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Amroha News: गजरौला में चार सभासदों को मिला नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने का मौका

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 15 Dec 2022 08:00 AM IST
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Four councilors got a chance to sit on the chair of Nagar Panchayat President in Gajraula
गजरौला में चार सभासदों को मिला नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने का मौका
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गजरौला (अमरोहा)। नगर पंचायत ने अब तक चार सभासदों को भी अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया। नाईपुरा से वर्ष-1995 में सभासद रहे महेंद्र सिंह 2001 में सपा के समर्थन से चुनाव जीत कर नगर पंचायत अध्यक्ष बने।
वर्ष-2006 में निर्दलीय मैदान में उतर कर और ऐन वक्त पर रालोद का दामन थाम कर 47 वोट से सत्तारूढ़ सपा के डॉ. आशुतोष भूषण को पराजित कर नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर पहुंचे रोहताश शर्मा वर्ष 2000 में लोहिया नगर से सभासद का चुनाव जीते थे। अविश्वास मत के जरिए नगर पंचायत अध्यक्ष बनने वाले सिराज अहमद और राजकुमार अग्रवाल भी सभासद रहे थे।
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वर्ष-1986 में गजरौला को नगर पंचायत का दर्जा दिया गया। दो साल बाद 1988 में पहला चुनाव हुआ। निर्दलीय चुनाव लड़े अनिल गर्ग सबसे पहले नगर पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुए। मगर दो साल बाद 1990 में अविश्वास मत प्रस्ताव के जरिए उनकी कुर्सी चली गई। उस समय अल्लीपुर भूड़ के सभासद सिराज अहमद थे। अनिल कुमार की कुर्सी चली जाने पर जुलाई-90 में सिराज अहमद नगर पंचायत अध्यक्ष बने। वह मार्च-92 तक नगर पंचायत अध्यक्ष रहे। उस समय आजाद नगर, शिवपुरी और बुध बाजार एक ही वार्ड था। राजकुमार अग्रवाल तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष सिराज अहमद के खिलाफ अविश्वास मत प्रस्ताव लाए। उनको हटाकर राज कुमार अग्रवाल मार्च-92 में नगर पंचायत के अध्यक्ष बने। 93 में प्रदेश में सपा की सरकार चली जाने पर कल्याण सिंह के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी। अनिल कुमार गर्ग ने राजकुमार अग्रवाल से कुर्सी छीन ली। उधर 1995 में हुए चुनाव में जसराम सिंह नगर पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुए तो नाईपुरा वार्ड से जीत कर महेंद्र सिंह सभासद बने। महेंद्र सिंह वर्ष-2000 तक सभासद रहे। अगले वर्ष-2001 में चुनाव होने पर उन्होंने सपा के समर्थन से नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ा और बसपा के गंगा सरन जाटव को करीब ढाई हजार वोट से पराजित कर नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा कर लिया। उस समय लोहिया नगर से रोहताश शर्मा सभासद थे। वर्ष-2006 में नगर पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी सामान्य होने पर नगर पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सिंह, अनिल कुमार गर्ग, सपा से डॉ. आशुतोष भूषण और रोहताश शर्मा मैदान में आए। अनिल गर्ग, महेंद्र सिंह व रोहताश शर्मा उस वक्त निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। ऐन वक्त पर रोहताश शर्मा ने राष्ट्रीय लोक दल का दामन थाम लिया। वह सत्तारूढ़ सपा के डा. आशुतोष भूषण को 47 वोट से पराजित कर नगर पंचायत अध्यक्ष बने। इस तरह महेंद्र सिंह व रोहताश शर्मा एक-एक बार सभासद रहने के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचे, जबकि सिराज अहमद व राजकुमार अग्रवाल अविश्वास मत प्रस्ताव के जरिए नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर आसीन हुए। उनके अलावा कोई भी सभासद नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक नहीं पहुंचा।
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