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Amroha News: छात्रा की गुहार के बाद स्कूल संचालकों को एनसीईआरटी की किताबें लगाने के निर्देश
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अमरोहा। निजी स्कूलों में महंगी किताबों को लेकर एक छोटी बच्ची की आवाज ने प्रशासन को झकझोर दिया। गंगेश्वरी ब्लॉक के गांव देहरी गुर्जर निवासी कक्षा एक की छात्रा माही द्वारा सोशल मीडिया के जरिए डीएम से की गई अपील का असर दिखा है।
डीएम निधि गुप्ता वत्स ने मामले का संज्ञान लेते हुए तीन निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके बाद बीएसए कार्यालय से पत्र जारी करके सभी स्कूल संचालकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
माही ने एक वीडियो के माध्यम से महंगी किताबों की समस्या उठाई थी। इसके बाद रविवार को जांच टीम मौके पर पहुंची और मामले की पड़ताल की। जांच टीम में शामिल राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बछरायूं के प्रधानाचार्य डॉ. धर्म सिंह की जांच में सामने माही के स्कूल की किताबें करीब 3600 रुपये की थीं। आर्थिक तंगी के कारण उसके पिता सोहित केवल आधी राशि ही जमा कर पाए थे।
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जांच के दौरान अधिकारियों ने माही और उसके परिजनों से बातचीत कर पूरी जानकारी ली। पिता सोहित ने मांग की कि निजी स्कूलों द्वारा किताबों, यूनिफॉर्म और दाखिला फीस के नाम पर हो रहे शोषण की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
जांच अधिकारी डॉ. धर्म सिंह की जांच में माही द्वारा उठाया गया मुद्दा सही पाया गया और इसकी रिपोर्ट डीआईओएस को सौंप दी गई। इसके बाद डीआईओएस ने रिपोर्ट डीएम को भेजी। चूंकि मामला कक्षा एक से संबंधित था, जो बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आता है, इसलिए आगे की जांच रिपोर्ट में आधार पर बीएसए को कार्रवाई के निर्देश दिए।
हालांकि बीएसए के अवकाश पर होने के कारण तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकी, लेकिन विभाग की ओर से सभी निजी स्कूल संचालकों को सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निर्देशों के अनुसार सभी विद्यालयों को एनसीईआरटी द्वारा अधिकृत पुस्तकों से ही शिक्षण कार्य कराना होगा और अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से किताब या यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव नहीं बनाया जाएगा। विद्यालयों को फीस वृद्धि भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही करनी होगी। संवाद
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डीएम निधि गुप्ता वत्स ने मामले का संज्ञान लेते हुए तीन निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके बाद बीएसए कार्यालय से पत्र जारी करके सभी स्कूल संचालकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
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माही ने एक वीडियो के माध्यम से महंगी किताबों की समस्या उठाई थी। इसके बाद रविवार को जांच टीम मौके पर पहुंची और मामले की पड़ताल की। जांच टीम में शामिल राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बछरायूं के प्रधानाचार्य डॉ. धर्म सिंह की जांच में सामने माही के स्कूल की किताबें करीब 3600 रुपये की थीं। आर्थिक तंगी के कारण उसके पिता सोहित केवल आधी राशि ही जमा कर पाए थे।
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जांच के दौरान अधिकारियों ने माही और उसके परिजनों से बातचीत कर पूरी जानकारी ली। पिता सोहित ने मांग की कि निजी स्कूलों द्वारा किताबों, यूनिफॉर्म और दाखिला फीस के नाम पर हो रहे शोषण की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
जांच अधिकारी डॉ. धर्म सिंह की जांच में माही द्वारा उठाया गया मुद्दा सही पाया गया और इसकी रिपोर्ट डीआईओएस को सौंप दी गई। इसके बाद डीआईओएस ने रिपोर्ट डीएम को भेजी। चूंकि मामला कक्षा एक से संबंधित था, जो बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आता है, इसलिए आगे की जांच रिपोर्ट में आधार पर बीएसए को कार्रवाई के निर्देश दिए।
हालांकि बीएसए के अवकाश पर होने के कारण तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकी, लेकिन विभाग की ओर से सभी निजी स्कूल संचालकों को सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निर्देशों के अनुसार सभी विद्यालयों को एनसीईआरटी द्वारा अधिकृत पुस्तकों से ही शिक्षण कार्य कराना होगा और अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से किताब या यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव नहीं बनाया जाएगा। विद्यालयों को फीस वृद्धि भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही करनी होगी। संवाद