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डीएम और एसपी ने देखा तिगरी में गंगा का कटान
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तिगरी में गंगा का कटान देखते डीएम उमेश मिश्र एवं एसपी डा. विपिन ताडा।
- फोटो : GAJRAULA
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गजरौला (अमरोहा)। डीएम उमेश मिश्र और एसपी डा. विपिन ताडा ने तिगरी में गंगा किनारे निरीक्षण कर वहां तेजी से हो रहा कटान देखा। साथ ही ग्रामीणों से बातचीत की। डीएम ने तहसीलदार को वहां सुरक्षा के बंदोबस्त और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
बृहस्पतिवार को डीएम एसपी के संग गंगाधाम तिगरी पहुंचे। दोनों अधिकारी गंगा तट का पैदल निरीक्षण करते हुए आबादी में बंधे के पास जा रहे खड़ंजा तक पहुंचे। खड़ंजा कटान में बह चुका है। डीएम के आने की खबर मिलते ही प्रधान नारायण यादव और पूर्व प्रधान गजेंद्र यादव, निपेंद्र त्यागी भी वहां आ पहुंचे। डीएम उमेश मिश्र ने ग्रामीणों ने गांव में बाढ़ के हालात की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि हर साल बरसात में गंगा में बाढ़ सी आ जाती है, लेकिन इसका पानी गांव तक नहीं पहुंच पाता। सुरक्षा के लहजे से गांव में बंधे का निर्माण है। इसके पीछे तक ही गंगा कटान करते हुए आ जाती है। डीएम ने नवंबर माह में लगने वाले एतिहासिक गंगा मेले के संबंध में भी जानकारी ली। एसपी डा. विपिन ताडा ने उन्हें बताया कि नवंबर में पूरा क्षेत्र मेला का होता है। गंगा कटान तो करती है, लेकिन खाली पड़े स्थान पर मेला का आयोजन होता है। इस मौके पर तहसीलदार राकेश कुमार, सुरेश कश्यप, कृष्ण प्रजापति, जितेंद्र शर्मा आदि रहे।
आबादी के बीच नहीं हों अंतिम संस्कार
गजरौला। गंगाधाम तिगरी में निरीक्षण को आए डीएम उमेश मिश्र से ग्रामीणों ने आबादी के बीच हो रहे अंतिम संस्कार बंद कराने की मांग की। उनका कहना था कि गांव में स्थायी शवदाह गृह बना हुआ है। वहां से गंगा नदी तक जाने के लिए सड़क भी है, लेकिन लोग वहां जाना पसंद नहीं करते। यदि ग्रामीण विरोध करते हैं तो शव लेकर आए लोग मारपीट पर आमादा हो जाते हैं। डीएम ने कहा कि गांव में आबादी के बीच अंत्येष्टि नहीं होने दी जाएगी।
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बृहस्पतिवार को डीएम एसपी के संग गंगाधाम तिगरी पहुंचे। दोनों अधिकारी गंगा तट का पैदल निरीक्षण करते हुए आबादी में बंधे के पास जा रहे खड़ंजा तक पहुंचे। खड़ंजा कटान में बह चुका है। डीएम के आने की खबर मिलते ही प्रधान नारायण यादव और पूर्व प्रधान गजेंद्र यादव, निपेंद्र त्यागी भी वहां आ पहुंचे। डीएम उमेश मिश्र ने ग्रामीणों ने गांव में बाढ़ के हालात की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि हर साल बरसात में गंगा में बाढ़ सी आ जाती है, लेकिन इसका पानी गांव तक नहीं पहुंच पाता। सुरक्षा के लहजे से गांव में बंधे का निर्माण है। इसके पीछे तक ही गंगा कटान करते हुए आ जाती है। डीएम ने नवंबर माह में लगने वाले एतिहासिक गंगा मेले के संबंध में भी जानकारी ली। एसपी डा. विपिन ताडा ने उन्हें बताया कि नवंबर में पूरा क्षेत्र मेला का होता है। गंगा कटान तो करती है, लेकिन खाली पड़े स्थान पर मेला का आयोजन होता है। इस मौके पर तहसीलदार राकेश कुमार, सुरेश कश्यप, कृष्ण प्रजापति, जितेंद्र शर्मा आदि रहे।
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आबादी के बीच नहीं हों अंतिम संस्कार
गजरौला। गंगाधाम तिगरी में निरीक्षण को आए डीएम उमेश मिश्र से ग्रामीणों ने आबादी के बीच हो रहे अंतिम संस्कार बंद कराने की मांग की। उनका कहना था कि गांव में स्थायी शवदाह गृह बना हुआ है। वहां से गंगा नदी तक जाने के लिए सड़क भी है, लेकिन लोग वहां जाना पसंद नहीं करते। यदि ग्रामीण विरोध करते हैं तो शव लेकर आए लोग मारपीट पर आमादा हो जाते हैं। डीएम ने कहा कि गांव में आबादी के बीच अंत्येष्टि नहीं होने दी जाएगी।
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