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फर्जी काम दिखा कर धनराशि डकारी
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Wed, 10 Aug 2016 01:32 AM IST
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- फोटो : demo pic
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मनरेगा में लाखों रुपये का गड़बड़झाला सामने आया है। पीपली मेघचंद गांव में भूमि समतलीकरण के कार्यों में फर्जीवाड़ा कर करीब ढाई लाख की धनराशि हड़पी गई है। इस खेल का भंडाफोड़ तब हुआ जब ग्रामीणों की शिकायत पर पीडी डीआरडीए ने गांव में जाकर पड़ताल की और अभिलेखों को खंगाला। अगली कार्रवाई के लिए उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है।
कुछ दिन पहले पीपली मेघचंद के ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की थी कि गांव में प्रधान व रोजगार सेवक द्वारा मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में फर्जीवाड़ा किया गया है। भूमि समतलीकरण व अन्य कार्यों को फर्जी दर्शाकर धनराशि हड़पी गई है। इसके अलावा ग्रामीणों ने अन्य आरोप भी उन पर लगाए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने पीडी डीआरडीए पीके शुक्ल को जांच सौंप दी थी।
पीडी ने गांव में जाकर पड़ताल की और मनरेगा कार्यों से संबंधित अभिलेखों को खंगाला तो घपला पकड़ में आ गया। जमीन समतलीकरण के काम में गड़बड़ी की गई। लोगों से बातचीत कर उन्होंने कई जानकारियां भी हासिल कीं और प्रत्येक बिंदु को ध्यान में रखते हुए अपनी डायरी में अंकित किया।
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अधिकारिक सूत्रों की बात पर यकीन करें तो जांच अधिकारी के समक्ष प्रधान ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत करार दिया है, लेकिन पीडी द्वारा की गई कागजों की तहकीकात में वह फंस गया है। बहरहाल जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देने की बात कही है। पूर्व प्रधानपति बलवीर सिंह का कहना है कि मेरी पत्नी के खिलाफ शिकायतें राजनीतिक षड्यंत्र के तहत की जा रही हैं। शिकायतें फर्जी हैं। मैंने ग्रामीणों के शपथ पत्र जांच अधिकारी को दिए हैं। कोई गबड़झाला नहीं निकलेगा।
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कुछ दिन पहले पीपली मेघचंद के ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की थी कि गांव में प्रधान व रोजगार सेवक द्वारा मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में फर्जीवाड़ा किया गया है। भूमि समतलीकरण व अन्य कार्यों को फर्जी दर्शाकर धनराशि हड़पी गई है। इसके अलावा ग्रामीणों ने अन्य आरोप भी उन पर लगाए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने पीडी डीआरडीए पीके शुक्ल को जांच सौंप दी थी।
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पीडी ने गांव में जाकर पड़ताल की और मनरेगा कार्यों से संबंधित अभिलेखों को खंगाला तो घपला पकड़ में आ गया। जमीन समतलीकरण के काम में गड़बड़ी की गई। लोगों से बातचीत कर उन्होंने कई जानकारियां भी हासिल कीं और प्रत्येक बिंदु को ध्यान में रखते हुए अपनी डायरी में अंकित किया।
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अधिकारिक सूत्रों की बात पर यकीन करें तो जांच अधिकारी के समक्ष प्रधान ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत करार दिया है, लेकिन पीडी द्वारा की गई कागजों की तहकीकात में वह फंस गया है। बहरहाल जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देने की बात कही है। पूर्व प्रधानपति बलवीर सिंह का कहना है कि मेरी पत्नी के खिलाफ शिकायतें राजनीतिक षड्यंत्र के तहत की जा रही हैं। शिकायतें फर्जी हैं। मैंने ग्रामीणों के शपथ पत्र जांच अधिकारी को दिए हैं। कोई गबड़झाला नहीं निकलेगा।