थे।
घटना से सहम गए बच्चे, कराई गई छुट्टी
गजरौला। सुबह समय से बच्चे स्कूल पहुंचे, लेकिन जब उन्हें प्रधानाध्यापक की मौत का पता चला तो वह सहम गए। सहायक अध्यापक प्रदीप ने बताया कि वह बच्चों से काफी लगाव रखते थे। घटना के बाद से स्कूल का माहौल बदल गया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें घर जाने के लिए कहा, लेकिन वह अपने प्रिय शिक्षक के लिए वहीं रुके रहे। उनका कहना था कि गुरु जी उनसे बहुत प्यार करते थे। उनकी पढ़ाई के साथ-साथ देखभाल करते थे। उनकी मौत से बच्चे काफी दुखी नजर आए। उधर, प्रधानाध्यापक का शव लेने जाने के बाद विद्यालय की छुट्टी कर दी गई।