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Amroha News: माध्यमिक विद्यालयों में आठ मानक तय करेंगे शिक्षा की गुणवत्ता
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माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध स्कूल परख पोर्टल पर खुद को साबित करने में जुटे हैं। ए श्रेणी में स्थान बनाने के लिए आठ मानकों को पूरा करने की होड़ मची है। बोर्ड परीक्षा की व्यस्तता के बीच भी प्रधानाचार्य इस पर कार्य कर रहे हैं। चार श्रेणियों में स्कूलों को बांटा जाना है, अच्छे अंक पाने वाले विद्यालयों में शिक्षा का कायाकल्प होगा।
डीआईओएस विष्णु प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की कवायद जारी है, अभी तक बहुत से माध्यमिक स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं न के बराबर हैं। परख पोर्टल के जरिए ऐसे विद्यालयों को आधुनिकता की दौड़ में शामिल कर मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। पारदर्शी व विश्वसनीय मूल्यांकन से विद्यालयों की ऑनलाइन श्रेणी तैयार की जाएगी। इससे शिक्षा में गुणवत्ता का मूल्यांकन व अनुश्रवण कर शैक्षिक संवर्धन व वृद्धि की जानी है। छात्रों के लिए विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं लगेगी। जिसमें शामिल होने के लिए छात्रों को भी परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना होगा। इन सभी का मूल्यांकन विद्यालयों को अच्छी श्रेणी में शामिल कराएगा। जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा, जिसके लिए भी जल्द ही एक मोबाइल एप को लांच किया जाना है।
इन मानकों पर मिलेंगे अंक
. विद्यालयों के परीक्षाफल कक्षावार व बोर्ड परीक्षाफल व शैक्षणिक उत्कृष्टता का मूल्यांकन ।
. पाठ्यक्रम के लक्ष्य के अनुसार शिक्षण कार्य में पूर्णता ।
. छात्रों का नामांकन व उसके सापेक्ष उपस्थिति ।
. शिक्षक, स्टॉफ विवरण व उसके सापेक्ष उपस्थिति।
. भौतिक संसाधन।
. विद्यालय परिसर का सुंदरीकरण एवं रख रखाव।
. पाठ्य सहगामी क्रियाकलाप।
. पाठ्येत्तर क्रियाकलाप ।
नोट: इन मानकों का पूर्णांक 200 अंक का होगा।
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डीआईओएस विष्णु प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की कवायद जारी है, अभी तक बहुत से माध्यमिक स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं न के बराबर हैं। परख पोर्टल के जरिए ऐसे विद्यालयों को आधुनिकता की दौड़ में शामिल कर मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। पारदर्शी व विश्वसनीय मूल्यांकन से विद्यालयों की ऑनलाइन श्रेणी तैयार की जाएगी। इससे शिक्षा में गुणवत्ता का मूल्यांकन व अनुश्रवण कर शैक्षिक संवर्धन व वृद्धि की जानी है। छात्रों के लिए विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं लगेगी। जिसमें शामिल होने के लिए छात्रों को भी परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना होगा। इन सभी का मूल्यांकन विद्यालयों को अच्छी श्रेणी में शामिल कराएगा। जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा, जिसके लिए भी जल्द ही एक मोबाइल एप को लांच किया जाना है।
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इन मानकों पर मिलेंगे अंक
. विद्यालयों के परीक्षाफल कक्षावार व बोर्ड परीक्षाफल व शैक्षणिक उत्कृष्टता का मूल्यांकन ।
. पाठ्यक्रम के लक्ष्य के अनुसार शिक्षण कार्य में पूर्णता ।
. छात्रों का नामांकन व उसके सापेक्ष उपस्थिति ।
. शिक्षक, स्टॉफ विवरण व उसके सापेक्ष उपस्थिति।
. भौतिक संसाधन।
. विद्यालय परिसर का सुंदरीकरण एवं रख रखाव।
. पाठ्य सहगामी क्रियाकलाप।
. पाठ्येत्तर क्रियाकलाप ।
नोट: इन मानकों का पूर्णांक 200 अंक का होगा।