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गंगा में एक लाख साढ़े 36 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा
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गजरौला के गांव अलीनगर में खेतों में भरे गंगा के पानी के बीच से होकर गुजरते गांव दारानगर के ग्रामी?
- फोटो : GAJRAULA
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गजरौला। पहाड़ों के साथ ही मैदानी इलाकों में भी हो रही बारिश और बिजनौर बैराज से लगातार भारी मात्रा में पानी डिस्चार्ज किए जाने के कारण गंगा उफान पर है। तिगरी में गंगा का जलस्तर बीस सेंटीमीटर बढ़कर 200 गेजमीटर बीस सेंटीमीटर रिकार्ड किया गया। वहीं गंगा का पानी तेजी से आसपास के खेतों और गांवों में घुस रहा है। इससे ग्रामीणों की जान सांसत में है। वहीं शुक्रवार को गंगा का जलस्तर और बढ़ने की बात जेई ने कही है।
गुरुवार को गंगा जबरदस्त उफान पर रही। तिगरी में गंगा का पानी खड़ंजे के पार तक आ पहुंचा है। वहीं वहां रखी झोपड़ियां और तख्त पानी में डूबे हुए हैं। गंगा का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। इससे ग्रामीण बाढ़ को लेकर आशंकित हैं। तिगरी के पास स्थित गांव ओसीताजगदेपुर और लठीरा में चारों और पानी भरा हुआ है। वहीं गंगा और रामगंगा पोषक नहर से घिरे गांव अलीनगर, दारानगर, जाटोवाली, शीशोवाली, टीकोवाली, मंदिर वाली भुड्डी समेत 19 गांवों को जाने वाले मार्गों पर गंगा का पानी भरा हुआ है। इसके अलावा कई गांवों की आबादी में भी पानी घुसने लगा है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। अलीनगर से दारानगर को जाने के लिए नौकाघाट वाले कच्चे मार्ग पर भी पानी तेजी से चल रहा है। यहां खड़ंजा भी उखड़ने लगा है और रास्ते में गहरे गड्ढे भी हो गए हैं। दारानगर को जाने वाले बाइक सवार वहां गिरकर घायल हो रहे हैं। वहीं महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवतियां पैदल ही पानी से होकर नौकाघाट तक जा रही हैं। नाव से उतरकर गांव को जाने वाली कच्ची सड़क पर भी घुटनों तक पानी भरा हुआ है। वहीं बाढ़ खंड के जेई प्रदीप सागर ने भी तिगरी में बाढ़ खंड की चौकी और पपसरा रिंग बंध का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सुबह के समय बिजनौर बैराज से एक लाख 36 हजार 472 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को जलस्तर में और बढ़ोत्तरी होना तय है।
(फोटो 20 जीजेएलपी 03 एवं 04 )
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गुरुवार को गंगा जबरदस्त उफान पर रही। तिगरी में गंगा का पानी खड़ंजे के पार तक आ पहुंचा है। वहीं वहां रखी झोपड़ियां और तख्त पानी में डूबे हुए हैं। गंगा का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। इससे ग्रामीण बाढ़ को लेकर आशंकित हैं। तिगरी के पास स्थित गांव ओसीताजगदेपुर और लठीरा में चारों और पानी भरा हुआ है। वहीं गंगा और रामगंगा पोषक नहर से घिरे गांव अलीनगर, दारानगर, जाटोवाली, शीशोवाली, टीकोवाली, मंदिर वाली भुड्डी समेत 19 गांवों को जाने वाले मार्गों पर गंगा का पानी भरा हुआ है। इसके अलावा कई गांवों की आबादी में भी पानी घुसने लगा है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। अलीनगर से दारानगर को जाने के लिए नौकाघाट वाले कच्चे मार्ग पर भी पानी तेजी से चल रहा है। यहां खड़ंजा भी उखड़ने लगा है और रास्ते में गहरे गड्ढे भी हो गए हैं। दारानगर को जाने वाले बाइक सवार वहां गिरकर घायल हो रहे हैं। वहीं महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवतियां पैदल ही पानी से होकर नौकाघाट तक जा रही हैं। नाव से उतरकर गांव को जाने वाली कच्ची सड़क पर भी घुटनों तक पानी भरा हुआ है। वहीं बाढ़ खंड के जेई प्रदीप सागर ने भी तिगरी में बाढ़ खंड की चौकी और पपसरा रिंग बंध का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सुबह के समय बिजनौर बैराज से एक लाख 36 हजार 472 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को जलस्तर में और बढ़ोत्तरी होना तय है।
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(फोटो 20 जीजेएलपी 03 एवं 04 )