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‘जहरीला’ आटा खाने से 12 बीमार
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 08 May 2016 01:38 AM IST
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स्वास्थ्य
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लगातार उल्टियां होने के बाद सभी को एंबुलेंस से सीएचसी में भर्ती कराया गया, फिलहाल सभी की हालत में सुधार है। इसकी सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी मौका मुआयना किया। इधर, पीड़ितों ने आटे में जहर डाले जाने की भी आशंका जताई है, हालांकि थाने में तहरीर नहीं दी गई है।वहीं चिकित्सक फूड प्वाइजनिंग की बात कह रहे हैं।
गांव पतेई खालसा में किसान विजयपाल का संयुक्त परिवार रहता है। परिवार में तीन शादीशुदा बेटे हैं। शनिवार सुबह विजय पाल और उसका बेटा राज कुमार खेत की सिंचाई करके घर आए थे। बताया जाता है कि, किसान की पुत्रवधू गीता देवी और ममता ने रोजाना की तरह जल्दी खाना बनाकर रख दिया था। सुबह करीब नौ बजे परिवार के लोगों ने एक साथ बैठकर खाना खाया। कुछ देर बाद ममता को उल्टियां होने लगीं।
परिवार के लोग कुछ समझ पाते कि, गीता देवी को भी उल्टी आने लगी। फिर क्या था, एक-एक करते मुखिया समेत परिवार के 12 सदस्यों की तबीयत खराब हो गई। इस पर पहले गांव के निजी डाक्टर से दवा ली गई, लेकिन स्वास्थ्य लाभ नहीं हो सका।
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सूचना पर 108 एंबुलेंस गांव पहुंची और विजय पाल, पत्नी लक्ष्मी देवी, बेटा राज कुमार, पवन कुमार, ओमराज, पुत्र वधु गीता देवी, ममता देवी, ज्योति, पौत्री निधि (7), दिपांशी (9), पौत्र यश कुमार (4), निशांत (5) को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सभी का उपचार शुरू किया गया। स्वस्थ होने पर दोपहर बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। इधर, राज कुमार ने बताया कि उनके घर पर गेट नहीं है। शुक्रवार शाम चक्की से आटा आया था।
आटे की बोरी रसोई में रखी थी। शायद किसी ने आटे या पानी में जहर डाल दिया है। सीएचसी के डाक्टरों ने गांव पहुंचकर मौका मुआयना भी किया। फिलहाल पीड़ित पक्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर नहीं दी है।
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गांव पतेई खालसा में किसान विजयपाल का संयुक्त परिवार रहता है। परिवार में तीन शादीशुदा बेटे हैं। शनिवार सुबह विजय पाल और उसका बेटा राज कुमार खेत की सिंचाई करके घर आए थे। बताया जाता है कि, किसान की पुत्रवधू गीता देवी और ममता ने रोजाना की तरह जल्दी खाना बनाकर रख दिया था। सुबह करीब नौ बजे परिवार के लोगों ने एक साथ बैठकर खाना खाया। कुछ देर बाद ममता को उल्टियां होने लगीं।
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परिवार के लोग कुछ समझ पाते कि, गीता देवी को भी उल्टी आने लगी। फिर क्या था, एक-एक करते मुखिया समेत परिवार के 12 सदस्यों की तबीयत खराब हो गई। इस पर पहले गांव के निजी डाक्टर से दवा ली गई, लेकिन स्वास्थ्य लाभ नहीं हो सका।
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सूचना पर 108 एंबुलेंस गांव पहुंची और विजय पाल, पत्नी लक्ष्मी देवी, बेटा राज कुमार, पवन कुमार, ओमराज, पुत्र वधु गीता देवी, ममता देवी, ज्योति, पौत्री निधि (7), दिपांशी (9), पौत्र यश कुमार (4), निशांत (5) को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सभी का उपचार शुरू किया गया। स्वस्थ होने पर दोपहर बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। इधर, राज कुमार ने बताया कि उनके घर पर गेट नहीं है। शुक्रवार शाम चक्की से आटा आया था।
आटे की बोरी रसोई में रखी थी। शायद किसी ने आटे या पानी में जहर डाल दिया है। सीएचसी के डाक्टरों ने गांव पहुंचकर मौका मुआयना भी किया। फिलहाल पीड़ित पक्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर नहीं दी है।