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पौने छह लाख जमा करने के बाद भी नहीं मिला बिजली कनेक्शन
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पौने छह लाख रुपये लेने के बाद भी बिजली विभाग ने नगर पालिका का 25 वाट का कनेक्शन नहीं किया। पालिका को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में लगे उपकरण चलाने के लिए बिजली का कनेक्शन चाहिए। कनेक्शन नहीं होने के कारण जेनरेटर चलाकर काम करना पड़ रहा है। इससे जहां 35 हजार से अधिक रुपये के डीजल की खपत हो रही है, वहीं आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के निकट नगर पालिका ने 33 लाख रुपये खर्च कर एमआरएफ (मेटेरियल रिकवरी फेसिलिटी) सेंटर बनवाया। जिसमें वर्मी कंपोस्ट यूनिट, कई उपकरण व मशीन के साथ ही नेडेस कंपोस्ट यूनिट और बैलिंग मशीन लगवाई। इसके अलावा सबमर्सिबल लगा है। जिससे वर्मी कंपोस्ट के लिए पानी की आपूर्ति की जाती है। रोशनी के प्रबंध के लिए बिजली के पोल हैं। जिसके लिए बिजली की जरूरत है।
इसके लिए पालिका ने तीन महीने पूर्व आवेदन किया था। जिसके बाद बिजली विभाग ने सर्वे कराकर पांच लाख 77 हजार रुपये का एस्टीमेट बनाकर दिया। जिस पर पालिका ने बिजलीघर में पौने छह लाख रुपये जमा किए। जिसे तीन महीने बीत गए, लेकिन बिजली विभाग ने एमआरएफ सेंटर, सबमर्सिबल व अन्य उपकरण, मशीन और यूनिट चलाने के लिए कनेक्शन नहीं किया। इस कारण पालिका को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपकरण चलाने के लिए पालिका को जेेनरेटर चलाना पड़ रहा है। जिस पर पालिका तीन महीने में लाखों रुपये खर्च कर चुकी है। ईओ विजेंद्र सिंह पाल ने बताया कि वह अधिशासी अभियंता से कई बार कह चुके हैं, लेकिन अभी तक कनेक्शन नहीं किया है। वह इस संबंध में डीएम से भी मिलेंगे।
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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के निकट नगर पालिका ने 33 लाख रुपये खर्च कर एमआरएफ (मेटेरियल रिकवरी फेसिलिटी) सेंटर बनवाया। जिसमें वर्मी कंपोस्ट यूनिट, कई उपकरण व मशीन के साथ ही नेडेस कंपोस्ट यूनिट और बैलिंग मशीन लगवाई। इसके अलावा सबमर्सिबल लगा है। जिससे वर्मी कंपोस्ट के लिए पानी की आपूर्ति की जाती है। रोशनी के प्रबंध के लिए बिजली के पोल हैं। जिसके लिए बिजली की जरूरत है।
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इसके लिए पालिका ने तीन महीने पूर्व आवेदन किया था। जिसके बाद बिजली विभाग ने सर्वे कराकर पांच लाख 77 हजार रुपये का एस्टीमेट बनाकर दिया। जिस पर पालिका ने बिजलीघर में पौने छह लाख रुपये जमा किए। जिसे तीन महीने बीत गए, लेकिन बिजली विभाग ने एमआरएफ सेंटर, सबमर्सिबल व अन्य उपकरण, मशीन और यूनिट चलाने के लिए कनेक्शन नहीं किया। इस कारण पालिका को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपकरण चलाने के लिए पालिका को जेेनरेटर चलाना पड़ रहा है। जिस पर पालिका तीन महीने में लाखों रुपये खर्च कर चुकी है। ईओ विजेंद्र सिंह पाल ने बताया कि वह अधिशासी अभियंता से कई बार कह चुके हैं, लेकिन अभी तक कनेक्शन नहीं किया है। वह इस संबंध में डीएम से भी मिलेंगे।
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