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शौचालय बनवाने को आई धनराशि ग्रामीणों के ऋण खाते में पहुंची
ब्यूरो अमर उजाला /ढबारसी।
Updated Sat, 23 Dec 2017 02:03 AM IST
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हसनपुर की मंडी समिति स्थित प्रथमा बैंक शाखा में किए गए घोटाले का प्रकरण अभी शांत नहीं हुआ है कि प्रथमा बैंक ढबारसी शाखा के अफसरों के नए कारनामे ने सबको चौंका दिया है।
पात्रों ने शौचालय निर्माण के लिए आई धनराशि को ऋण खाते में जमा करने का आरोप लगाया है। मामला प्रदेश के पंचायती राजमंत्री के संज्ञान में पहुंचा तो अफसरों में हड़कंप मच गया। हरकत में आए अफसरों ने बैंक कर्मचारियों को आड़े हाथों लेते हुए धनराशि उनके खातों में वापस डालने को कहा है। फिलहाल, अभी जांच चल रही है।
केंद्र के अति महत्वपूर्ण अभियान स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत गांव-गांव में शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। शौचालय निर्माण की धनराशि को सीधे पात्रों के खाते में भेजा जा रहा है।
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प्रत्येक पात्र के खाते में 12 हजार रुपये के हिसाब से डाले जा रहे हैं, लेकिन ढबारसी प्रथमा बैंक शाखा के अफसरों ने ऋण की वसूूली को नई तरकीब निकाली।
ग्राम पंचायत ढबारसी के रहने वाले राजवीर और विमला के खाते प्रथमा बैंक में हैं। दोनों ने बैंक से ऋण ले रखा है। इनके खाते में शौचालय निर्माण की धनराशि भेजी गई।
बैंक अधिकारियों ने पात्रों को जानकारी दिए बगैर शौचालय निर्माण की धनराशि को निकालकर ऋण खाते में जमा कर दी। पात्रों ने धनराशि की जानकारी की, तो उन्हें टरका दिया। प्रकरण सामने आते ही अफसरों में खलबली मच गई। पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मसला संज्ञान में आते ही डीपीआरओ को जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही कार्रवाई कराने को भी कहा है।
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पात्रों ने शौचालय निर्माण के लिए आई धनराशि को ऋण खाते में जमा करने का आरोप लगाया है। मामला प्रदेश के पंचायती राजमंत्री के संज्ञान में पहुंचा तो अफसरों में हड़कंप मच गया। हरकत में आए अफसरों ने बैंक कर्मचारियों को आड़े हाथों लेते हुए धनराशि उनके खातों में वापस डालने को कहा है। फिलहाल, अभी जांच चल रही है।
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केंद्र के अति महत्वपूर्ण अभियान स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत गांव-गांव में शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। शौचालय निर्माण की धनराशि को सीधे पात्रों के खाते में भेजा जा रहा है।
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प्रत्येक पात्र के खाते में 12 हजार रुपये के हिसाब से डाले जा रहे हैं, लेकिन ढबारसी प्रथमा बैंक शाखा के अफसरों ने ऋण की वसूूली को नई तरकीब निकाली।
ग्राम पंचायत ढबारसी के रहने वाले राजवीर और विमला के खाते प्रथमा बैंक में हैं। दोनों ने बैंक से ऋण ले रखा है। इनके खाते में शौचालय निर्माण की धनराशि भेजी गई।
बैंक अधिकारियों ने पात्रों को जानकारी दिए बगैर शौचालय निर्माण की धनराशि को निकालकर ऋण खाते में जमा कर दी। पात्रों ने धनराशि की जानकारी की, तो उन्हें टरका दिया। प्रकरण सामने आते ही अफसरों में खलबली मच गई। पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मसला संज्ञान में आते ही डीपीआरओ को जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही कार्रवाई कराने को भी कहा है।