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परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में राजकीय कॉलेजों को रहेगी प्राथमिकता
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यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर इस बार परीक्षा केंद्र बनाने के लिए राजकीय इंटर कॉलेजों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए यूपी बोर्ड ने डीआईओएस को निर्देशित किया है। इससे पहले शिक्षा विभाग और स्कूल संचालकों की मनमानी के चलते केंद्र बनाए जाते थे।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण नीति जारी होते ही शिक्षा विभाग की तैयारी तेज हो गई है। अबकी बार मेरिट से केंद्र निर्धारण होगा। इसके अलावा आठ मानक भी तय किए गए हैं। स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी केंद्र बनने में रोड़ा बनेगा। स्मार्ट क्लास संचालन संग टॉपर देने वाले स्कूल को भी प्राथमिकता से केंद्र बनाया जाएगा। फरवरी-मार्च में संभावित बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में परीक्षार्थियों की संख्या करीब-करीब फाइनल हो चुकी है।
जिला विद्यालय निरीक्षक विष्णु प्रताप सिंह ने बताया कि एक पाली में 125 से कम धारण क्षमता वाले वित्तविहीन स्कूल केंद्र नहीं बनेंगे, लेकिन राजकीय और एडेड को इसमें छूट रहेगी। इस बार भी पिछले साल की तरह जियो लोकेशन के आधार पर केंद्र निर्धारण होगा। हालांकि ब्लॉकवार बनी प्रधानाचार्यों की कमेटी स्कूल में जाकर वहीं से स्कूलों की जियो लोकेशन का सत्यापन करेगी। डीआईओएस ने बताया कि बोर्ड से जुड़ी सूचनाएं अगर गलत दी जाएगी तो उक्त स्कूल और कॉलेज को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा।
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डीआईओएस ने बताया कि स्कूलों में मेरिट बनाने के लिए आठ मानक जारी हुए हैं। इस बार जिन स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित होते हैं उन्हें पांच नंबर मिलेंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर टॉपटेन में जगह बनाने वाले स्कूल को पांच और राज्य स्तर पर टॉप टेन में आने वाले स्कूल को 10 अंक मिलेंगे। कक्षा कक्ष के लिए एक की बजाए पांच अंक मिलेंगे। 2022 की बोर्ड परीक्षा में जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 90 फीसदी से अधिक होगा उन्हें 10 अंक मिलेंगे। छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी 80 फीसदी से कम होने पर स्कूल केंद्र बनने से बाहर हो जाएंगे।
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यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण नीति जारी होते ही शिक्षा विभाग की तैयारी तेज हो गई है। अबकी बार मेरिट से केंद्र निर्धारण होगा। इसके अलावा आठ मानक भी तय किए गए हैं। स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी केंद्र बनने में रोड़ा बनेगा। स्मार्ट क्लास संचालन संग टॉपर देने वाले स्कूल को भी प्राथमिकता से केंद्र बनाया जाएगा। फरवरी-मार्च में संभावित बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में परीक्षार्थियों की संख्या करीब-करीब फाइनल हो चुकी है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक विष्णु प्रताप सिंह ने बताया कि एक पाली में 125 से कम धारण क्षमता वाले वित्तविहीन स्कूल केंद्र नहीं बनेंगे, लेकिन राजकीय और एडेड को इसमें छूट रहेगी। इस बार भी पिछले साल की तरह जियो लोकेशन के आधार पर केंद्र निर्धारण होगा। हालांकि ब्लॉकवार बनी प्रधानाचार्यों की कमेटी स्कूल में जाकर वहीं से स्कूलों की जियो लोकेशन का सत्यापन करेगी। डीआईओएस ने बताया कि बोर्ड से जुड़ी सूचनाएं अगर गलत दी जाएगी तो उक्त स्कूल और कॉलेज को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा।
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डीआईओएस ने बताया कि स्कूलों में मेरिट बनाने के लिए आठ मानक जारी हुए हैं। इस बार जिन स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित होते हैं उन्हें पांच नंबर मिलेंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर टॉपटेन में जगह बनाने वाले स्कूल को पांच और राज्य स्तर पर टॉप टेन में आने वाले स्कूल को 10 अंक मिलेंगे। कक्षा कक्ष के लिए एक की बजाए पांच अंक मिलेंगे। 2022 की बोर्ड परीक्षा में जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 90 फीसदी से अधिक होगा उन्हें 10 अंक मिलेंगे। छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी 80 फीसदी से कम होने पर स्कूल केंद्र बनने से बाहर हो जाएंगे।