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ढबारसी में भी मृतकों के नाम पर वृद्धावस्था पेंशन की बंदरबांट

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2020 01:54 AM IST
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ढबारसी(अमरोहा)। जिला समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था पेंशन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। एक के बाद एक परतें खुलती जा रही है। भीमा सुल्तानपुर के बाद अब ढबारसी में 22 से अधिक मृतकों को पेंशन दी जा रही है। हैरत की बात यह है कि कई मृतकों के बैंकों में खाते भी नहीं है। सूची में कई मृतकों की जाति बदल रखी है। परिजनों को इसकी भनक भी नहीं कि जो उनके जो बुजुर्ग वर्षों पहले मर चुके है, उनकी पेंशन आज भी आ रही है। अधिकारियों का दावा अपात्रों की पेंशन काट दी गई है और मृतकों की पेंशन पर रोक लगा दी गई है। अब सवाल यह है कि ढबारसी से मृतकों का नाम वित्तीय वर्ष 2020-21 की सूची में क्यों चल रहे हैं। बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद भी जिम्मेदार दोषियों कर्मचारियों पर कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
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जिला समाज कल्याण विभाग की तरफ से 34, 349 लोगों को वृद्धावस्था पेंशन दी जा रही है। लेकिन, इस वृद्धावस्था पेंशन में बड़ा फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। हसनपुर ब्लाक क्षेत्र की भीमा सुल्तानपुर ग्राम पंचायत में वृद्धावस्था पेंशन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। यहां कई लोगों को अधिक उम्र दर्शा कर पेंशन दी जा रही थी। जबकि, छह मृतकों को वृद्धावस्था पेंशन दिए जाने का मामला प्रकाश में आया था। जिला समाज कल्याण अधिकारी अपात्रों की पेंशन काटने और मृतकों के नाम पर भेजी गई पेंशन रोकने का दावा करते हुए बैंक से धनराशि वापस कराने की बात कही है। लेकिन, अब ढबारसी ग्राम पंचायत में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। यहां पर 146 पेंशन धारकों में से 22 लोगों की मौत एक से दस साल के बीच मौत हो चुकी है। बावजूद इसके उनकी पेंशन लगातार आ रही है। बड़ी बात यह है कि यह पेंशन मृतकों के खाते में नहीं, बल्कि अन्य दूसरे खातों में भेजकर बंदरबांट किया जा रहा है। वहीं तीन मृतकों की जाति बदल दी गई है।

गंगेश्वरी ब्लॉक के ढबारसी में वृद्धावस्था पेंशन ग्रहण कर रहे मृतकों सूची
- बलराज पुत्र बलदेव (एससी है जबकि जनरल में दर्शा रखा है)
- बदलू पुत्र सुम्मेरी (एससी है अल्पसंख्यक दर्शाया गया है)
- चंदनिया पत्नी अखाडे़बाज (एससी है जनरल में दर्शाया गया है)
- ग्यानवती पत्नी जगत वीर
- कुन्ती पत्नी रामौतार
- मसीत खा पुत्र कल्लू
- चन्द्रवती पत्नी जयसिंह
- मुन्नी लाल पुत्र रामचन्द्र
- बुद्ध सिंह पुत्र प्रसादी
- हुसैनी पत्नी मसीत
- असगरी पत्नी घासी
- अतीकुर्रहमान पुत्र सईद खा
- खचेडू पुत्र तुलाराम
- चमेली पत्नी रामभरोसे
- बाल किशन पुत्र मोहर सिंह
- भागवती पत्नी रोशन
- छिददा पुत्र भगोना
- इतवारी पुत्र सपरी
- पूरन पुत्र कल्लू
- रेवा पत्नी चाऊमल
- छोटी पत्नी रघुवीर
- सरवती पत्नी खचेडू
‘खाता बंद है, कहां जा रही पेंशन पता नहीं’
- मृतक खचेडू पुत्र तुलाराम के पुत्र शिवकुमार का कहना है कि उनके पिता की मृत्यु को 10 वर्ष से अधिक हो गए है। उनका बैंक में खाता भी नहीं है। उन्हें जानकारी नहीं है कि वृद्धावस्था पेंशन किसके खाते में जा रही है।
- बदलू पुत्र सुम्मेरी के पुत्र हरि सिंह का कहना है कि उनके पिताजी की मौत को लगभग 7 वर्ष बीत चुके हैं। उनका ढबारसी के प्रथमा बैंक मे खाता था और उनकी मृत्यु के पश्चात खाते को बंद करा दिया था। वृद्धावस्था पेंशन किसके खाते में जा रही है उन्हें जानकारी नहीं है।
- मृतक इतवारी पुत्र सपरी सिंह के बेटे अमरसिंह का कहना है कि उनके पिता की मृत्यु हुए 5 वर्ष बीत गए हैं। उनकी मृत्यु के पश्चात बैंक खाते में से रुपये निकाल कर खाते को बंद कर दिया था। इसके बाद उनकी पेंशन की कोई धनराशि नहीं मिली है।
146 पेंशनधारकों में से 22 से अधिक की हो चुकी मौत
ढबारसी। गंगेश्वरी ब्लॉक के ढबारसी में 146 लोगों की वृद्धावस्था पेंशन आ रही है। समाज कल्याण विभाग प्रत्येक तीन महीने में पेंशन भेज रहा है। लेकिन, वित्तीय वर्ष 2020-21 की पेंशनधारी सूची में शामिल 22 की मौत एक वर्ष से 10 वर्ष पहले हो चुकी है। पेंशन में फर्जीवाड़ा का आलम ये है कि मृतकों के परिजनों को यह जानकारी नहीं है कि सरकार द्वारा दी जा रही पेंशन की धनराशि आखिर किसके खाते में जा रही है।

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