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Amroha News: लेखपाल की रिपोर्ट के इंतजार में 15 गांवों की बिजली
Sat, 24 May 2025 02:21 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 24 May 2025 02:21 AM IST
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गजरौला (अमरोहा)।
कुमराला और मोहम्मदाबाद बिजलीघर से जुड़े 30 गांवों में 48 घंटे बाद शुक्रवार शाम तक भी बिजली नहीं आ पाई। बुधवार शाम आई आंधी से दोनों बिजलीघरों से जुड़े करीब 71 खंभे टूट गए थे। कुमराला बिजलीघर से जुड़े 15 गांवों में सप्लाई बहाल करने के लिए लेखपाल की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के बाद ही विभाग को दैवीय आपदा के तहत टूटे खंभे मिलेंगे। बिजली न होने से भीषण गर्मी के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की किल्लत भी हो गई है।
बुधवार शाम आई आंधी-बारिश ने कुमराला व मोहम्मदाबाद बिजलीघरों की लाइन को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया। कुमराला बिजलीघर से 37 गांव जुड़े हैं। उसके गांवों में 56 खंभे टूट गए थे। कई स्थानों पर पेड़ गिर जाने से लाइन ध्वस्त हो गई। वहीं, मोहम्मदाबाद बिजलीघर से 28 गांवों को बिजली दी जाती है। आंधी से 15 खंभें टूट गए थे। वहीं, 20 से अधिक स्थानों पर लाइन पर पेड़ गिर गए। दो दिन से बिजली विभाग के कर्मचारी खंभे बदलने व तार जोड़ने में लगे हैं।
शुक्रवार शाम सात बजे तक मोहम्मदाबाद बिजलीघर से जुड़े कुदैना, कुदैनी, बिजौरा सहित 15 गांवों में आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी। वहीं, 15 गांव ही कुमराला बिजलीघर के रह गए। जिनमें आपूर्ति सुचारू नहीं की गई। कुदैनी निवासी जिला पंचायत सदस्य धर्मपाल सिंह ने बताया कि बिजली नहीं आने से सबसे अधिक किल्लत पेयजल की हो गई है।
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उधर, कुमराला बिजलीघर की समस्या सबसे अलग है। यहां पर 15 गांवों में आपूर्ति बहाल करने के लिए 56 टूटे खंभे दैवीय आपदा के तहत बदले जाएंगे। जिसके लिए लेखपाल निरीक्षण कर अपनी रिपाेर्ट बनाकर देंगे। जब तक दैवीय आपदा से हुए नुकसान की रिपोर्ट बनकर नहीं जाएगी, खंभे नहीं मिलेंगे। जेई का कहना है कि लेखपाल को रिपोर्ट बनाकर देने के लिए पत्र लिखा है। एसडीओ चंद्रेश विश्वकर्मा का मोहम्मदाबाद बिजलीघर से जुड़े जिन गांवों में खंभे टूटे थे, वहां पर वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। शनिवार सुबह तक आपूर्ति सुचारू की जा सकती है।
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कुमराला और मोहम्मदाबाद बिजलीघर से जुड़े 30 गांवों में 48 घंटे बाद शुक्रवार शाम तक भी बिजली नहीं आ पाई। बुधवार शाम आई आंधी से दोनों बिजलीघरों से जुड़े करीब 71 खंभे टूट गए थे। कुमराला बिजलीघर से जुड़े 15 गांवों में सप्लाई बहाल करने के लिए लेखपाल की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के बाद ही विभाग को दैवीय आपदा के तहत टूटे खंभे मिलेंगे। बिजली न होने से भीषण गर्मी के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की किल्लत भी हो गई है।
बुधवार शाम आई आंधी-बारिश ने कुमराला व मोहम्मदाबाद बिजलीघरों की लाइन को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया। कुमराला बिजलीघर से 37 गांव जुड़े हैं। उसके गांवों में 56 खंभे टूट गए थे। कई स्थानों पर पेड़ गिर जाने से लाइन ध्वस्त हो गई। वहीं, मोहम्मदाबाद बिजलीघर से 28 गांवों को बिजली दी जाती है। आंधी से 15 खंभें टूट गए थे। वहीं, 20 से अधिक स्थानों पर लाइन पर पेड़ गिर गए। दो दिन से बिजली विभाग के कर्मचारी खंभे बदलने व तार जोड़ने में लगे हैं।
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शुक्रवार शाम सात बजे तक मोहम्मदाबाद बिजलीघर से जुड़े कुदैना, कुदैनी, बिजौरा सहित 15 गांवों में आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी। वहीं, 15 गांव ही कुमराला बिजलीघर के रह गए। जिनमें आपूर्ति सुचारू नहीं की गई। कुदैनी निवासी जिला पंचायत सदस्य धर्मपाल सिंह ने बताया कि बिजली नहीं आने से सबसे अधिक किल्लत पेयजल की हो गई है।
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उधर, कुमराला बिजलीघर की समस्या सबसे अलग है। यहां पर 15 गांवों में आपूर्ति बहाल करने के लिए 56 टूटे खंभे दैवीय आपदा के तहत बदले जाएंगे। जिसके लिए लेखपाल निरीक्षण कर अपनी रिपाेर्ट बनाकर देंगे। जब तक दैवीय आपदा से हुए नुकसान की रिपोर्ट बनकर नहीं जाएगी, खंभे नहीं मिलेंगे। जेई का कहना है कि लेखपाल को रिपोर्ट बनाकर देने के लिए पत्र लिखा है। एसडीओ चंद्रेश विश्वकर्मा का मोहम्मदाबाद बिजलीघर से जुड़े जिन गांवों में खंभे टूटे थे, वहां पर वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। शनिवार सुबह तक आपूर्ति सुचारू की जा सकती है।