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गंगा एक्सप्रेस-वे : बोले किसान, औद्योगिक गलियारे के लिए नहीं देंगे जमीन
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अमरोहा। गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे गांव मंगरौला में औद्योगिक गलियारा बनाए जाने को लेकर किसानों का विरोध लगातार जारी है। शनिवार को किसान कलक्ट्रेट पहुंचे और विरोध प्रदर्शन कर जमीन न देने का एलान किया। उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे में भूमि देकर पहले से ही कई किसान भूमिहीन हो चुके हैं। गलियारे के लिए चिह्नित जमीन के लिए उन्होंने डीएम को आपत्ति पत्र सौंपा।
मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण कराया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे की परिधि में अमरोहा जनपद की हसनपुर तहसील के 25 गांव आ रहे हैं। 25 गांवों के 2,467 किसानों की 315.761 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करने के बाद निर्माण कार्य कार्य तेजी से चल रहा है। अब गांव मंगरौला में गंगा एक्सप्रेस-वे किनारे औद्योगिक गलियारा बनाए जाने की तैयारी की है। इसके लिए गांव मंगरौला के किसानों की करीब 2200 बीघा भूमि को चिन्हित किया गया है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। लेकिन गांव के किसान इससे खुश नहीं है।
किसानों का कहना है कि पहले ही गांव में गंगा एक्सप्रेस-वे, टी प्वाइंट और मध्यगंगा नहर के लिए करीब 1300 बीघा भूमि का अधिग्रहण कराया जा चुका है। यदि अब और भूमि अधिग्रहीत की जाती है तो सैकड़ों किसान भूमिहीन हो जाएंगे। शुक्रवार को मंगरौला के किसान कलक्ट्रेट पहुंचे और औद्योगिक गलियारे के लिए चिह्नित भूमि को न देने की बात कही। इसके लिए उन्होंने डीएम के नाम आपत्ति पत्र डिप्टी कलेक्टर को सौंपे। इस दौरान जयपाल सिंह, जय प्रकाश, रिंकू, जयकरन सिंह, राकेश शर्मा, हिमांशु, मोमराज, कल्याण सिंह आदि मौजूद रहे।
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क्या बोले किसान
- गंगा एक्सप्रेस वे के लिए जमीन देकर किसान पहले ही भूमिहीन हो चुके हैं, अब औद्योगिक गलियारों के लिए एक इंच भूमि भी नहीं दी जाएगी। लगातार प्रशासन से इसके लिए मांग की जा रही है।-- ऋषिपाल सिंह।
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- गांव में गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए हजारों बीघा भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। लेकिन अब यहां औद्योगिक गलियारा बनाने की बात चल रही है। इसके लिए किसानों की भूमि खरीदने के लिए चिन्हित किया गया है। भूमि नहीं देंगे।-- राजेश कुमार।
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औद्योगिक गलियारे को लेकर प्रशासन से लगातार मांग की जा रही है कि चिह्नित जमीन की जगह दूसरी जगह जमीन तलाशी जाए, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। अब हम जमीन नहीं देंगे। -विजय सिंह।
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पहले किसानों ने प्रशासन को मौखिक रूप से अवगत कराया, लेकिन अब कई किसानों ने जमीन अधिग्रहित न करने के लिए आपत्ति पत्र दिए हैं। जय पाल सिंह।
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मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण कराया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे की परिधि में अमरोहा जनपद की हसनपुर तहसील के 25 गांव आ रहे हैं। 25 गांवों के 2,467 किसानों की 315.761 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करने के बाद निर्माण कार्य कार्य तेजी से चल रहा है। अब गांव मंगरौला में गंगा एक्सप्रेस-वे किनारे औद्योगिक गलियारा बनाए जाने की तैयारी की है। इसके लिए गांव मंगरौला के किसानों की करीब 2200 बीघा भूमि को चिन्हित किया गया है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। लेकिन गांव के किसान इससे खुश नहीं है।
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किसानों का कहना है कि पहले ही गांव में गंगा एक्सप्रेस-वे, टी प्वाइंट और मध्यगंगा नहर के लिए करीब 1300 बीघा भूमि का अधिग्रहण कराया जा चुका है। यदि अब और भूमि अधिग्रहीत की जाती है तो सैकड़ों किसान भूमिहीन हो जाएंगे। शुक्रवार को मंगरौला के किसान कलक्ट्रेट पहुंचे और औद्योगिक गलियारे के लिए चिह्नित भूमि को न देने की बात कही। इसके लिए उन्होंने डीएम के नाम आपत्ति पत्र डिप्टी कलेक्टर को सौंपे। इस दौरान जयपाल सिंह, जय प्रकाश, रिंकू, जयकरन सिंह, राकेश शर्मा, हिमांशु, मोमराज, कल्याण सिंह आदि मौजूद रहे।
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क्या बोले किसान
- गंगा एक्सप्रेस वे के लिए जमीन देकर किसान पहले ही भूमिहीन हो चुके हैं, अब औद्योगिक गलियारों के लिए एक इंच भूमि भी नहीं दी जाएगी। लगातार प्रशासन से इसके लिए मांग की जा रही है।
- गांव में गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए हजारों बीघा भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। लेकिन अब यहां औद्योगिक गलियारा बनाने की बात चल रही है। इसके लिए किसानों की भूमि खरीदने के लिए चिन्हित किया गया है। भूमि नहीं देंगे।
औद्योगिक गलियारे को लेकर प्रशासन से लगातार मांग की जा रही है कि चिह्नित जमीन की जगह दूसरी जगह जमीन तलाशी जाए, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। अब हम जमीन नहीं देंगे। -विजय सिंह।
पहले किसानों ने प्रशासन को मौखिक रूप से अवगत कराया, लेकिन अब कई किसानों ने जमीन अधिग्रहित न करने के लिए आपत्ति पत्र दिए हैं। जय पाल सिंह।