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Amroha News: कूबी में किसानों ने धरना स्थल पर ही मनाई होली
Thu, 13 Mar 2025 11:11 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 13 Mar 2025 11:11 PM IST
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रजबपुर के कूबी में धरना स्थल पर होली खेलते किसान। संवाद
अमरोहा।
कूबी में जमीन के मुआवजे की मांग पर करीब दो साल से धरने पर बैठे किसानों ने धरना स्थल पर ही होली का त्योहार मनाया। धरना स्थल पर ही किसानों ने एक दूसरे को रंग लगाकर होली की बधाई दी। कहा कि उनको न्याय नहीं मिलने तक धरना जारी रहेगा।
मध्य गंगा नहर के लिए अधिग्रहित हुई जमीन के चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर कूबी, रामपुर घना व मोहनपुर के किसान पिछले दो साल से लगातार धरना दे रहे हैं। मामला शासन तक पहुंचने के बाद किसानों ने बीच का रास्ता निकालते हुए जमीन का अधिग्रहण कम करते हुए नहर की चौड़ाई साठ फीट की जगह तीस फीट करने का सुझाव भी दिया है। मामले को लेकर मुख्य सचिव भी जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता कर बातचीत के आधार पर ही हल निकाले जाने को कहा।
वहीं पिछले दो साल से किसान धरनास्थल पर ही अपने त्योहार मना रहे हैं। होली पर भी किसानों ने धरना स्थल पर ही होली मनाते हुए एक दूसरे को गुलाल लगाया। किसानों का कहना है कि उनको न्याय नहीं मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान मायाराम सिंह, राजवीर सिंह, नितेश, रुमाल सिंह, बृजपाल सिंह, भोला सिंह, सचिन, जयपाल सिंह आदि शामिल रहे।
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कूबी में जमीन के मुआवजे की मांग पर करीब दो साल से धरने पर बैठे किसानों ने धरना स्थल पर ही होली का त्योहार मनाया। धरना स्थल पर ही किसानों ने एक दूसरे को रंग लगाकर होली की बधाई दी। कहा कि उनको न्याय नहीं मिलने तक धरना जारी रहेगा।
मध्य गंगा नहर के लिए अधिग्रहित हुई जमीन के चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर कूबी, रामपुर घना व मोहनपुर के किसान पिछले दो साल से लगातार धरना दे रहे हैं। मामला शासन तक पहुंचने के बाद किसानों ने बीच का रास्ता निकालते हुए जमीन का अधिग्रहण कम करते हुए नहर की चौड़ाई साठ फीट की जगह तीस फीट करने का सुझाव भी दिया है। मामले को लेकर मुख्य सचिव भी जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता कर बातचीत के आधार पर ही हल निकाले जाने को कहा।
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वहीं पिछले दो साल से किसान धरनास्थल पर ही अपने त्योहार मना रहे हैं। होली पर भी किसानों ने धरना स्थल पर ही होली मनाते हुए एक दूसरे को गुलाल लगाया। किसानों का कहना है कि उनको न्याय नहीं मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान मायाराम सिंह, राजवीर सिंह, नितेश, रुमाल सिंह, बृजपाल सिंह, भोला सिंह, सचिन, जयपाल सिंह आदि शामिल रहे।
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