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बुखार से पीड़ित किशोर की मौत
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अमरोहा/जोया। जिले में वायरल फीवर ने पैर पसार लिए हैं। डिडौली के बरखेड़ा राजपूत और हसनपुर के नूरपुर खुर्द की हालत बेहद खराब है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग अनजान बना हुआ है। बरखेड़ा राजपूत में पिछले सात दिन में चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें एक किशोर की मौत शुक्रवार को हुई है। जिससे परिजनों में कोहराम मचा है। ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है।
कोतवाली डिडौली क्षेत्र के गांव बरखेड़ा राजपूत गांव में वायरल फीवर लोगों की जान लील रहा है। शुक्रवार को जितेंद्र सिंह के 12 वर्षीय बेटे कृष कुमार की बुखार से मौत हो गई है। उसका इलाज निजि अस्पताल में चल रहा था। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मां अनीता का रो-रोकर बुरा हाल है। इससे पहले चंद्रभान सिंह की पुत्री पुष्पा की बुखार से मौत हो गई थी। दूसरी मौत गांव के ही सुखपाल सिंह की हुई। दस दिन पहले बुखार ने गांव निवासी विशनपाल सिंह पाल की बेटी नेहा की जान ले ली। जबकि 12 से अधिक लोग बुखार की चपेट में है। लगातार मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है। ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आक्रोश फैल रहा है। ग्राम प्रधान जयचंद सैनी के मुताबिक कई बार स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे गई है। लेकिन विभाग के अधिकारियों ने गांव में आकर मरीजों का हाल जानने की कोशिश नहीं की है। ऐसा ही हालात हसनपुर क्षेत्र के नूरपुर खुर्द गांव के हैं। यहां भी वायरल फीवर का प्रकोप है। दो दर्जन से अधिक लोग बुखार से पीड़ित है। जोया सीएचसी प्रभारी डा. सुखदेव ने कहा कि किशोर की मौत बुखार से नहीं हुई है। किशोर को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत थी।
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कोतवाली डिडौली क्षेत्र के गांव बरखेड़ा राजपूत गांव में वायरल फीवर लोगों की जान लील रहा है। शुक्रवार को जितेंद्र सिंह के 12 वर्षीय बेटे कृष कुमार की बुखार से मौत हो गई है। उसका इलाज निजि अस्पताल में चल रहा था। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मां अनीता का रो-रोकर बुरा हाल है। इससे पहले चंद्रभान सिंह की पुत्री पुष्पा की बुखार से मौत हो गई थी। दूसरी मौत गांव के ही सुखपाल सिंह की हुई। दस दिन पहले बुखार ने गांव निवासी विशनपाल सिंह पाल की बेटी नेहा की जान ले ली। जबकि 12 से अधिक लोग बुखार की चपेट में है। लगातार मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है। ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आक्रोश फैल रहा है। ग्राम प्रधान जयचंद सैनी के मुताबिक कई बार स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे गई है। लेकिन विभाग के अधिकारियों ने गांव में आकर मरीजों का हाल जानने की कोशिश नहीं की है। ऐसा ही हालात हसनपुर क्षेत्र के नूरपुर खुर्द गांव के हैं। यहां भी वायरल फीवर का प्रकोप है। दो दर्जन से अधिक लोग बुखार से पीड़ित है। जोया सीएचसी प्रभारी डा. सुखदेव ने कहा कि किशोर की मौत बुखार से नहीं हुई है। किशोर को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत थी।
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