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Amroha News: गीदड़ के हमले में घायल इंजीनियर की 7 माह बाद गई जान, सदमे में परिजन
Sun, 25 May 2025 01:43 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sun, 25 May 2025 01:43 AM IST
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आदमपुर। गीदड़ के हमले में घायल इंजीनियर की सात माह बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत की सूचना से परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
क्षेत्र के गांव भैंसरी के मझरा गरगज में स्वर्गीय हीरा सिंह का परिवार रहता है। उनका घर गांव के बाहरी छोर पर है। बेटा ओमकार सिंह (21) पॉलीटेक्निक इंजीनियर था। एक कंपनी में नौकरी करता था। बताते हैं कि करीब सात माह पहले रात को सोते समय ओमकार सिंह पर गीदड़ ने हमला कर दिया था। गीदड़ ने ओमकार की हाथ की अंगुली चबा ली थी। जिसके बाद परिजनों ने घायल का निजी चिकित्सक के यहां इलाज करते हुए सीएचसी रहरा में एंटी रैबीज की डोज लगवाई थी। परिजनों का कहना है कि इस घटना के कुछ समय बाद ही ओमकार को दौड़ा पड़ने की शिकायत हो गई थी।
उसका उपचार दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल से चल रहा था। परिजन शनिवार को अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद युवक को परिजन घर लेकर आ रहे थे। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक सात भाई बहनों सबसे छोटा था। शव का बिना कानूनी कार्रवाई के अंतिम संस्कार किया गया। रहरा सीएचसी प्रभारी डॉक्टर शशांक चौधरी का कहना है कि जिस समय युवक पर गीदड़ द्वारा हमला किया गया था। उस समय सीएचसी पर आए थे और युवक को एंटी रैबीज की फुल डोज लगाई गई थी। युवक की मौत की कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसा मामला है तो जांच कराई जाएगी।
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क्षेत्र के गांव भैंसरी के मझरा गरगज में स्वर्गीय हीरा सिंह का परिवार रहता है। उनका घर गांव के बाहरी छोर पर है। बेटा ओमकार सिंह (21) पॉलीटेक्निक इंजीनियर था। एक कंपनी में नौकरी करता था। बताते हैं कि करीब सात माह पहले रात को सोते समय ओमकार सिंह पर गीदड़ ने हमला कर दिया था। गीदड़ ने ओमकार की हाथ की अंगुली चबा ली थी। जिसके बाद परिजनों ने घायल का निजी चिकित्सक के यहां इलाज करते हुए सीएचसी रहरा में एंटी रैबीज की डोज लगवाई थी। परिजनों का कहना है कि इस घटना के कुछ समय बाद ही ओमकार को दौड़ा पड़ने की शिकायत हो गई थी।
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उसका उपचार दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल से चल रहा था। परिजन शनिवार को अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद युवक को परिजन घर लेकर आ रहे थे। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक सात भाई बहनों सबसे छोटा था। शव का बिना कानूनी कार्रवाई के अंतिम संस्कार किया गया। रहरा सीएचसी प्रभारी डॉक्टर शशांक चौधरी का कहना है कि जिस समय युवक पर गीदड़ द्वारा हमला किया गया था। उस समय सीएचसी पर आए थे और युवक को एंटी रैबीज की फुल डोज लगाई गई थी। युवक की मौत की कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसा मामला है तो जांच कराई जाएगी।
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