{"_id":"5bb3d253867a554f1f568f46","slug":"danger-roads-distribute-pain-to-passanger-in-amroha","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमरोहा में राहगीरों में दर्द बांट रहीं जिले की जर्जर सड़कें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरोहा में राहगीरों में दर्द बांट रहीं जिले की जर्जर सड़कें
ब्यूरो/अमर उजाला,अमरोहा।
Updated Wed, 03 Oct 2018 01:47 AM IST
विज्ञापन
कैलशा बाईपास पर टूटी पड़ी सड़क।
- फोटो : amar ujala
गड्ढे युक्त जर्जर सड़कें लोगों को तिल-तिल सताने वाला दर्द दे रही हैं। जानकारी के अभाव में लोग इससे अंजान हैं। 40 की उम्र के लोग जिन्हें अक्सर कमर दर्द की शिकायत रहती है और उन्हें रोजाना जर्जर सड़कों से गुजरकर अपने काम पर जाना होता है तो ऐसे में डिस्क स्लिप का खतरा दोगुना तक बढ़ जाता है। हड्डी रोग विशेषज्ञों की ऐसे लोगों को लेकर राय है कि गड्ढे वाली सड़कों से गुजरने में परहेज करें। वरना एक बार डिस्क स्लिप की समस्या हुई तो इससे ताउम्र परेशानी उठानी पड़ सकती है।
जर्जर सड़कों पर मजबूरी में रोजाना ड्राइविंग करने से नसों की समस्याओं से भी गुजरना पड़ सकता है। इससे हाथ-पैर की खासकर गर्दन की नसों में खिंचाव आ जाता है। जो कि सबसे ज्यादा तकलीफदेह साबित होती है। ऐसे रास्तों पर ड्राइविंग से नसें सुन्न होने के कारण हाथ-पैर में दर्द के साथ झनझनाहट के अलावा कंधों की शोल्ड फ्रोजन की समस्या पैदा हो जाती है। कई बार तो कंधे एकदम जाम हो जाते हैं।
इस समस्या से जूझ रहे लोग भारी वजन नहीं उठा सकते। काम के बाद घर तक पहुंचने वाले लोगों को सुबह के समय उठने वक्त सिर व गर्दन में दर्द, थकान, बुखार के रूप में जर्जर सड़कों से गुजरने के लक्षण दिखायी देते हैं। क्योंकि वास्तव में इस दौरान उनके शरीर का पूरा ढांचा ही प्रभावित हो जाता है। जानकारी के अभाव में लोग इसे अनदेखा कर देते हैं। लोगों को तिल-तिल सताने वाला यह दर्द गड्ढे युक्त सड़कें दे रही हैं। इनमें सबसे ज्यादा खतरनाक है डिस्क स्लिप की बीमारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जर्जर सड़कों पर मजबूरी में रोजाना ड्राइविंग करने से नसों की समस्याओं से भी गुजरना पड़ सकता है। इससे हाथ-पैर की खासकर गर्दन की नसों में खिंचाव आ जाता है। जो कि सबसे ज्यादा तकलीफदेह साबित होती है। ऐसे रास्तों पर ड्राइविंग से नसें सुन्न होने के कारण हाथ-पैर में दर्द के साथ झनझनाहट के अलावा कंधों की शोल्ड फ्रोजन की समस्या पैदा हो जाती है। कई बार तो कंधे एकदम जाम हो जाते हैं।
विज्ञापन
इस समस्या से जूझ रहे लोग भारी वजन नहीं उठा सकते। काम के बाद घर तक पहुंचने वाले लोगों को सुबह के समय उठने वक्त सिर व गर्दन में दर्द, थकान, बुखार के रूप में जर्जर सड़कों से गुजरने के लक्षण दिखायी देते हैं। क्योंकि वास्तव में इस दौरान उनके शरीर का पूरा ढांचा ही प्रभावित हो जाता है। जानकारी के अभाव में लोग इसे अनदेखा कर देते हैं। लोगों को तिल-तिल सताने वाला यह दर्द गड्ढे युक्त सड़कें दे रही हैं। इनमें सबसे ज्यादा खतरनाक है डिस्क स्लिप की बीमारी।
विज्ञापन