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ब्रजघाट में नहीं मिली जगह तो तिगरी में लेकर आए शव, बेटी ने दी मुखाग्नि
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गजरौला (अमरोहा)। कोरोना संक्रमितों की मौतों से श्मशान घाटों में भी जगह कम पड़ने लगी है। ब्रजघाट और गंगाधाम तिगरी में भी दूर तक लाइन से शवों का अंतिम संस्कार कराया जा रहा है। ब्रजघाट में तो जगह भी कम पड़ने लगी है। यही वजह है कि नोएडा में संक्रमित पिता का शव लेकर परिजनों के साथ आई पुत्री को उनका अंतिम संस्कार तिगरी में करना पड़ा। वहां बेटी ने ही उन्हें मुखाग्नि भी दी।
बुधवार की दोपहर दो बजे तिगरी में एक निजी एंबुलेंस में कोरोना संक्रमित शख्स का शव लाया गया। अंत्येष्टि स्थल पर काफी आगे जाकर उनके लिए चिता तैयार कराई गई। यहां शव के साथ आई पुत्री ने उन्हें मुखाग्नि दी। रोते हुए बताया कि वह नोएडा की एक आईटी कंपनी में जॉब करती हैं। मूल रूप से अलीगढ़ निवासी पिता काफी दिनों से उनके पास रहकर ही उपचार करा रहे थे। बुधवार की सुबह आठ बजे उनकी एक निजी हास्पिटल में मौत हो गई। साथ में केवल मां, भाई और उनके आफिस के दो सहकर्मी थे। दोपहर एक बजे शव लेकर ब्रजघाट पहुंचे तो वहां दूर तक चिताएं चलती नजर आईं। बताया कि कुछ घंटे रुकना पड़ेगा। इसी दौरान किसी ने उन्हें बताया कि यहां से गंगाधाम तिगरी पास ही पड़ता है। वहां कोई दिक्कत नहीं आएगी। इसके बाद वह अपने पिता के शव को यहां लेकर आईं। बता दें कि इन दिनों ब्रजघाट और तिगरी दोनों ही स्थानों पर बड़ी संख्या में शवों का अंतिम संस्कार हो रहा है। ब्रजघाट में तो सूखी लकड़ियां तक नहीं मिल पा रही हैं। वहां के होटलों में भी ग्राहकों की भीड़ लगी है।
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बुधवार की दोपहर दो बजे तिगरी में एक निजी एंबुलेंस में कोरोना संक्रमित शख्स का शव लाया गया। अंत्येष्टि स्थल पर काफी आगे जाकर उनके लिए चिता तैयार कराई गई। यहां शव के साथ आई पुत्री ने उन्हें मुखाग्नि दी। रोते हुए बताया कि वह नोएडा की एक आईटी कंपनी में जॉब करती हैं। मूल रूप से अलीगढ़ निवासी पिता काफी दिनों से उनके पास रहकर ही उपचार करा रहे थे। बुधवार की सुबह आठ बजे उनकी एक निजी हास्पिटल में मौत हो गई। साथ में केवल मां, भाई और उनके आफिस के दो सहकर्मी थे। दोपहर एक बजे शव लेकर ब्रजघाट पहुंचे तो वहां दूर तक चिताएं चलती नजर आईं। बताया कि कुछ घंटे रुकना पड़ेगा। इसी दौरान किसी ने उन्हें बताया कि यहां से गंगाधाम तिगरी पास ही पड़ता है। वहां कोई दिक्कत नहीं आएगी। इसके बाद वह अपने पिता के शव को यहां लेकर आईं। बता दें कि इन दिनों ब्रजघाट और तिगरी दोनों ही स्थानों पर बड़ी संख्या में शवों का अंतिम संस्कार हो रहा है। ब्रजघाट में तो सूखी लकड़ियां तक नहीं मिल पा रही हैं। वहां के होटलों में भी ग्राहकों की भीड़ लगी है।
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