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Amroha News: कबाड़ के कारोबार में साझेदार बनकर पांच लाख रुपये हड़पे
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डिडौली। कोतवाली क्षेत्र में कबाड़ के काम में साझेदार बनकर कारोबारी के पांच लाख रुपये हड़प लिए। बाद में चोरी की गाड़ी काटने के आरोप में जेल चला गया। जेल से छूटने के बाद रंजिश रखने लगा और पीड़ित कारोबारी के साथ मारपीट की। मामले में न्यायालय के आदेश पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के पायंती खुर्द गांव में नफीस का परिवार रहता है। नफीस कबाड़ की खरीद-फरोख्त करता है। गांव का ही रहने वाला शाहिद भी उनके साथ कारोबार में पार्टनर हो गया। आरोप है कि तीन-चार महीने के बाद ही शाहिद गलत लोगों के संपर्क में आ गया और चोरी का माल खरीदने लगा। कारोबार में साझेदारी के दौरान पांच लाख रुपये शाहिद पर निकले जो उसने नहीं दिए। बाद में शाहिद ने अपने बहनोई मनुआ के साथ मनौटा रोड चौधरपुर में कबाड़ की दुकान खोल ली। यहां चोरी की गाड़ियां काटने लगा।
इस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल से छूटने के बाद शाहिद रंजिश रखने लगा। इसके बाद शाहिद ने अपने कुछ साथियों के साथ षड्यंत्र रच कर झूठे मुकदमे में फसाने की योजना बनाई। बाद में झूठा मुकदमा लिखवा कर 10 लाख रुपये की मांग करने लगा। मामले में कबाड़ी नफीस ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोप है कि शाहिद ने अपने परिजनों के साथ मिलकर कारोबार ठप करने और रुपये हड़पने के उद्देश्य से एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़ित नफीस ने मामले की शिकायत पुलिस से की।
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सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि मामले में हिना, लियाकत चौधरी, शाहिद, जरीफ, शरीफ और मनुआ के खिलाफ अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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डिडौली कोतवाली क्षेत्र के पायंती खुर्द गांव में नफीस का परिवार रहता है। नफीस कबाड़ की खरीद-फरोख्त करता है। गांव का ही रहने वाला शाहिद भी उनके साथ कारोबार में पार्टनर हो गया। आरोप है कि तीन-चार महीने के बाद ही शाहिद गलत लोगों के संपर्क में आ गया और चोरी का माल खरीदने लगा। कारोबार में साझेदारी के दौरान पांच लाख रुपये शाहिद पर निकले जो उसने नहीं दिए। बाद में शाहिद ने अपने बहनोई मनुआ के साथ मनौटा रोड चौधरपुर में कबाड़ की दुकान खोल ली। यहां चोरी की गाड़ियां काटने लगा।
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इस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल से छूटने के बाद शाहिद रंजिश रखने लगा। इसके बाद शाहिद ने अपने कुछ साथियों के साथ षड्यंत्र रच कर झूठे मुकदमे में फसाने की योजना बनाई। बाद में झूठा मुकदमा लिखवा कर 10 लाख रुपये की मांग करने लगा। मामले में कबाड़ी नफीस ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोप है कि शाहिद ने अपने परिजनों के साथ मिलकर कारोबार ठप करने और रुपये हड़पने के उद्देश्य से एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़ित नफीस ने मामले की शिकायत पुलिस से की।
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सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि मामले में हिना, लियाकत चौधरी, शाहिद, जरीफ, शरीफ और मनुआ के खिलाफ अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।