{"_id":"6941c56513b17c851d06c7e8","slug":"errors-in-the-letters-should-be-rectified-soon-diwakar-singh-jpnagar-news-c-284-1-jpn1008-153556-2025-12-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतौनियों की त्रुटियों को जल्द दूर किया जाए : दिवाकर सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतौनियों की त्रुटियों को जल्द दूर किया जाए : दिवाकर सिंह
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। भाकियू शंकर के पदाधिकारियों ने खतौनियों के अंश निर्धारण की त्रुटियों को दूर करने समेत अन्य किसान समस्याओं को लेकर कलक्ट्रेट सभागार में धरना देकर ज्ञापन सौंपा।
भाकियू शंकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि विद्युत विभाग में ओटीएस योजना अव्यवहारिक है। ज्यादातर उपभोक्ता योजना से लाभांवित नहीं हो पा रहे हैं। योजना को बेहतर बनाया जाए। किसानों की खतौनियों के अंश निर्धारण की त्रुटियों को यथा शीघ्र दूर किया जाए। किसान क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाली छूट को किसानों के खातों में पहुंचाया जाए।
जंगली जानवर जैसे खूंखार बंदर, कुत्ते, महे आदि को पकड़कर नसबंदी करते हुए उनको संरक्षित किया जाए। गन्ना मूल्य भुगतान 14 दिन के अंदर किया जाए। गन्ना सहकारी समितियां करोड़ों टैक्स देती हैं परंतु किसानों को लाभांवित नहीं करती हैं। साथ ही किसानों को तीन प्रतिशत मिलने वाला ब्याज अनुदान को भी केआरपी पोर्टल पर अंकित नहीं करती।
विज्ञापन
इससे किसान वंचित रह जाते हैं। किसानों को एक प्रतिशत ब्याज अनुदान राज्य सरकार से अगस्त 25 तक का प्राप्त हो चुका है परंतु सहकारी समितियां ने किसानों को नहीं दिया है। गन्ना सहकारी समितियां किसानों को नैनो यूरिया जबरदस्ती थोपा जा रहा है। संगठन इसको बर्दाश्त नहीं करेगा। इस दौरान बबीता रानी, मंजू शर्मा, अशोक चौधरी, मंजू चौधरी, विक्रम पवार, धर्मवीर सिंह, अमित कुमार, सतवीर सिंह, मनोज कुमार, वीर सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
भाकियू शंकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि विद्युत विभाग में ओटीएस योजना अव्यवहारिक है। ज्यादातर उपभोक्ता योजना से लाभांवित नहीं हो पा रहे हैं। योजना को बेहतर बनाया जाए। किसानों की खतौनियों के अंश निर्धारण की त्रुटियों को यथा शीघ्र दूर किया जाए। किसान क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाली छूट को किसानों के खातों में पहुंचाया जाए।
विज्ञापन
जंगली जानवर जैसे खूंखार बंदर, कुत्ते, महे आदि को पकड़कर नसबंदी करते हुए उनको संरक्षित किया जाए। गन्ना मूल्य भुगतान 14 दिन के अंदर किया जाए। गन्ना सहकारी समितियां करोड़ों टैक्स देती हैं परंतु किसानों को लाभांवित नहीं करती हैं। साथ ही किसानों को तीन प्रतिशत मिलने वाला ब्याज अनुदान को भी केआरपी पोर्टल पर अंकित नहीं करती।
विज्ञापन
इससे किसान वंचित रह जाते हैं। किसानों को एक प्रतिशत ब्याज अनुदान राज्य सरकार से अगस्त 25 तक का प्राप्त हो चुका है परंतु सहकारी समितियां ने किसानों को नहीं दिया है। गन्ना सहकारी समितियां किसानों को नैनो यूरिया जबरदस्ती थोपा जा रहा है। संगठन इसको बर्दाश्त नहीं करेगा। इस दौरान बबीता रानी, मंजू शर्मा, अशोक चौधरी, मंजू चौधरी, विक्रम पवार, धर्मवीर सिंह, अमित कुमार, सतवीर सिंह, मनोज कुमार, वीर सिंह आदि मौजूद रहे।