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Amroha News: पांच साल बाद भी ओवरहेड टैंक अधूरा, खोदकर छोड़ी सड़कें बनीं सिरदर्द
Sun, 19 Apr 2026 02:15 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sun, 19 Apr 2026 02:15 AM IST
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डिडौली (अमरोहा)। श्यौनाली गांव में जलजीवन मिशन योजना का हाल बद से बदतर है। गांव में पांच साल पहले 2.29 करोड़ रुपये शुरू हुआ ओवरहेड टैंक का निर्माण अभी भी अधूरा है। साथ ही पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदकर छोड़ी गईं सड़कें लोगों के लिए सिरदर्द बनी हैं। सड़कों में बने गड्ढों से हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों के मुताबिक ओवरहेड टैंक के चालू होने से गांव में स्वच्छ पेयजल मिलने की उम्मीद थी, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी और लापरवाही के चलते उनकी आस धूमिल हो गई है। हालात यह हैं कि करोड़ों खर्च के बावजूद टंकी से अब तक पानी की एक बूंद भी सप्लाई नहीं हो सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि शुक्रवार को गांव में डीएम का प्रस्तावित दौरा अंतिम समय में निरस्त कर दिया गया। प्रशासन की ओर से सरकारी स्कूल में टेंट समेत सभी तैयारियां कर ली गई थीं, लेकिन अधिकारियों ने गांव की बदहाल सड़कों की स्थिति देखकर कार्यक्रम रद्द कर दिया। सड़कों की हालत इतनी खराब है कि जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी हुई सड़कें लोगों के लिए खतरा बनी हुई हैं। ग्रामीणों में इसको लेकर नाराजगी है।
उनका आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। गांव में जहां टंकी का निर्माण हुआ है, वहां गंदगी के ढेर लगे हैं और अवैध कब्जे भी हो चुके हैं। वहीं, निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। जब ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू हुआ था तो ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब वह उम्मीद अधूरी रह गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द ओवरहेड टैंक निर्माण कार्य पूरा कराकर उसे चालू कराने की मांग की है। साथ ही गांव की सड़कों की मरम्मत कराई जाए, ताकि उन्हें मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।
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करोड़ों की लागत खर्च होने के बाद भी ग्रामीण दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। सभी सड़कें खुदी पड़ी हैं। लोग ठोकर खाकर गिर रहे हैं। अनेक बार शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्य नहीं हुआ है। -जैनुल, श्यौनाली
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गांव में जब ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य शुरू हुआ था तो लोगों को स्वच्छ पेयजल पीने के लिए मिलेगा यह सोचा था। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ। जिम्मेदार सुनने को तैयार नहीं है। सड़क के निर्माण में बहुत घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। सभी सड़कें उखड़ी पड़ी हैं। - समीर पाशा, श्यौनाली
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जहां पर ओवरहेड टैंक निर्माण हुआ है वहां पर गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। लोगों ने वहां पर अवैध कब्जा कर रखा है। लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। गांव की सड़क इतनी खराब है कि रात में तो चल भी नहीं सकते। अगर चलते हैं तो बच्चे-बूढ़े गिर जाते हैं। -मनीष, श्यौनाली
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गांव की सड़कें उखड़ी पड़ी हुई है, जिससे बड़ी परेशानियां है। शुक्रवार को गांव में जिलाधिकारी के लिए सरकारी स्कूल में टेंट लगाया गया था लेकिन अधिकारियों को पता चल गया कि ग्रामीण टंकी की और सड़कों की शिकायत करेंगे तो प्रोग्राम भी चेंज कर दिया। -रमेश कुमार, श्यौनाली
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करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी पानी टंकी का कार्य अधर में पड़ा हुआ है। सड़कें टूटी हुई हैं। अधिकारियों से शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। -वसीम अहमद, श्यौनाली
