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शिक्षा से ही खुलते हैं तरक्की के द्वार : फैज आलम
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अमरोहा।
सामाजिक संस्था मदद फाउंडेशन के स्थापना दिवस पर हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति फैज आलम खान ने कहा कि शिक्षा के बिना कुछ भी हासिल हो पाना मुश्किल है। उन्होंने कहा, शिक्षा से ही तरक्की के द्वार खुलते हैं।
अमरोहा के कैलसा बाईपास स्थित एक बैंक्वेट हॉल में शनिवार रात कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी शुरुआत कारी अदनान ने तिलावत-ए-कुरान से की। मुफ्ती सैय्यद मोहम्मद अफ्फान मंसूरपुरी ने अतिथियों का स्वागत किया। साथ ही फाउंडेशन स्तर से किए जा रहे सामाजिक कार्यों के बारे में बताया। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति फैज आलम खान ने शिक्षा के महत्व को बताया। कहा, शिक्षा एक ऐसा हथियार है जिससे बड़ी से बड़ी लड़ाई जीती जा सकती है। फाउंडेशन पदाधिकारियों को इस दिशा में और प्रभावी काम करने के लिए प्रेरित किया। एएमयू की फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के रिटायर्ड डीन डाॅ. हाशिम खान ने कोरोना कॉल में की गई समाज सेवा पर युवाओं का हौसला बढ़ाया। अतिथियों को अमरोहा आइकन अवार्ड से सम्मानित किया गया। भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की गैर मौजूदगी में उनका अवॉर्ड भाई मोहम्मद हसीब को दिया गया। वहीं, विभिन्न क्षेत्र में काम कर रहे युवाओं को भी मदद आइकन अवार्ड से सम्मानित किया गया। संचालन मास्टर असलम उस्मानी ने किया। इस दौरान काशिफ खान, मुराद आरिफ, तंजील हामिद, फैजान मसरूर, अनवर फरीदी, मोहम्मद अहमद जैदी आदि मौजूद रहे। मुल्क में अमन-चैन व कौम की सलामती व खुशहाली के लिए दुआ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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सामाजिक संस्था मदद फाउंडेशन के स्थापना दिवस पर हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति फैज आलम खान ने कहा कि शिक्षा के बिना कुछ भी हासिल हो पाना मुश्किल है। उन्होंने कहा, शिक्षा से ही तरक्की के द्वार खुलते हैं।
अमरोहा के कैलसा बाईपास स्थित एक बैंक्वेट हॉल में शनिवार रात कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी शुरुआत कारी अदनान ने तिलावत-ए-कुरान से की। मुफ्ती सैय्यद मोहम्मद अफ्फान मंसूरपुरी ने अतिथियों का स्वागत किया। साथ ही फाउंडेशन स्तर से किए जा रहे सामाजिक कार्यों के बारे में बताया। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति फैज आलम खान ने शिक्षा के महत्व को बताया। कहा, शिक्षा एक ऐसा हथियार है जिससे बड़ी से बड़ी लड़ाई जीती जा सकती है। फाउंडेशन पदाधिकारियों को इस दिशा में और प्रभावी काम करने के लिए प्रेरित किया। एएमयू की फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के रिटायर्ड डीन डाॅ. हाशिम खान ने कोरोना कॉल में की गई समाज सेवा पर युवाओं का हौसला बढ़ाया। अतिथियों को अमरोहा आइकन अवार्ड से सम्मानित किया गया। भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की गैर मौजूदगी में उनका अवॉर्ड भाई मोहम्मद हसीब को दिया गया। वहीं, विभिन्न क्षेत्र में काम कर रहे युवाओं को भी मदद आइकन अवार्ड से सम्मानित किया गया। संचालन मास्टर असलम उस्मानी ने किया। इस दौरान काशिफ खान, मुराद आरिफ, तंजील हामिद, फैजान मसरूर, अनवर फरीदी, मोहम्मद अहमद जैदी आदि मौजूद रहे। मुल्क में अमन-चैन व कौम की सलामती व खुशहाली के लिए दुआ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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