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Amroha News: चार माह पहले व्यक्ति को कुत्ते ने काटा, नहीं लगवाई वैक्सीन, चली गई जान
Thu, 11 Jul 2024 06:21 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 11 Jul 2024 06:21 AM IST
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झाड़ फूंक के चक्कर में पड़े रहे परिजन, रैबीज से मौत हो गई
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
हसनपुर। नगर में एक व्यक्ति को घर के पास ही पागल कुत्ते ने काट लिया। इसके बाद मजदूर ने एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं लगवाया बल्कि झाड़ फूंक का सहारा लिया। चार माह बाद मजदूर रैबीज बीमारी लग गई और अचानक मौत हो गई। शव को सुपुर्द- ए- खाक कर दिया गया है।
नगर के मोहल्ला कनेटा रोड निवासी 45 वर्षीय हबीब अली पुत्र हनीफ अली का परिवार रहता है। हनीफ मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते थे। हबीब को करीब चार महीने पहले घर के नजदीक ही एक पागल कुत्ते ने पैर में काट लिया था। बताते हैं कि कुत्ते के काटने के बाद भी हबीब अली ने एंटी रैबीज का इंजेक्शन नहीं लगवाया था। वह झाड़-फूंक वालों के पास जाकर लौट आए थे। पिछले सात दिनों से हबीब की तबीयत ज्यादा खराब चल रही थी। उनमें रैबीज के लक्षण भी प्रतीत हो रहे थे। परिजन निजी चिकित्सक से उपचार करा रहे थे।
मंगलवार शाम को हबीब की मौत हो गई। मौत की सूचना से परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही शव को सुपुर्द- ए- खाक कर दिया है। मृतक ने अपने पीछे एक बेटा व तीन बेटी को छोड़ा है। बताते हैं कि हबीब मूल रूप से रहरा थाना क्षेत्र के गांव मटीपुरा के रहने वाले थे। करीब दस साल पहले वह गांव से हसनपुर में आकर बस गए थे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर ध्रुवेन्द्र सिंह का कहना है कि इस तरह किसी मामले की कोई सूचना नहीं मिली है। अस्पताल में एंटी रैबीज के इंजेक्शन उपलब्ध हैं।
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एंटी रैबीज इंजेक्शन न लगवाना खतरनाक, जा सकती है जान
अमरोहा। कुत्ता, बंदर और गीदड़ काटे तो लापरवाही बरतना घातक साबित हो सकता है। एंटी रैबीज वैक्सीन न लगवाने पर जान पर भारी पड़ सकता है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि कुत्ता, बंदर, गीदड़ या बिल्ली जब ये पागल हो जाते हैं तो रैबीज का बैक्टिरिया बहुत अधिक बढ़ जाता है। यदि किसी को ये काट लें तो रैबीज का इंजेक्शन अवश्य लगवाना चाहिए। साथ ही डॉक्टर से संपर्क करें। कुत्ते के काटने पर 24 घंटे के अंदर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवा लेना चाहिए। बताया कि जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी में में भरपूर मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है।
रैबीज के यह हैं लक्षण
- पानी से भयभीत होते हैं, पानी नहीं पी पाते हैं।
- बुखार आना, सिर में दर्द होना।
- मुंह में लार अधिक बनना।
- मांसपेशियों में दर्द, मानसिक भ्रम होना।
काटने पर करें प्राथमिक उपाय
- 24 घंटे से पहले रैबीज वैक्सीन लगनी चाहिए।
- कार्बोनिक एसिड वाले साबुन से पानी तेज धार से घाव को साफ करें।
- टिटनेस का टीका लगवाएं और एंटी रैबीज वैक्सीन जरूर लगवा लें।
- वैक्सीन काटने के वक्त, फिर तीसरे दिन, पांचवें दिन, सातवें दिन, 11वें दिन लगेगी।
एंटी रैबीज वैक्सीन की उपलब्धता
