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छोटे भाई की हत्या करने में बड़े भाई को आजीवन कारावास
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अमरोहा। छोटे भाई की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या करने के मामले में विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट की अदालत ने बड़े भाई को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रूपये का जुर्माना लगाया है। गिरफ्तारी के बाद से आरोपी जेल में बंद था, उसे जमानत नहीं मिल सकी थी।
यह घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव नूरपुर खुर्द की है। यहां पर मुकुलराज का परिवार रहता है। 7 जुलाई 2014 कि सुबह करीब दस बजे मुकुलराज का छोटा बेटा पवन घर में खड़े बकायन के पेड़ को काट रहा था। जबकि उसका बड़ा बेटा चमनपाल और उसकी पत्नी मालती इसका विरोध कर रहे थे। इस दौरान दोनों भाइयों में कहासुनी हो गई। इस दौरान चमनपाल ने कहा कि जैसे तू पेड़ को काट रहा है, मैं तुझे वैसे ही काट दूंगा। तभी चमनपाल ने कुल्हाड़ी से हमला कर पवन की हत्या कर दी थी। घटना के दौरान मालती मौके से फरार हो गई। जबकि ग्रामीणों ने चमनपाल को मौके पर पकड़ लिया था। घटना में मां कृष्णा देवी की तरफ से आरोपी चमनपाल और उसकी पत्नी मालती के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बाद में पुलिस ने चमनपाल व उसकी पत्नी मालती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल मालती जमानत पर जेल से बाहर थी। जबकि चमनपाल को लगातार प्रयासों के बाद भी जमानत नहीं मिल सकी थी।
यह मुकदमा विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट तृप्ता चौधरी की अदालत में विचाराधीन था। गुरुवार को न्यायालय में मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल ने जोरदार पैरवी कर सख्त से सख्त सजा दिए जाने की मांग की। न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी मालती को दोषमुक्त कर दिया। जबकि सबूतों के आधार पर चमनपाल को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी चमनपाल पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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यह घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव नूरपुर खुर्द की है। यहां पर मुकुलराज का परिवार रहता है। 7 जुलाई 2014 कि सुबह करीब दस बजे मुकुलराज का छोटा बेटा पवन घर में खड़े बकायन के पेड़ को काट रहा था। जबकि उसका बड़ा बेटा चमनपाल और उसकी पत्नी मालती इसका विरोध कर रहे थे। इस दौरान दोनों भाइयों में कहासुनी हो गई। इस दौरान चमनपाल ने कहा कि जैसे तू पेड़ को काट रहा है, मैं तुझे वैसे ही काट दूंगा। तभी चमनपाल ने कुल्हाड़ी से हमला कर पवन की हत्या कर दी थी। घटना के दौरान मालती मौके से फरार हो गई। जबकि ग्रामीणों ने चमनपाल को मौके पर पकड़ लिया था। घटना में मां कृष्णा देवी की तरफ से आरोपी चमनपाल और उसकी पत्नी मालती के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बाद में पुलिस ने चमनपाल व उसकी पत्नी मालती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल मालती जमानत पर जेल से बाहर थी। जबकि चमनपाल को लगातार प्रयासों के बाद भी जमानत नहीं मिल सकी थी।
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यह मुकदमा विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट तृप्ता चौधरी की अदालत में विचाराधीन था। गुरुवार को न्यायालय में मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल ने जोरदार पैरवी कर सख्त से सख्त सजा दिए जाने की मांग की। न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी मालती को दोषमुक्त कर दिया। जबकि सबूतों के आधार पर चमनपाल को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी चमनपाल पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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