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Amroha News: फर्जी डिग्री बनाने में गाजियाबाद की संस्था के डायरेक्टर समेत छह पर एफआईआर

Sat, 30 Nov 2024 12:57 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Sat, 30 Nov 2024 12:57 AM IST
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FIR lodged against six people including director of Ghaziabad institute for making fake degree
अमरोहा। श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय की फर्जी मार्कशीट और डिग्री तैयार करने के मामले में बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड साइंसेज सिरोरा सलेमपुर गाजियाबाद के डायरेक्टर समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह कार्रवाई श्री वेंकटेश्वरा यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारी की तहरीर पर की गई है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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विश्वविद्यालय में बीते 27 नवंबर को ऋषभ तंवर नाम का एक छात्र पहुंचा। जिसने अपनी बीए की मार्कशीट सत्यापित करने के लिए कार्यालय में दी थी। दस्तावेजों को विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड से मिलान किया तो फर्जी पाए गए। उक्त छात्र की मार्कशीट का रिकॉर्ड विश्वविद्यालय नहीं पाया गया। श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय ने विभागीय जांच कराई तो सामने आया कि छात्र ऋषभ के दस्तावेज बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड साइंसेज सिरोरा सलेमपुर गाजियाबाद में तैयार किए गए हैं। ऋषभ ने 85 हजार रुपये की फीस जमा करके बीए की मार्कशीट लेने की बात कही है। आरोप है कि बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड साइंसेज द्वारा श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय के नाम का दुरुपयोग कर फर्जी डिग्रियां, मार्कशीट और अन्य दस्तावेज तैयार करने का अवैध कार्य किया जा रहा है। यह एक गिरोह है।
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इसमें बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड साइंसेज के डायरेक्टर डॉ. सचिन डागर, डायरेक्टर टेक्निकल डॉ. मोहित धामा, दीपा तोमर, रीना सहलौत, रवीना धामा, कमलेश डागर शामिल हैं। आरोप है कि बालाजी इंस्टीट्यूट लंबे समय से इस तरह की फर्जी दस्तावेज तैयार करके छात्रों से मोटी रकम वसूल रहा है। वह न केवल छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल रहा है, बल्कि श्री वेंकटेश्वरा यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठा को भी धूमिल कर रहा है। इसलिए बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड साइंसेज का ये अपराध धोखाधड़ी, कूटरचना और छात्रों में संस्थान के साथ विश्वासघात की श्रेणी में आता है। फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर कई लोग गलत तरीके का लाभ ले सकते हैं।
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सीओ सिटी अरुण कुमार के मुताबिक मामले में बालाजी इंस्टिट्यूट गाजियाबाद के डायरेक्टर डॉ. सचिन डागर, डायरेक्टर टेक्निकल डॉ. मोहित धामा, दीपा तोमर, रीना सहलौद, रवीना धामा, कमलेश डागर के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। प्रकरण की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

- एफआईआर में लगाए सभी आरोप निराधार हैं। हमारा उक्त छात्र से कोई लेना-देना नहीं है। कभी इस छात्र से मुलाकात भी नहीं हुई है। आरोप क्यों लगाए गए हैं, कौन इसके पीछे है। क्या साजिश रची जा रही है। इसकी पुलिस जांच करें, हम उसमें सहयोग करेंगे। हमारे इंस्टिट्यूट में आईटीआई और होटल मैनेजमेंट के कोर्स कराए जाते हैं। बीए से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। - सचिन डागर, डायरेक्टर, बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड साइंसेज
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