Amroha News: किशोरी के अपहरण और पॉक्सो एक्ट में दोषी को पांच साल की सजा
किसान की बेटी के अपहरण और पॉक्सो एक्ट के दोषी को न्यायालय ने पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषी जमानत पर बाहर था, न्यायालय का फैसला आने के बाद उसे कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है। ये घटना नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के गांव की है।
यहां पर मजदूर का परिवार रहता है। 15 अगस्त 2014 की सुबह 11 बजे मजदूर की 13 वर्षीय से बेटी पशुओं के लिए जंगल से पत्ते लेने गई थी। लेकिन वापस नहीं लौटी। इस दौरान खेत में काम कर रही महिला ने बताया कि कुछ लोग किशोरी को हाथ-पैर बांधकर अपहरण करके ले गए हैं।
इस मामले में किशोरी के पिता ने आमिर और उसके परिजनों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आमिर को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद कर लिया था। आमिर को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था।
यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम डॉ. कपिला राघव की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक बसंत सिंह सैनी पैरवी कर रहे थे। न्यायालय ने बृहस्पतिवार को मुकदमे में सुनवाई की और साक्ष्य व सबूतों के आधार पर आरोपी आमिर को दोषी करार दिया।
चरस की तस्करी करने वाले को डेढ़ साल की सजा
चरस की तस्करी करने वाले एनडीपीएस एक्ट के दोषी को न्यायालय ने जेल में बताई अवधि 1 साल 6 महीने 25 दिन की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। फिलहाल दोषी जमानत पर जेल से बाहर था। मंडी धनौरा थाने में तैनात दरोगा रमेशचंद्र 16 जनवरी 2021 को कांस्टेबल राजेश कुमार, मोनू प्रताप के साथ गश्त कर रहे थे।
तभी उन्होंने गोशाला मोड पर दो संदिग्ध व्यक्तियों को दिखा। पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। आरोपियों ने अपना नाम मुनाजिर निवासी मोहल्ला कटरा धनौरा और दूसरे ने अपना नाम जितेंद्र मोहल्ला शिवपुरी धनौरा बताया। तलाशी के दौरान मुनाजिर की जेब से 140 ग्राम और जितेंद्र की जेब से 115 ग्राम चरस मिली।
इस मामले में दरोगा रमेश चंद्र ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस के तहत मुकदमा दर्ज किया और बाद में दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। इसके बाद दोनों आरोपी जेल से बाहर आ गए। इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित स्वपन दीप सिंगल की अदालत में चल रही थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी रामध्यान सिंह पैरवी कर रहे थे। बुधवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की और आरोपी मुनाजिर को दोषी करार दिया और जेल में बीते अवधि एक साल 6 महीने 25 दिन के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अभियोजन अधिकारी के मुताबिक आरोपी जितेंद्र की पत्रावली अलग चल रही है।