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स्कूलों में विद्युतीकरण के नाम पर लाखों के घपले की आ रही बू
संदाप सौरभ/अनिल चौहान/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 30 Apr 2017 01:10 AM IST
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- फोटो : amarujala
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सरकार बदलते ही प्रदेश में नए-नए घोटाले सामने आ रहे हैं। अब चाहें यह घोटाला आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का हो या फिर वक्फ बोर्ड की जमीन का। जिले में इससे अलग ही लाखों का घपला प्रकाश में आया है। यह बेसिक शिक्षा विभाग में खुला है। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में विद्युतीकरण व बिजली की फिटिंग कराने के नाम पर लाखों का गड़बड़झाला हुआ है।
चुनाव से ठीक पहले तत्कालीन सपा सरकार से बेसिक शिक्षा विभाग को करीब 65 लाख रुपये आवंटित हुए थे। जिससे चुनाव तक सभी स्कूलों में बिजली पहुंच जाए और सारी व्यवस्था पूरी हो जाए। इससे इतर स्कूलों की हालत जस की तस है। स्कूलों में मीटर लगे हैं न ही बिजली की फिटिंग हुई है। बच्चे भीषण गर्मी में पढ़ने को मजबूर हैं। सवाल है पैसा आया तो कहां गया।
सूबे में विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में रोशनी करने के लिए जनपद के 492 प्राथमिक व उच्चप्राथमिक विद्यालयों में मीटर लगवाने व बिजली फिटिंग कराने के निर्देश दिए गये थे, ताकि विधानसभा चुनाव में बूथ बनने वाले स्कूलों में रोशनी हो सके।
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14 दिसंबर 2016 को शासन से 6,955 रुपये प्रत्येक स्कूल में विद्युतीकरण के हिसाब से लगभग 35 लाख रुपया दिया गया था, जबकि 6,142 रुपये के हिसाब से बिजली फीटिंग कराने के लिए 31 लाख रुपये शिक्षा विभाग को मिला था।
कुल धनराशि करीब 65 लाख रुपये थी, लेकिन शनिवार को जब अमर उजाला टीम ने कुछ स्कूलों का दौरा किया तो अजीबोगरीब स्थिति सामने आई। विद्यालयों में बिजली विभाग ने ना तो मीटर लगाए और ना ही प्रबंध समिति द्वारा बिजली की फिटिंग कराई।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक 492 प्राथमिक व उच्चप्रथमिक विद्यालयों में विद्युतीकरण के लिए बिजली विभाग को रुपया भेजा गया है और बिजली फिटिंग के लिए विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में ट्रांसफर किया गया है।
शासन से दिसंबर माह में प्राथमिक व उच्चप्राथमिक विद्यालयों में विद्युतीकरण व बिजली फिटिंग कराने के लिए पैसा आया था। विद्युतीकरण का पैसा बिजली विभाग को भेज दिया गया और बिजली फिटिंग का पैसा स्कूल की प्रबंध समिति को भेजा गया है। लेकिन बिजली विभाग द्वारा स्कूलों में मीटर नहीं लगाए गए। इसी कारण विद्यालयों में बिजली फिटिंग नही कराई जा सकी है। -बेसिक शिक्षाधिकारी शमीम खानम अमरोहा
विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षा विभाग से विद्यालयों के विद्युतीकरण के लिए पैसा प्राप्त हुआ था। चुनाव नजदीक था इसलिए तत्कालीन डीएम के निर्देश पर सभी विद्यालयों में विद्युतीकरण कराया गया था। सभी स्कूलों में मीटर लगाए गए हैं। -एसबी पाल अधीक्षण अभियंता अमरोहा
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चुनाव से ठीक पहले तत्कालीन सपा सरकार से बेसिक शिक्षा विभाग को करीब 65 लाख रुपये आवंटित हुए थे। जिससे चुनाव तक सभी स्कूलों में बिजली पहुंच जाए और सारी व्यवस्था पूरी हो जाए। इससे इतर स्कूलों की हालत जस की तस है। स्कूलों में मीटर लगे हैं न ही बिजली की फिटिंग हुई है। बच्चे भीषण गर्मी में पढ़ने को मजबूर हैं। सवाल है पैसा आया तो कहां गया।
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सूबे में विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में रोशनी करने के लिए जनपद के 492 प्राथमिक व उच्चप्राथमिक विद्यालयों में मीटर लगवाने व बिजली फिटिंग कराने के निर्देश दिए गये थे, ताकि विधानसभा चुनाव में बूथ बनने वाले स्कूलों में रोशनी हो सके।
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14 दिसंबर 2016 को शासन से 6,955 रुपये प्रत्येक स्कूल में विद्युतीकरण के हिसाब से लगभग 35 लाख रुपया दिया गया था, जबकि 6,142 रुपये के हिसाब से बिजली फीटिंग कराने के लिए 31 लाख रुपये शिक्षा विभाग को मिला था।
कुल धनराशि करीब 65 लाख रुपये थी, लेकिन शनिवार को जब अमर उजाला टीम ने कुछ स्कूलों का दौरा किया तो अजीबोगरीब स्थिति सामने आई। विद्यालयों में बिजली विभाग ने ना तो मीटर लगाए और ना ही प्रबंध समिति द्वारा बिजली की फिटिंग कराई।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक 492 प्राथमिक व उच्चप्रथमिक विद्यालयों में विद्युतीकरण के लिए बिजली विभाग को रुपया भेजा गया है और बिजली फिटिंग के लिए विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में ट्रांसफर किया गया है।
शासन से दिसंबर माह में प्राथमिक व उच्चप्राथमिक विद्यालयों में विद्युतीकरण व बिजली फिटिंग कराने के लिए पैसा आया था। विद्युतीकरण का पैसा बिजली विभाग को भेज दिया गया और बिजली फिटिंग का पैसा स्कूल की प्रबंध समिति को भेजा गया है। लेकिन बिजली विभाग द्वारा स्कूलों में मीटर नहीं लगाए गए। इसी कारण विद्यालयों में बिजली फिटिंग नही कराई जा सकी है। -बेसिक शिक्षाधिकारी शमीम खानम अमरोहा
विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षा विभाग से विद्यालयों के विद्युतीकरण के लिए पैसा प्राप्त हुआ था। चुनाव नजदीक था इसलिए तत्कालीन डीएम के निर्देश पर सभी विद्यालयों में विद्युतीकरण कराया गया था। सभी स्कूलों में मीटर लगाए गए हैं। -एसबी पाल अधीक्षण अभियंता अमरोहा