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गांव में टंकी निर्माण को लेकर मैं कई बार अधिकारियों से मिल भी चुका हूं और लिखित में भी शिकायत कर चुका हूं। शुक्रवार को डीएम का दौरा था, लेकिन टूटी सड़कें और टंकी निर्माण को लेकर अधिकारियों ने लोकेशन गलत बताते हुए स्थान बदल दिया। -खालिद हुसैन, ग्राम प्रधान
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ग्रामीणों के मुताबिक ओवरहेड टैंक के चालू होने से गांव में स्वच्छ पेयजल मिलने की उम्मीद थी, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी और लापरवाही के चलते उनकी आस धूमिल हो गई है। हालात यह हैं कि करोड़ों खर्च के बावजूद टंकी से अब तक पानी की एक बूंद भी सप्लाई नहीं हो सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि शुक्रवार को गांव में डीएम का प्रस्तावित दौरा अंतिम समय में निरस्त कर दिया गया। प्रशासन की ओर से सरकारी स्कूल में टेंट समेत सभी तैयारियां कर ली गई थीं, लेकिन अधिकारियों ने गांव की बदहाल सड़कों की स्थिति देखकर कार्यक्रम रद्द कर दिया। सड़कों की हालत इतनी खराब है कि जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी हुई सड़कें लोगों के लिए खतरा बनी हुई हैं। ग्रामीणों में इसको लेकर नाराजगी है।
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उनका आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। गांव में जहां टंकी का निर्माण हुआ है, वहां गंदगी के ढेर लगे हैं और अवैध कब्जे भी हो चुके हैं। वहीं, निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। जब ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू हुआ था तो ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब वह उम्मीद अधूरी रह गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द ओवरहेड टैंक निर्माण कार्य पूरा कराकर उसे चालू कराने की मांग की है। साथ ही गांव की सड़कों की मरम्मत कराई जाए, ताकि उन्हें मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।
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करोड़ों की लागत खर्च होने के बाद भी ग्रामीण दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। सभी सड़कें खुदी पड़ी हैं। लोग ठोकर खाकर गिर रहे हैं। अनेक बार शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्य नहीं हुआ है। -जैनुल, श्यौनाली
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गांव में जब ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य शुरू हुआ था तो लोगों को स्वच्छ पेयजल पीने के लिए मिलेगा यह सोचा था। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ। जिम्मेदार सुनने को तैयार नहीं है। सड़क के निर्माण में बहुत घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। सभी सड़कें उखड़ी पड़ी हैं। - समीर पाशा, श्यौनाली
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जहां पर ओवरहेड टैंक निर्माण हुआ है वहां पर गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। लोगों ने वहां पर अवैध कब्जा कर रखा है। लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। गांव की सड़क इतनी खराब है कि रात में तो चल भी नहीं सकते। अगर चलते हैं तो बच्चे-बूढ़े गिर जाते हैं। -मनीष, श्यौनाली
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गांव की सड़कें उखड़ी पड़ी हुई है, जिससे बड़ी परेशानियां है। शुक्रवार को गांव में जिलाधिकारी के लिए सरकारी स्कूल में टेंट लगाया गया था लेकिन अधिकारियों को पता चल गया कि ग्रामीण टंकी की और सड़कों की शिकायत करेंगे तो प्रोग्राम भी चेंज कर दिया। -रमेश कुमार, श्यौनाली
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करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी पानी टंकी का कार्य अधर में पड़ा हुआ है। सड़कें टूटी हुई हैं। अधिकारियों से शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। -वसीम अहमद, श्यौनाली
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गांव में टंकी निर्माण को लेकर मैं कई बार अधिकारियों से मिल भी चुका हूं और लिखित में भी शिकायत कर चुका हूं। शुक्रवार को डीएम का दौरा था, लेकिन टूटी सड़कें और टंकी निर्माण को लेकर अधिकारियों ने लोकेशन गलत बताते हुए स्थान बदल दिया। -खालिद हुसैन, ग्राम प्रधान