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बैराज से पानी छोड़े जाने से उफान मार रही गंगा
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गजरौला। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश और बिजनौर बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा उफान पर है। हालांकि तिगरी में पांच सेंटीमीटर जल स्तर घटकर रिकार्ड किया गया लेकिन विकराल स्वरूप में बह रही गंगा तेजी से कटान कर रही है। वहीं तिगरी में गंगा के किनारे स्थित गांवों के साथ ही ओसीताजगदेपुर, टोकीवाली, शीशोवाली के खेतों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं।
शनिवार को भी गंगा जबरदस्त उफान पर रही। हालांकि बाढ़ खंड के जेई प्रदीप सागर ने बताया कि सुबह के समय तिगरी में जलस्तर पांच सेंटीमीटर घटकर 200 गेट मीटर 15 सेंटीमीटर रिकार्ड किया गया। वहीं सुबह के समय बिजनौर स्थित बैराज से 56 हजार 142 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। तेजी से कटान कर रही गंगा अब तिगरी में मुख्य स्नान घाट को पार कर खड़ंजे तक आ पहुंची है। इससे वहां के दुकानदार दहशत में हैं। वहीं पंडितों के तख्त और झोपड़ी पानी में डूबे हुए हैं। कटान कर रही गंगा ने खड़ंजे से लगी कच्ची सड़क को भी तोड़ दिया है और वहां ऊपर तक पानी बह रहा है। उधर, गांव ओसीताजगदेपुर, शीशोवाली और टीकोवाली में खेतों में पानी भरा होने से ग्रामीण हरा चारा लेने के लिए जान जोखिम में डालकर वहां जा रहे हैं।
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शनिवार को भी गंगा जबरदस्त उफान पर रही। हालांकि बाढ़ खंड के जेई प्रदीप सागर ने बताया कि सुबह के समय तिगरी में जलस्तर पांच सेंटीमीटर घटकर 200 गेट मीटर 15 सेंटीमीटर रिकार्ड किया गया। वहीं सुबह के समय बिजनौर स्थित बैराज से 56 हजार 142 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। तेजी से कटान कर रही गंगा अब तिगरी में मुख्य स्नान घाट को पार कर खड़ंजे तक आ पहुंची है। इससे वहां के दुकानदार दहशत में हैं। वहीं पंडितों के तख्त और झोपड़ी पानी में डूबे हुए हैं। कटान कर रही गंगा ने खड़ंजे से लगी कच्ची सड़क को भी तोड़ दिया है और वहां ऊपर तक पानी बह रहा है। उधर, गांव ओसीताजगदेपुर, शीशोवाली और टीकोवाली में खेतों में पानी भरा होने से ग्रामीण हरा चारा लेने के लिए जान जोखिम में डालकर वहां जा रहे हैं।
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