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Amroha News: आग से नहीं कम संसाधनों से लड़ रहे फायर फाइटर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 17 May 2024 04:50 AM IST
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Firefighters are fighting the fire with less resources
अमरोहा/गजरौला। बढ़ते तापमान के साथ-साथ जिले की आग की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में दमकल विभाग की जिम्मेदारी बहुत अधिक बढ़ जाती है। लेकिन, अग्निशमन विभाग खुद अव्यवस्थाओं और कम संसाधनों से जूझ रहा है। जिले में गजरौला और अमरोहा में फायर स्टेशन बने हैं, जहां को स्टाफ पूरे जिले की जिम्मेदारी संभालने में कई बार नाकाम साबित हो जाता है। कई बार अग्निशमन विभाग को प्राइवेट गाड़ियों और स्टाफ का सहारा लेना पड़ता है।
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मई का महीना चल रहा है और आए दिन की आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। बुधवार को जहां हसनपुर में मोबाइल शॉप में भीषण आग लगी थी, वहीं बृहस्पतिवार को अमरोहा में एक दुकान में आग लगी। इससे पूर्व भी खेतों में गेहूं व गन्ने की फसल जलने की घटनाएं हो चुकी हैं। घटनाओं को लेकर दमकल विभाग को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। वजह दमकल विभाग चालक, कर्मचारियों और संसाधन की कमी से जूझ रहा है। जिले में गजरौला और अमरोहा दो फायर स्टेशन हैं। धनौरा व नौगावां सादात में फायर स्टेशन बनाए जाने के लिए जमीन मिल गई है। धन आवंटन का इंतजार है।
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37 फायर मैन की जगह, लेकिन महज 33 ही उपलब्ध
विभाग के पास स्टाफ की भी कमी चल रही है। अमरोहा में एक फायर स्टेशन अधिकारी, दो द्वितीय फायर स्टेशन अधिकारी होने चाहिए। एक ही द्वितीय फायर स्टेशन अधिकारी तैनात हैं। फायर स्टेशन अधिकारी और द्वितीय फायर स्टेशन अधिकारी का पद काफी समय से रिक्त चल रहा है। गजरौला में फायर स्टेशन अधिकारी हैं और एक द्वितीय फायर स्टेशन अधिकारी की तैनाती है। दोनों फायर स्टेशन पर 37 फायर मैन होने चाहिए, लेकिन महज 33 ही उपलब्ध हैं।
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वाहन भी कंडम होने की कगार पर
फायर स्टेशन पर गाड़ियों की बहुत कमी है। आग बुझाने की बड़ी गाड़ियां कम से कम आठ होनी चाहिए, लेकिन चार से काम चलाया जा रहा है। अमरोहा में तीन यूनिट का और गजरौला में दो यूनिट का फायर स्टेशन है। दोनों फायर स्टेशन पर पांच फायर टेंडर (आग बुझाने की बड़ी गाड़ी) हैं। जोकि, जरूरत के हिसाब से काफी कम हैं। जबकि, एक गाड़ी का जिनमें एक जर्जर घोषित हो गई है।
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फायर स्टेशन नहीं होने से होती है परेशानी

हसनपुर। क्षेत्र में कोई फायर स्टेशन नहीं होने पर आग लगने की घटना होने पर परेशानी होती है। गजरौला या अमरोहा से दमकल कर्मियों को बुलाया जाता है। हालांकि दमकल की एक गाड़ी हसनपुर में नगर पालिका में खड़ी जरूर रहती है। लेकिन वह नाकाफी साबित होती है। क्षेत्र में आग की घटनाएं बढ़ने पर दमकल कर्मियों की अधिक आवश्यकता होती है। लेकिन पूरे तहसील क्षेत्र में कोई भी फायर स्टेशन नहीं है। अस्थाई रूप से नगर पालिका में दमकल की एक गाड़ी खड़ी जरूर रहती है। हालांकि यह पर्याप्त नहीं हो पाती। उधर, गांव दौरारा फायर स्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है।

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जिले में दो फायर स्टेशन हैं, जबकि शासन के निर्देश हैं कि हर तहसील स्तर पर दमकल कर्मी आग बुझाने की गाड़ियों और उपकरणों से लैस होने चाहिए। इसलिए एक-एक गाड़ी धनौरा, हसनपुर और नौागावां सादात खड़ी कराई है। दोनों स्टेशन के स्टाफ में से ही उपरोक्त तहसीलाें में लगाया गया है। स्टाफ बढ़ाने और नई गाड़ी के मंगाने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
-अनिल कुमार सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी

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