{"_id":"5ecabbc68ebc3e903e71a6e3","slug":"eia-mubarak-jpnagar-news-mbd3502904200","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना ने चांद रात की रौनक छीनी, दुपट्टा-मैचिंग चूड़ियों की जद्दोजहद नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना ने चांद रात की रौनक छीनी, दुपट्टा-मैचिंग चूड़ियों की जद्दोजहद नहीं
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अमरोहा। कोरोना वायरस ने चांद रात की रौनक को छीन ली। इफ्तार के वक्त शाम लगभग सात बजे आसमान में चांद नजर आया, लेकिन इस बार कोई हड़बड़ी नहीं रही। कोई भी बाजार का रुख नहीं किया। दरअसल इस बार शहर के बाजार बंद रहें। इसके चलते चहल पहल नहीं रही। न तो दुपट्टों की मैचिंग के लिए युवती और महिलाओं की भीड़ नहीं दिखी। इसके अलावा मैचिंग चूड़ियों को लेकर दुकानों के काउंटर पर जद्दोजहद नहीं रहीं। आर्टिफिशियल ज्वेलरी और पसंद के फुटवियर भी नहीं देखे गए।
आम दिनों में चांद रात अपने शबाब पर रहता है लेकिन इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते लॉक डाउन जारी है। रविवार को सन्नाटा रहा। शहर के गुजरी, चकली, बसावनगंज बाजार, शफातपोता, नौबतखाना, कटरा गुलाम अली समेत अन्य मोहल्लों में चांद रात में गहमागहमी रहती है। कोरोना वायरस के खौफ ने लॉक डाउन में सब कुछ बदल दिया है। चांद रात को दोपहर के बाद से बाजार में चहल पहल शुरु हो जाती है। विभिन्न इलाकों के बाजार पूरी रात गुलजार रहते हैं। युवती और महिलाएं दुपट्टों और फुटवियर के अलावा मैचिंग चूड़ियों की जद्दोजहद में रहती है लेकिन इस बार लॉक डाउन के चलते मार्केट बंद रहा। लिहाजा इन सब चीजों के खरीदार बाजार में नहीं आएं। अलबत्ता कुछ युवतियों ने ऑर्डर और सुबह में दुकानों से सामानों की खरीदारी की।
मस्जिद से घर लौटे ऐतकाफ में बैठे अकीदतमंद
अमरोहा। रमजान के 30 रोजा मुकम्मल होने के साथ ही ऐतकाफ में बैठे लोग घर को लौट आएं। यह लोग 14 मई को असिर की नमाज के बाद मस्जिद में आ गए। उस वक्त से यह लोग मस्जिदों में कयाम कर रहे थे। रविवार को मस्जिद में इफ्तार किया। नमाज अदा की। इसके बाद घर को लौट गए।
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चांद रात में रोजा कुबूल होने की दुआएं
अमरोहा। चांद रात ईनाम की रात होती है। इस रात को अल्लाह अपने बंदों को नवाजते हैं। ईशा की नमाज के बाद लोग नफिल की अदायगी की। उन्होंने कुरआन की तिलावत की। अल्लाह से रोजा के कुबूल करने की दुआएं मांगी।
चांद देखने के साथ सोशल मीडिया पर बधाई का सिलसिला
अमरोहा। जैसे ही चांद का दीदार हुआ लोगों ने ईद की बधाई देनी शुरु कर दी। हिंदू भाइयों ने व्हाट्सएप के जरिए मुबारकबाद दी। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने चांद को देखा और अल्लाह का शुक्रिया अदा किया। व्हाट्सएप, फेसबुक और ट्वीटर के जरिए एक दूसरे से खुशियों को साझा किया।
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आम दिनों में चांद रात अपने शबाब पर रहता है लेकिन इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते लॉक डाउन जारी है। रविवार को सन्नाटा रहा। शहर के गुजरी, चकली, बसावनगंज बाजार, शफातपोता, नौबतखाना, कटरा गुलाम अली समेत अन्य मोहल्लों में चांद रात में गहमागहमी रहती है। कोरोना वायरस के खौफ ने लॉक डाउन में सब कुछ बदल दिया है। चांद रात को दोपहर के बाद से बाजार में चहल पहल शुरु हो जाती है। विभिन्न इलाकों के बाजार पूरी रात गुलजार रहते हैं। युवती और महिलाएं दुपट्टों और फुटवियर के अलावा मैचिंग चूड़ियों की जद्दोजहद में रहती है लेकिन इस बार लॉक डाउन के चलते मार्केट बंद रहा। लिहाजा इन सब चीजों के खरीदार बाजार में नहीं आएं। अलबत्ता कुछ युवतियों ने ऑर्डर और सुबह में दुकानों से सामानों की खरीदारी की।
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मस्जिद से घर लौटे ऐतकाफ में बैठे अकीदतमंद
अमरोहा। रमजान के 30 रोजा मुकम्मल होने के साथ ही ऐतकाफ में बैठे लोग घर को लौट आएं। यह लोग 14 मई को असिर की नमाज के बाद मस्जिद में आ गए। उस वक्त से यह लोग मस्जिदों में कयाम कर रहे थे। रविवार को मस्जिद में इफ्तार किया। नमाज अदा की। इसके बाद घर को लौट गए।
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चांद रात में रोजा कुबूल होने की दुआएं
अमरोहा। चांद रात ईनाम की रात होती है। इस रात को अल्लाह अपने बंदों को नवाजते हैं। ईशा की नमाज के बाद लोग नफिल की अदायगी की। उन्होंने कुरआन की तिलावत की। अल्लाह से रोजा के कुबूल करने की दुआएं मांगी।
चांद देखने के साथ सोशल मीडिया पर बधाई का सिलसिला
अमरोहा। जैसे ही चांद का दीदार हुआ लोगों ने ईद की बधाई देनी शुरु कर दी। हिंदू भाइयों ने व्हाट्सएप के जरिए मुबारकबाद दी। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने चांद को देखा और अल्लाह का शुक्रिया अदा किया। व्हाट्सएप, फेसबुक और ट्वीटर के जरिए एक दूसरे से खुशियों को साझा किया।