फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Disagreement between Amroha and Meerut administrations regarding thousands of bighas of land in Rayvanadallipur.

Amroha News: रायवानादल्लीपुर की हजारों बीघा भूमि पर अमरोहा और मेरठ प्रशासन में मतभेद

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2026 01:20 AM IST
विज्ञापन
Disagreement between Amroha and Meerut administrations regarding thousands of bighas of land in Rayvanadallipur.
मंडी धनौरा। खादर क्षेत्र के गैर आबाद गांव रायवानादल्लीपुर की करोड़ों रुपये मूल्य की हजारों बीघा भूमि के स्वामित्व को लेकर अमरोहा और मेरठ जिला प्रशासन के बीच मतभेद गहरा गया है। बुधवार को दोनों जिलों के राजस्व अधिकारियों ने वन विभाग की टीम के साथ संयुक्त निरीक्षण किया, लेकिन गंगा नदी के कटान से बदले भू-भाग और पुराने नक्शों का मिलान नहीं होने से स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। अब मामले का निस्तारण जिला स्तरीय अधिकारियों के स्तर पर किया जाएगा।
विज्ञापन

गंगा नदी के दूसरी ओर स्थित रायवानादल्लीपुर गांव की भूमि लंबे समय से विवाद का विषय बनी हुई है। इस भूमि पर अमरोहा और मेरठ जनपद के कई ग्रामीण अपने-अपने पट्टों के आधार पर दावा करते हैं। हाल ही में सर्वे ऑफ इंडिया ने क्षेत्र का सर्वे कर रिपोर्ट दोनों जिलों के प्रशासन को सौंपी है। हालांकि वर्षों में गंगा के कटान से पुराने सीमांकन के निशान समाप्त हो जाने के कारण वास्तविक सीमा तय करना मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन

अमरोहा प्रशासन का दावा है कि संबंधित भूमि उसके जनपद की सीमा में स्थित वन विभाग की भूमि है। वर्ष 2025 में इस भूमि के सैकड़ों बीघा हिस्से में किसानों ने गेहूं की फसल बो दी थी, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच कई महीनों तक तनाव की स्थिति बनी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

बुधवार को मंडी धनौरा और मवाना के एसडीएम अपनी-अपनी राजस्व टीमों तथा वन विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान कुछ किसानों द्वारा भूमि पर खेती किए जाने की जानकारी भी मिली। दोनों पक्षों ने अपने-अपने अभिलेख और नक्शों के आधार पर दावा किया, लेकिन गंगा के कटान के कारण नक्शों का मौके की स्थिति से मिलान नहीं हो सका।

मेरठ प्रशासन भूमि को अपने जनपद का हिस्सा बता रहा था, जबकि धनौरा एसडीएम ने सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के आधार पर इसे अमरोहा की भूमि बताया। फिलहाल किसी प्रकार की राजस्व कार्रवाई नहीं की गई है। अब दोनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारी अभिलेखों और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लेंगे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed