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सीमा विस्तार से 5,769 परिवारों के छिनेंगे रोजगार, आजीविका का संकट
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अमरोहा। रोजी-रोटी के लिए पहले गांवों से शहरों की ओर पलायन किया। जिंदगी शुरू हुई तो कोरोना संक्रमण के चलते काम धंधा बंद हो गया। भूखे मरने की नौबत आ गई। वापस गांव लौटे तो किसी तरह से मनरेगा के तहत काम मिलना शुरू हुआ। लेेकिन अब पालिका का सीमा विस्तार रोजगार में अड़चन बनने वाला है। यह कहना है उन गांवों के लोगों को जो मनरेगा के जॉब कार्डधारक हैं। गांवों का शहरीकरण होने के बाद उन्हें मनरेगा की मजदूरी से हाथ धोना पड़ेगा। शहरी सीमा में शामिल होने वाले गांव के ग्रामीणों ने प्रमुख सचिव नगर विकास को सीमा विस्तार की प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की है।
नगर पालिका के सीमा विस्तार की कवायद में शहर में 21 ग्राम पंचायतों के शामिल होने से 5,769 परिवारों पर आजीविका का संकट मंडरा सकता है। इन लोगों से मनरेगा के तहत मिलने वाले रोजगार छिन जाएंगे। क्योंकि शहर में शामिल होने के बाद रोजगार की गारंटी नहीं रहेगी। दरअसल ग्राम पंचायतों के लोगों को मनरेगा के तहत 100 दिन का सालाना रोजगार मिलता है। सीमा विस्तार से सीधे तौर पर लगभग 25,000 लोग प्रभावित हो सकते हैं। इन लोगों के रोजगार की क्या व्यवस्था होगी। इसके लिए जिम्मेदार खामोश हैं।
शहर की सीमा विस्तार के लिए अनंतिम सूची प्रकाशित की गई है। अमरोहा और जोया की 21 ग्राम पंचायतों को नगर पालिका में शामिल किया जाना है। इन ग्राम पंचायत के लोगों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका है। इन 21 ग्राम पंचायतों में कुल 5,769 परिवार जॉब कार्ड धारक हैं। एक परिवार में औसतन चार से पांच लोग हैं। पति-पत्नी के अलावा बच्चे भी शामिल हैं। ऐसे में 25 हजार से अधिक लोगों का रोजगार छिन सकता है। दोनों ब्लॉकों के कुल 42 गांव शहर में शामिल हो सकते हैं। फाजलपुर गांव में मनरेगा के मजदूरों का आंकड़ा नहीं मिल सका है। वरना आंकड़े में बढ़ोत्तरी हो सकती है। इसके अलावा तीन गैर आबाद गांव भी है। जिसमें फरीदपुर घोसी, मकनपुर कस्बा और चक गढ़ मल गांव फिलहाल गैर आबाद गांव में शामिल हैं।
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नगर पालिका के सीमा विस्तार की कवायद में शहर में 21 ग्राम पंचायतों के शामिल होने से 5,769 परिवारों पर आजीविका का संकट मंडरा सकता है। इन लोगों से मनरेगा के तहत मिलने वाले रोजगार छिन जाएंगे। क्योंकि शहर में शामिल होने के बाद रोजगार की गारंटी नहीं रहेगी। दरअसल ग्राम पंचायतों के लोगों को मनरेगा के तहत 100 दिन का सालाना रोजगार मिलता है। सीमा विस्तार से सीधे तौर पर लगभग 25,000 लोग प्रभावित हो सकते हैं। इन लोगों के रोजगार की क्या व्यवस्था होगी। इसके लिए जिम्मेदार खामोश हैं।
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शहर की सीमा विस्तार के लिए अनंतिम सूची प्रकाशित की गई है। अमरोहा और जोया की 21 ग्राम पंचायतों को नगर पालिका में शामिल किया जाना है। इन ग्राम पंचायत के लोगों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका है। इन 21 ग्राम पंचायतों में कुल 5,769 परिवार जॉब कार्ड धारक हैं। एक परिवार में औसतन चार से पांच लोग हैं। पति-पत्नी के अलावा बच्चे भी शामिल हैं। ऐसे में 25 हजार से अधिक लोगों का रोजगार छिन सकता है। दोनों ब्लॉकों के कुल 42 गांव शहर में शामिल हो सकते हैं। फाजलपुर गांव में मनरेगा के मजदूरों का आंकड़ा नहीं मिल सका है। वरना आंकड़े में बढ़ोत्तरी हो सकती है। इसके अलावा तीन गैर आबाद गांव भी है। जिसमें फरीदपुर घोसी, मकनपुर कस्बा और चक गढ़ मल गांव फिलहाल गैर आबाद गांव में शामिल हैं।
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