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Amroha News: किसानों ने बिजली कटौती व बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया
Thu, 05 Jun 2025 02:14 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 05 Jun 2025 02:14 AM IST
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गजरौला (अमरोहा)।
भानपुर अंडरपास के नीचे बुधवार सुबह भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने महापंचायत की। इस दौरान किसान धरने भी बैठे। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही बिजली कटौती, रात के समय बिजली चेकिंग न करने और चीनी मिलों पर गन्ने के बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया।
भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजयपाल सिंह के नेतृत्व में किसानों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। उधर, धरने पर ही अफसरों को बुलाकर वेव शुगर मिल से गन्ने के बकाया 64 करोड़ में 11 करोड़ रुपये का भुगतान कराया गया, जिसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
बुधवार सुबह करीब 11 बजे किसान भानपुर अंडरपास पर पहुंचे। भाकियू के नेतृत्व में किसानों ने महापंचायत की। इसके बाद धरने पर बैठ गए। शाम करीब चार बजे तक किसान धरने पर बैठे रहे। भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि अनियमित बिजली आपूर्ति सिंचाई के शेड्यूल को बाधित कर रही है, जिससे किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे है। उनकी फसलें सूखने के कगार पर है। किसानों ने मीटर रीडरों के मनमाने रवैये पर भी सवाल उठाएं, जिसमें अनियमितताओं और उत्पीड़न का आरोप लगाया गया।
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उन्होंने कहा कि निजी नलकूप के ट्रांसफार्मर खराब होने की दशा में विभागीय अधिकारी उन्हें सही कराने के लिए उसका खर्चा किसान पर ही डाल रहे हैं। जबकि, रात में ही बिजली चेकिंग की जा रही है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। बिजली विभाग के मुख्य अभियंता ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया। समस्याओं का जल्द निराकरण कराया जाएगा। किसानों ने कहा कि चीनी मिलों द्वारा दी जा रही दवाओं को बाजार के दाम से अधिक दाम पर दिया जा रहा है। इस पर धरने में मौजूद अफसरों ने दाम को कम कराने का आश्वासन दिया।
मध्य गंगा नहर में भी पानी नहीं
संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि मध्य गंगा नहर की गंभीर स्थिति है। इसमें पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। सिंचाई के इस महत्वपूर्ण स्रोत में पानी नहीं होने से फसलों की पैदावार बुरी तरह प्रभावित हो रही है और नहर पर निर्भर किसानों को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है। विजयपाल सिंह ने अधिकारियों पर किसानों के शोषण का आरोप लगाया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को प्रशासन द्वारा शीघ्र समाधान नहीं किया जाता तो बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान एडीएम, एएसपी, विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता, जिला गन्ना अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर किसानों की समस्याओं को सुना। इस मौके पर जिलाध्यक्ष डाॅ.चंद्रपाल सिंह, मोहन बेनीवाल, राजेंद्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष दानवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, काले सिंह आदि समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।
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भानपुर अंडरपास के नीचे बुधवार सुबह भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने महापंचायत की। इस दौरान किसान धरने भी बैठे। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही बिजली कटौती, रात के समय बिजली चेकिंग न करने और चीनी मिलों पर गन्ने के बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया।
भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजयपाल सिंह के नेतृत्व में किसानों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। उधर, धरने पर ही अफसरों को बुलाकर वेव शुगर मिल से गन्ने के बकाया 64 करोड़ में 11 करोड़ रुपये का भुगतान कराया गया, जिसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
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बुधवार सुबह करीब 11 बजे किसान भानपुर अंडरपास पर पहुंचे। भाकियू के नेतृत्व में किसानों ने महापंचायत की। इसके बाद धरने पर बैठ गए। शाम करीब चार बजे तक किसान धरने पर बैठे रहे। भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि अनियमित बिजली आपूर्ति सिंचाई के शेड्यूल को बाधित कर रही है, जिससे किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे है। उनकी फसलें सूखने के कगार पर है। किसानों ने मीटर रीडरों के मनमाने रवैये पर भी सवाल उठाएं, जिसमें अनियमितताओं और उत्पीड़न का आरोप लगाया गया।
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उन्होंने कहा कि निजी नलकूप के ट्रांसफार्मर खराब होने की दशा में विभागीय अधिकारी उन्हें सही कराने के लिए उसका खर्चा किसान पर ही डाल रहे हैं। जबकि, रात में ही बिजली चेकिंग की जा रही है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। बिजली विभाग के मुख्य अभियंता ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया। समस्याओं का जल्द निराकरण कराया जाएगा। किसानों ने कहा कि चीनी मिलों द्वारा दी जा रही दवाओं को बाजार के दाम से अधिक दाम पर दिया जा रहा है। इस पर धरने में मौजूद अफसरों ने दाम को कम कराने का आश्वासन दिया।
मध्य गंगा नहर में भी पानी नहीं
संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि मध्य गंगा नहर की गंभीर स्थिति है। इसमें पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। सिंचाई के इस महत्वपूर्ण स्रोत में पानी नहीं होने से फसलों की पैदावार बुरी तरह प्रभावित हो रही है और नहर पर निर्भर किसानों को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है। विजयपाल सिंह ने अधिकारियों पर किसानों के शोषण का आरोप लगाया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को प्रशासन द्वारा शीघ्र समाधान नहीं किया जाता तो बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान एडीएम, एएसपी, विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता, जिला गन्ना अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर किसानों की समस्याओं को सुना। इस मौके पर जिलाध्यक्ष डाॅ.चंद्रपाल सिंह, मोहन बेनीवाल, राजेंद्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष दानवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, काले सिंह आदि समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।