अमरोहा जिला अस्पताल - 600
सीएचसी - 300
हसनपुर सीएचसी - 300
गजरौला सीएचसी - 300
मंडी धनौरा सीएचसी - 275
ढबारसी सीएचसी - 70
रहरा सीएचसी -100
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
हसनपुर। नगर में एक व्यक्ति को घर के पास ही पागल कुत्ते ने काट लिया। इसके बाद मजदूर ने एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं लगवाया बल्कि झाड़ फूंक का सहारा लिया। चार माह बाद मजदूर रैबीज बीमारी लग गई और अचानक मौत हो गई। शव को सुपुर्द- ए- खाक कर दिया गया है।
नगर के मोहल्ला कनेटा रोड निवासी 45 वर्षीय हबीब अली पुत्र हनीफ अली का परिवार रहता है। हनीफ मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते थे। हबीब को करीब चार महीने पहले घर के नजदीक ही एक पागल कुत्ते ने पैर में काट लिया था। बताते हैं कि कुत्ते के काटने के बाद भी हबीब अली ने एंटी रैबीज का इंजेक्शन नहीं लगवाया था। वह झाड़-फूंक वालों के पास जाकर लौट आए थे। पिछले सात दिनों से हबीब की तबीयत ज्यादा खराब चल रही थी। उनमें रैबीज के लक्षण भी प्रतीत हो रहे थे। परिजन निजी चिकित्सक से उपचार करा रहे थे।
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मंगलवार शाम को हबीब की मौत हो गई। मौत की सूचना से परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही शव को सुपुर्द- ए- खाक कर दिया है। मृतक ने अपने पीछे एक बेटा व तीन बेटी को छोड़ा है। बताते हैं कि हबीब मूल रूप से रहरा थाना क्षेत्र के गांव मटीपुरा के रहने वाले थे। करीब दस साल पहले वह गांव से हसनपुर में आकर बस गए थे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर ध्रुवेन्द्र सिंह का कहना है कि इस तरह किसी मामले की कोई सूचना नहीं मिली है। अस्पताल में एंटी रैबीज के इंजेक्शन उपलब्ध हैं।
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एंटी रैबीज इंजेक्शन न लगवाना खतरनाक, जा सकती है जान
अमरोहा। कुत्ता, बंदर और गीदड़ काटे तो लापरवाही बरतना घातक साबित हो सकता है। एंटी रैबीज वैक्सीन न लगवाने पर जान पर भारी पड़ सकता है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि कुत्ता, बंदर, गीदड़ या बिल्ली जब ये पागल हो जाते हैं तो रैबीज का बैक्टिरिया बहुत अधिक बढ़ जाता है। यदि किसी को ये काट लें तो रैबीज का इंजेक्शन अवश्य लगवाना चाहिए। साथ ही डॉक्टर से संपर्क करें। कुत्ते के काटने पर 24 घंटे के अंदर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवा लेना चाहिए। बताया कि जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी में में भरपूर मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है।
रैबीज के यह हैं लक्षण
- पानी से भयभीत होते हैं, पानी नहीं पी पाते हैं।
- बुखार आना, सिर में दर्द होना।
- मुंह में लार अधिक बनना।
- मांसपेशियों में दर्द, मानसिक भ्रम होना।
काटने पर करें प्राथमिक उपाय
- 24 घंटे से पहले रैबीज वैक्सीन लगनी चाहिए।
- कार्बोनिक एसिड वाले साबुन से पानी तेज धार से घाव को साफ करें।
- टिटनेस का टीका लगवाएं और एंटी रैबीज वैक्सीन जरूर लगवा लें।
- वैक्सीन काटने के वक्त, फिर तीसरे दिन, पांचवें दिन, सातवें दिन, 11वें दिन लगेगी।
एंटी रैबीज वैक्सीन की उपलब्धता
अमरोहा जिला अस्पताल - 600
सीएचसी - 300
हसनपुर सीएचसी - 300
गजरौला सीएचसी - 300
मंडी धनौरा सीएचसी - 275
ढबारसी सीएचसी - 70
रहरा सीएचसी -100