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Amroha News: मौसम बदलने से बढ़ रहे जुकाम और खांसी के मरीज, निमोनिया पीड़ित तीन बच्चे भर्ती
Thu, 12 Dec 2024 01:22 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 12 Dec 2024 01:22 PM IST
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अमरोहा। ठंड बढ़ने के साथ ही लोगों की परेशानी भी बढ़ने लगी है, जिसके कारण बुधवार को जिला अस्पताल में काफी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचे। अस्पताल में अधिकतर वायरल बुखार, सर्दी-खांसी सहित अन्य बीमारी से ग्रसित मरीज पहुंच रहे हैं। निमोनिया पीड़ित तीन बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
मौसम में हुए परिवर्तन के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। इस दौरान स्वास्थ्य का ख्याल रखना जरूरी है। मौसम के बदलने से हर उम्र के लोग सर्दी, खांसी, बुखार के प्रकोप से परेशान हो रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही बीमारी को बढ़ा रही है। स्वास्थ्य विभाग भी लगातार नजर रखे हुए है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को 866 मरीज इलाज कराने पहुंचे। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने कहा कि ठंड के मौसम में निमोनिया का खतरा रहता है। यदि इसका उपचार न किया जाए तो यह नुकसानदेह भी हो सकता है। यह बैक्टीरिया से होने वाला इंफेक्शन है और इसके कारण आपको दूसरी विभिन्न बीमारियां भी हो सकती है। कुछ स्थितियों में इसका इलाज केवल चिकित्सक को दिखाने भर से और एंटीबायोटिक लेने से भी काम चल जाता है, लेकिन बीमारी के लक्षणों के आधार पर कभी-कभी मरीज को अधिक देखभाल की जरूरत होती है। इसके लिए अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत हो सकती है। ठंड के मौसम में हमेशा खाने से पहले हाथ धोना चाहिए, ताकि कीटाणु हमसे दूर रहें। इसके साथ ही हमेशा कान ढककर और मौजा पहनकर शरीर को गर्म रखने का प्रयास करना चाहिए।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सतर्कता बरतने की जरूरत
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि ताजा भोजन और पानी को गर्म कर पीना बेहतर है। सर्दी-खांसी और बुखार होने पर तत्काल इलाज कराएं। सर्दियों में सेहत के प्रति लापरवाही बरतने पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में कई बीमारियां हो रही हैं। इस मौसम में अस्पताल में सर्दी और खांसी से परेशान मरीज पहुंच रहे हैं। ठंड में हो रही बीमारी का सही से उपचार न किया जाए तो यह तेज सिर दर्द, खराब गले, बलगम जमा होना और नाक के इन्फेक्शन में बदल सकती है। वहीं, बीमार होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
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मौसम में हुए परिवर्तन के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। इस दौरान स्वास्थ्य का ख्याल रखना जरूरी है। मौसम के बदलने से हर उम्र के लोग सर्दी, खांसी, बुखार के प्रकोप से परेशान हो रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही बीमारी को बढ़ा रही है। स्वास्थ्य विभाग भी लगातार नजर रखे हुए है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को 866 मरीज इलाज कराने पहुंचे। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने कहा कि ठंड के मौसम में निमोनिया का खतरा रहता है। यदि इसका उपचार न किया जाए तो यह नुकसानदेह भी हो सकता है। यह बैक्टीरिया से होने वाला इंफेक्शन है और इसके कारण आपको दूसरी विभिन्न बीमारियां भी हो सकती है। कुछ स्थितियों में इसका इलाज केवल चिकित्सक को दिखाने भर से और एंटीबायोटिक लेने से भी काम चल जाता है, लेकिन बीमारी के लक्षणों के आधार पर कभी-कभी मरीज को अधिक देखभाल की जरूरत होती है। इसके लिए अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत हो सकती है। ठंड के मौसम में हमेशा खाने से पहले हाथ धोना चाहिए, ताकि कीटाणु हमसे दूर रहें। इसके साथ ही हमेशा कान ढककर और मौजा पहनकर शरीर को गर्म रखने का प्रयास करना चाहिए।
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बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सतर्कता बरतने की जरूरत
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि ताजा भोजन और पानी को गर्म कर पीना बेहतर है। सर्दी-खांसी और बुखार होने पर तत्काल इलाज कराएं। सर्दियों में सेहत के प्रति लापरवाही बरतने पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में कई बीमारियां हो रही हैं। इस मौसम में अस्पताल में सर्दी और खांसी से परेशान मरीज पहुंच रहे हैं। ठंड में हो रही बीमारी का सही से उपचार न किया जाए तो यह तेज सिर दर्द, खराब गले, बलगम जमा होना और नाक के इन्फेक्शन में बदल सकती है। वहीं, बीमार होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
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